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    पानी से ही हमारे जीवन में आएगी समृद्धि, बढ़ेगी हरियालीः जलपुरुष राजेंद्र सिंह

    अलवर. गुरुवार को तरुण भारत संघ के 50 वा स्वर्णिम वर्ष के शुभारंभ अवसर पर तीन दिवसीय नदी पुनर्जीवन नेतृत्व प्रशिक्षण शिविर का आयोजन किया गया। जिसमे भारत के मध्यप्रदेश, उत्तरप्रदेश, बिहार, कर्नाटक, महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल, दिल्ली, उड़ीसा आदि राज्यों से जल जंगल और जमीन के लिए काम करने वाले 150 से अधिक लोगो ने भाग लिया।

    इस अवसर पर तरुण भारत संघ के अध्यक्ष जलपुरुष राजेंद्र सिंह ने कहा कि पानी से ही हमारे जीवन में समृद्धि व स्वास्थ अच्छा रहेगा। पानी से ही प्रेम और । हरियाली हमे समृद्ध बनाएगी। आगे कहा किए आज तरुण भारत संघ ने जल, जंगल, जमीन के मुद्दे पर काम करते हुए 50 वें वर्ष में प्रवेश किया। हम ऐसे ही निरंतर जलवायु परिवर्तन अनुकूलन उन्मूलन का काम करते रहेंगे। पदमश्री तरुण भारत संघ के महामंत्री लक्ष्मण सिंह ने तरुण भारत संघ के पुराने काम को याद करते हुए कहा कि हम लोग गांव . गांव जाकर समाज को पानीदार बनाने के लिए कार्य किए। इसके लिए सामूहिक रूप से कड़ा संघर्ष किया लेकिन कभी रुके नहीं है। ऐसे संघर्ष की प्रेरणा तरुण भारत संघ देता है।

    तरुण भारत संघ के नदी पुनर्जीवन  कार्यों से दुनिया को लेनी चाहिए सीख 

    नीदरलैंड से विश्व बैंक और डबल्यू आर जी 2013 के पूर्व निदेशक वैज्ञानिक बासटियन ने कहा कि दुनिया में सुखाड़ . बाढ़ बढ़ रही है। ऐसे में सुखाड़ . बाढ़ मुक्ति के लिए तरुण भारत संघ के द्वारा किए गए नदी पुनर्जीवन कार्यों से दुनिया को सीख लेना चाहिए। डबल्यू एच एच से आई निवेदिता ने कहा कि हम पानी पर काम करने के लिए सदैव प्रयासरत है। हमे पानी के काम करने के प्ररेणा तरुण भारत संघ जैसी संस्थानों से ही मिलती है।

    जल से ही बनती है सामुदायिक समृद्धि 

    परमार्थ संस्थान के सचिव संजय सिंह ने कहा कि जल के लिए काम करना इस पृथ्वी का सबसे शुभ कार्य है । तरुण भारत संघ के निदेशक मौलिक सिसोदिया ने कहा कि । जल का कार्य ही प्रकृति के समृद्धि का रास्ता है। नालंदा प्रकाशन के अध्यक्ष नीरज कुमार ने कहा कि पानी के काम में महिलाओं का सर्वाधिक योगदान है । दुनिया को पानीदार बनाने के लिए जो 50 वर्ष से काम कर रहे है। पूरा काल संघर्ष का जिंदा दस्तावेज है।
    प्रो राणा प्रताप, लखनऊ ने कहा कि तरुण भारत संघ दुनिया में एक मात्र है,जिसने प्रत्यक्ष कार्य प्रदर्शन प्रयोगशाला का निर्माण किया है। ऐसे काम से सीख कर लोग कहीं भी नदी का काम करेंगे, सफलता मिलेगी। मैं केंद्रीय विश्व विद्यालय में अधिवक्ता रहा हूं लेकिन ऐसे प्रायशाला मैने कहीं नहीं देखी।।महाराष्ट्र से आए अरविंद महात्रे ने कहा किए राजेंद्र सिंह के प्रयासों से महाराष्ट्र में 108 नदियों पर काम शुरू हुआ है। यह हमारे लिए भागीरथ है।
    डब्ल्यू एचएच कंट्री हैड राकेश केटल ने कहा किए हम तरुण भारत संघ के साथ मिलकर कर रहे वर्षा जल संचयन कार्य से समुदाय के शुभ का कार्य कर पा रहा है। जिससे हम बहुत गौरांवित है।
    इस अवसर पर तभास की उपाध्यक्ष डॉ इंदिरा खुराना ने कहा कि, तरूण भारत संघ के उपाध्यक्ष पद में रहते हुए अपने आपको गौरांवित महसूस करती हूं ।इसके माध्यम से हम जलवायु परिवर्तन अनुकूलन, उन्मूलन का काम कर पा रहे है।

    जलपुरुष राजेंद्र सिंह  की पुस्तक पुनर्जीवित नदी नहरो का हुआ विमोचन

    इस अवसर पर जलपुरुष राजेंद्र सिंह जी द्वारा लिखित नालंदा प्रकाशन द्वारा प्रकाशित पुस्तक, पुनर्जीवित नदी नहरो, का विमोचन किया गया। इसके बाद तरुण भारत संघ के निदेशक मौलिक सिसोदिया और संजय सिंह ने चंबल के डाकुओं का बंदूक छोड़कर पानी का काम करने वाली प्रेरणा फिल्म का शुभारंभ किया गया।बगधारा संस्थान से आए जयेश जोशी ने कहा कि, आज तरुण आश्रम की जल प्रयोगशाला में जाकर नदी पुनर्जनन की प्रक्रिया को समझा । 19 नदियों को पुनर्जीवित कर चुका है और अब 23 नदियों चंबल की सहायक नदियों को पुनर्जीवित करने के कार्य में लगा है,मैने यह कार्य आंखो से देखा और समझा है। हम भी अपने क्षेत्र में वैसा ही काम करने की तैयारी कर रहे है।इस अवसर पर बागधारा संस्थान से जयेश जोशी, गांधी विचारक रमेश शर्मा, पत्रकार अनिल शर्मा, पत्रकार नीलम गुप्ता, नालन्दा प्रकाशन के अध्यक्ष नीरज कुमार, रमेश शर्मा दिल्ली, तरूण भारत संघ से चमन सिंह, पूजा भाटी, अर्निमा जैन, सुरेश रैकवार, रणवीर सिंह, छोटेलाल मीणा, राहुल सिसोदिया, सरोज सैनी, पारस प्रताप सिंह, वॉटर एड संस्थान से उत्कर्ष, अरवेंद्र महत्रे महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल से तुबन, वाल्मी धारवाड़ कर्नाटक से प्रो चन्न्या, प्रो चंद्र अप्पा, प्रो सवर्ण, प्रो सुनंदा, सिद्ध गोपाल सिंह, मनीष राजपूत, दीप सिंह, जितेंद्र सिंह, विशाल, आदि देश भर की संस्थानों के सदस्यों, नदियों पर काम करने वाले उपस्थित रहे।

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