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    Homeराज्यमध्यप्रदेशBhojeshwar Temple में वरमाला पर बवाल, ‘परमीशन’ को लेकर कपल रोका गया

    Bhojeshwar Temple में वरमाला पर बवाल, ‘परमीशन’ को लेकर कपल रोका गया

    भोपाल|भोजपुर मंदिर में वरमाला की रस्म को लेकर विवाद खड़ा हो गया है. नवविवाहित दंपति का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें मंदिर परिसर में वरमाला को रोकने को लेकर बहस होती दिखाई दे रही है|

    क्या है पूरा मामला

    वर के रूप में दिखाई दे रहे युवक का नाम भूपेंद्र शर्मा है, जो रतापानी टाइगर रिजर्व में वन रक्षक के पद पर कार्यरत है. वीडियो में युवक खुद को भूपेंद्र शर्मा बताते हुए मंदिर परिसर में मौजूद सुरक्षा कर्मियों पर रस्म रोकने का आरोप लगा रहा है|

    युवक का पक्ष

    युवक का कहना है कि वह विधिवत शादी के बाद केवल दो मिनट के लिए वरमाला की प्रतीकात्मक रस्म और भगवान के दर्शन करने भोजपुर मंदिर पहुंचा था. उसके अनुसार, सुरक्षा कर्मियों ने उसे यह कहकर रोक दिया कि इसके लिए अनुमति लेना आवश्यक है. युवक ने वीडियो में कहा कि वह पूजा से मना नहीं कर रहे हैं, बल्कि वरमाला से मना कर रहे हैं|

    वीडियो में क्या दिख रहा है

    वायरल वीडियो में युवक मंदिर परिसर में खड़ा नजर आता है और कहता है, “पूजा से मना नहीं कर रहा है, वरमाला से मना कर रहा है.” वह सवाल करता है, “भगवान के मंदिर में भी परमिशन लेनी पड़े तो काहे का मंदिर?” वीडियो में युवक यह भी कहता है कि वह शादी के बाद भगवान शिव के मंदिर में अपनी अर्धांगिनी को अपनाने के लिए वरमाला की रस्म करना चाहता था, लेकिन छोटी-छोटी बातों को दिखावा बताकर मंदिर में शादी करने को नीचे दिखाया जा रहा है|वीडियो में मंदिर का सुरक्षाकर्मी ‘सेंट्रल मोन्यूमेंट’ और ‘आर्कियोलॉजिकल’ से अनुमति लेने की बात करता सुनाई देता है. अंत में युवक “हर हर महादेव” के नारे लगाते हुए युवती के गले में माला डाल देता है|

    सोशल मीडिया पोस्ट और प्रतिक्रिया

    युवक ने सोशल मीडिया पर लिखा कि मंदिर किसी के बाप का नहीं है. बताया जा रहा है कि वीडियो बनाने वाले युवक का नाम भूपेंद्र शर्मा है. भूपेंद्र 26 फरवरी को शादी के बाद अपनी पत्नी और कुछ परिजनों के साथ भोजपुर मंदिर पहुंचे थे. उनका कहना है कि वे केवल प्रतीकात्मक रस्म करना चाहते थे|

    नियम और प्रशासनिक पक्ष

    दरअसल, भोजपुर मंदिर भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) के अधीन संरक्षित स्मारक है. ऐसे में यहां सुरक्षा और प्रशासनिक नियम विभाग के अनुसार लागू होते हैं. मंदिर परिसर में छोटे से बड़े कार्यक्रम के लिए ASI से पूर्व अनुमति लेना आवश्यक होता है. युवक के पास अनुमति नहीं होने की वजह से सुरक्षा कर्मी वरमाला की रस्म करने से उसे रोक रहे थे|

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