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    साल की अंतिम गणेश चतुर्थी कब? लम्बोदर की पूजा से होगी धनवर्षा, भाग खड़ी होंगी खतरनाक शक्तियां

    हिंदू धर्म में किसी भी धार्मिक कार्य में सबसे पहले भगवान गणेश को याद किया जाता है, इसलिए वह प्रथम पूज्य देव भी कहलाते हैं. भगवान गणेश को गजानन, एकदंत, लम्बोदर और विघ्नहर्ता आदि नामों से भी जाना जाता है. श्री गणेश को प्रसन्न करने के लिए भक्त विनायक चतुर्थी का व्रत भी रखते हैं. इस साल की अंतिम विनायक चतुर्थी पौष माह के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि को मनाई जाएगी. इस दिन भद्रा और पंचक का संयोग बन रहा है. भद्रा का वास पाताल लोक में होने के कारण पूजा-पाठ पर इसका विशेष नकारात्मक प्रभाव नहीं माना जाता. लोकल 18 से बात करते हुए अंबाला के ज्योतिषाचार्य पंडित दीपलाल जयपुरी ने बताया कि इस बार विनायक चतुर्थी बुधवार से शुरू हो रही है. इस दिन पंचक होने के कारण इसे अशुभ नहीं माना जा रहा है. पंचांग के अनुसार, पौष शुक्ल चतुर्थी तिथि का आरंभ 23 दिसंबर को दोपहर 12:12 बजे होगा और समापन 24 दिसंबर को दोपहर 1:11 बजे होगा.

    दोगुना फल
    पंडित दीपलाल जयपुरी के मुताबिक, उदयातिथि के आधार पर विनायक चतुर्थी का व्रत 24 दिसंबर, बुधवार को रखा जाएगा. बुधवार का दिन गणेश जी को समर्पित होने के कारण इस दिन व्रत और पूजा करने से दोगुना फल मिलता है. विनायक चतुर्थी को विघ्नेश्वर चतुर्थी भी कहा जाता है. इस दिन विधि-विधान से व्रत और गणेश पूजन करने से जीवन की सभी बाधाएं और विघ्न दूर होते हैं. विनायक चतुर्थी पर हर्षण योग प्रातःकाल से शाम 4:02 बजे तक रहेगा. इसके बाद वज्र योग बनेगा और धनिष्ठा नक्षत्र पूरे दिन और रात को रहेगा.

    मुहूर्त कब से कब
    पंडित दीपलाल बताते हैं कि इस साल की अंतिम विनायक चतुर्थी के दिन भद्रा और पंचक है. भद्रा का प्रारंभ सुबह में 7:11 बजे से होगा और दोपहर 01:11 बजे तक रहेगा. विनायक चतुर्थी के दिन राहुकाल दोपहर में 12:21 बजे से 01:38 बजे तक रहेगा. पंचक शाम को 07:46 बजे से लेकर अगले दिन 25 दिसंबर को सुबह 07:12 बजे तक रहेगा. विनायक चतुर्थी के दिन व्रत और गणेश पूजा करने से जीवन में शुभता बढ़ती है. गणेश जी की कृपा से सभी कार्य सफल होते हैं और संकट दूर होते हैं. इस दिन पूजा में गणेश जी को दूर्वा जरूर अर्पित करें. हालांकि इस दिन चंद्रमा का दर्शन करना वर्जित होता है. विनायक चतुर्थी की पूजा का शुभ मुहूर्त दिन में 11:19 बजे से दोपहर 1:11 बजे तक है. इस दौरान शुभ-उत्तम मुहूर्त 11:03 बजे से लेकर दोपहर 12:21 बजे तक रहेगा. ब्रह्म मुहूर्त 05:22 बजे से लेकर 06:16 बजे तक है. अभिजीत मुहूर्त नहीं है.

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