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    एकतरफा प्रेम बना जानलेवा, सनकी आशिक ने नर्स को उतारा मौत के घाट

    सागर। बहुचर्चित दीपशिखा हत्याकांड में पुलिस प्रशासन को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है, जहां मुख्य आरोपी सुशील चढ़ार को गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस कस्टडी में कड़ी पूछताछ के दौरान आरोपी ने अपना अपराध स्वीकार कर लिया है। आरोपी ने खुलासा किया कि वारदात को अंजाम देने के बाद वह करीब चार महीने तक मुंबई, पीथमपुर और अहमदाबाद जैसे विभिन्न शहरों में अपने ठिकाने बदल-बदल कर कानून की नजरों से बचता रहा। पुलिस की ट्रैकिंग से बचने के लिए उसने इस पूरी अवधि में मोबाइल फोन का इस्तेमाल करना भी पूरी तरह बंद कर दिया था।

    बीमार मां से मिलने आते ही चढ़ा पुलिस के हत्थे

    लंबे समय से फरार चल रहे आरोपी सुशील को जब अपने गांव से सूचना मिली कि उसकी माताजी का स्वास्थ्य काफी खराब है, तो वह उनसे मिलने के लिए गुपचुप तरीके से वापस लौटा। इसी दौरान मुस्तैद पुलिस टीम ने घेराबंदी कर उसे दबोच लिया। मामले की तफ्तीश में यह बात भी सामने आई है कि हत्या में प्रयुक्त हथियार आरोपी को उसके चचेरे भाई सौरभ चढ़ार ने उपलब्ध कराया था, जिसे पुलिस ने सह-आरोपी बनाते हुए सलाखों के पीछे भेज दिया है। पुलिस ने वारदात में इस्तेमाल की गई पिस्तौल भी बरामद कर ली है। पुलिस अधीक्षक के अनुसार, मृतका दीपशिखा चढ़ार (26 वर्ष) जबलपुर के पाटन क्षेत्र की निवासी थीं।

    एकतरफा प्यार और शादी टूटने का प्रतिशोध

    दीपशिखा पिछले दो सालों से शाहगढ़ के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में नर्सिंग ऑफिसर के रूप में अपनी सेवाएं दे रही थीं। आरोपी सुशील उससे एकतरफा प्रेम करता था और उस पर विवाह करने का दबाव बना रहा था, परंतु दोनों के परिवार इस रिश्ते के पक्ष में नहीं थे। इस बीच जब दीपशिखा का विवाह किसी दूसरे स्थान पर तय हो गया, तो सुशील ने उस पर वह शादी तोड़ने की जिद की। दीपशिखा द्वारा साफ तौर पर इनकार किए जाने के बाद आरोपी ने उसे रास्ते से हटाने की खौफनाक साजिश रची, क्योंकि वह उसे किसी और के साथ नहीं देख सकता था।

    ड्यूटी पर जाते समय अस्पताल के पास वारदात

    बीती 4 फरवरी की रात दीपशिखा की ड्यूटी रात 8 बजे से सुबह 8 बजे तक की थी। जब वह अपने किराए के आवास से पैदल ही अस्पताल की तरफ जा रही थीं, तभी अस्पताल के मुख्य द्वार के समीप घात लगाए बैठे सुशील ने उन्हें जबरन रोक लिया। दोनों के बीच तीखी बहस और धक्का-मुक्की हुई, जिससे दीपशिखा अनियंत्रित होकर सड़क पर गिर गईं। उनके गिरते ही आरोपी ने कट्टे से ताबड़तोड़ तीन राउंड फायरिंग कर दी। इनमें से एक निशाना चूक गया, जबकि दो गोलियां उनकी पीठ को भेदती हुई दिल के पास जा लगीं, जिससे अत्यधिक खून बहने के कारण मौके पर ही उनकी दर्दनाक मौत हो गई।

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