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    क्यों सक्रिय हुए अमित शाह? महाराष्ट्र, गुजरात और जम्मू-कश्मीर के CM से की अहम बातचीत

    नई दिल्ली। देश के कई हिस्सों में हो रही मूसलाधार बारिश के चलते हालात बिगड़ गए हैं। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बुधवार को महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल और जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला से फोन पर बात की। गृह मंत्री ने इन राज्यों और केंद्र शासित प्रदेश में भारी बारिश से उत्पन्न स्थिति का जायजा लिया और संकट की इस घड़ी में केंद्र सरकार की ओर से हर संभव सहायता उपलब्ध कराने का पूरा भरोसा दिया।

    महाराष्ट्र में थमी रफ्तार और ट्रेनों पर असर

    मुंबई और उसके आस-पास के इलाकों में बुधवार को हुई भारी बारिश के कारण जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया, जिससे स्थानीय ट्रेन सेवाएं प्रभावित हुईं और दफ्तर आने-जाने वाले लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। पालघर के वसई-विरार खंड और दक्षिण गुजरात में पटरियों पर पानी भरने से मुंबई-गुजरात रूट की लंबी दूरी की ट्रेनें बाधित रहीं, जबकि भोर घाट में हुए भूस्खलन के कारण मुंबई-पुणे मार्ग भी पूरी तरह सामान्य नहीं हो सका। वहीं मुंबई को पानी सप्लाई करने वाली तुलसी झील भारी वर्षा के बाद ओवरफ्लो हो गई है।

    गुजरात में भारी तबाही और जनहानि

    दक्षिण गुजरात के जिलों में कुदरत का भारी कहर देखने को मिला है, जहां सबसे ज्यादा प्रभावित सूरत में बारिश से जुड़ी घटनाओं के कारण पांच लोगों की जान चली गई। बाढ़ के खतरों को देखते हुए प्रभावित इलाकों से करीब 2,100 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट किया गया है और सूरत तथा नवसारी में एहतियातन स्कूल-कॉलेज बंद रखने पड़े। मौसम विभाग के अनुसार सूरत के कामरेज में महज 10 घंटों के भीतर 305 मिमी बारिश दर्ज की गई है और आने वाले समय में भी वलसाड, सूरत समेत आस-पास के इलाकों में भारी बारिश की चेतावनी दी गई है।

    जम्मू-कश्मीर के पहाड़ी इलाकों में बाढ़

    जम्मू-कश्मीर के डोडा और किश्तवाड़ जिलों में भी लगातार हो रही मानसूनी बारिश आफत बनकर टूटी है। डोडा के ठाठरी शहर के ऊपरी इलाकों में बादल फटने जैसी स्थिति के बाद आई अचानक बाढ़ (फ्लैश फ्लड) से भारी मात्रा में मलबा और कीचड़ सड़कों पर आ गया, जिससे कई घरों, दुकानों और वाहनों को नुकसान पहुंचा। इस तबाही के कारण डोडा-किश्तवाड़ राजमार्ग पूरी तरह बंद हो गया है, जिससे वहां निर्माणाधीन 540 मेगावाट क्वार जलविद्युत परियोजना के पास यातायात ठप हो गया है।

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