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    नहर बनी काल: भांजी को बचाने उतरे मामा की भी गई जान, दोनों की डूबकर मौत

    राजस्थान के फलोदी के नोख थाना क्षेत्र में नहर में डूबने से एक मामा-भांजी की मौत हो गई. मामा भांजी को बचाने के लिए नहर में उतरे थे. लेकिन वह न अपनी जान बचा पाए और न ही अपनी भांजी की और दोनों की मौत हो गई. मृतक लड़की के पिता ने थाने में घटना की जानकारी दी. मृतका के पिता ने बताया कि उसकी 12 साल की बेटी पपीता कालबेलिया की नहर में डूबने से मौत हो गई. वहीं पारसनाथ कालबेलिया ने बताया कि उसके भाई सोमनाथ की नहर में डूबने से मौत हो गई.

    बताया जा रहा है कि दोनों मृतक आपस में मामा-भांजी है. नोख थानाधिकारी शारदा बिश्नोई ने बताया कि पालडी सिध्दा बोरूंदा के रहने वाले मृतक सोमनाथ कालबेलिया और महादेव नगर बोरूंदा की रहने वाली पपीता कालबेलिया नोख मे खेती का काम करने आए थे. इस दौरान वह नहर क्षेत्र में घूमने गए, जहां पपीता एक रस्सी बांधकर बच्चों को लेकर नहाने के लिए नहर में उतर गई.

    नहीं बचा पाए अपनी जान

    इस दौरान अचानक रस्सी खुल गई और बच्चों के साथ पपीता कालबेलिया नहर में बहने लगी. उसने अपने मामा सोमनाथ कालबेलिया को बचाने के लिए आवाज लगाई. अपनी भांजी और दो मासूम बच्चों को पानी में बहता देखकर सोमनाथ तुरंत पानी में कूद गया. इसके बाद बच्चों को सोमनाथ ने नहर से बाहर उछालकर फेंक दिया और उनकी जान बचा ली. लेकिन वह अपनी भांजी और अपनी जान नहीं बचा पाया.

    मौके पर पहुंची गोताखोरों की टीम

    सोमनाथ और पपीता नहर से नहीं निकल पाए और उनकी नहर में डूबने से मौत हो गई. घटना की जानकारी मिलने पर गोताखोरों की टीम मौके पर पहुंची और रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया गया. दोनों के शव नहर से बाहर निकाले गए, जिसके बाद दोनों मृतकों के शव को नोख सीएचसी मोर्चरी में रखवाया गया है. मामा-भांजी की मौत के बाद परिवार में मातम का माहौल है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है.

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