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    गर्मी से राहत के लिए करना होगा थोड़ा और इंतजार, इस दिन दस्तक दे सकता है मानसून

    भोपाल। मध्य प्रदेश के नागरिकों और विशेषकर किसानों को मानसून की फुहारों के लिए अभी थोड़ा और इंतजार करना होगा। इस बार मानसूनी हवाएं अपने निर्धारित समय यानी 15 जून से करीब सात दिन पिछड़ चुकी हैं। मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक, मानसूनी सिस्टम फिलहाल तेलंगाना क्षेत्र में अटका हुआ है, जिसके चलते मध्य प्रदेश तक इसके पहुंचने की गति धीमी हो गई है। हालांकि, भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) का अनुमान है कि आगामी चार दिनों के भीतर स्थितियां अनुकूल होंगी और राज्य में मानसून की सक्रिय दस्तक हो सकती है।

    आखिर क्यों अटक गया मानसून?

    सामान्य तौर पर मध्य प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में 15 जून या उसके आस-पास मानसूनी सीजन शुरू हो जाता है। लेकिन इस बार 22 जून की तारीख बीत जाने के बाद भी बादलों का स्थायी डेरा नजर नहीं आ रहा है। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, दक्षिण-पश्चिम मानसून को गति देने और मजबूत बनाने वाले मौसमी सिस्टम इस समय कमजोर पड़ गए हैं।

    यही वजह है कि मानसून की आगे बढ़ने की रफ्तार थम गई है और वह बीते 8 जून से एक ही भौगोलिक क्षेत्र में स्थिर बना हुआ है। बीते वर्ष 2025 की स्थिति देखें तो 16 जून को ही मानसून ने प्रदेश की सीमाओं में प्रवेश कर लिया था। वर्तमान पूर्वानुमानों के अनुसार, मानसूनी हवाएं 23 जून को पड़ोसी राज्य छत्तीसगढ़ में प्रवेश करेंगी, जिसके दो दिन बाद यानी 25 जून तक मध्य प्रदेश में इसके पहुंचने की प्रबल संभावना है।

    देरी से बदला मौसम का गणित, बारिश के ग्राफ में भारी गिरावट

    समय पर मानसूनी सिस्टम सक्रिय न होने के कारण प्रदेश में प्री-मानसून और मौसमी बारिश के आंकड़ों में भारी कमी दर्ज की गई है। मौसम केंद्र के आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार:

    • औसत में गिरावट: इस चालू सीजन में मध्य प्रदेश में अब तक कोटे की तुलना में केवल 48 प्रतिशत ही वर्षा दर्ज की गई है।

    • पूर्वी अंचल में सूखा: जबलपुर, रीवा, शहडोल और सागर संभाग के अंतर्गत आने वाले 24 जिलों में सामान्य से 69 फीसदी कम पानी बरसा है।

    • पश्चिमी और मध्य क्षेत्र की स्थिति: भोपाल, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर, चंबल और नर्मदापुरम संभागों में वर्षा की कमी का यह आंकड़ा लगभग 24 प्रतिशत के स्तर पर बना हुआ है।

    इन जिलों के लिए मौसम विभाग ने जारी की चेतावनी

    भले ही मानसून के आगमन में देरी हो रही है, लेकिन स्थानीय चक्रवातीय सिस्टम के कारण प्रदेश के विभिन्न अंचलों में तेज आंधी और गरज-चमक के साथ खंड वर्षा का दौर जारी है।

    बीते रविवार (21 जून) को राजधानी भोपाल, सतना, जबलपुर सहित छतरपुर जिले के खजुराहो, नौगांव और सिवनी में झमाझम बौछारें पड़ीं, जिससे लोगों को भीषण उमस से कुछ राहत मिली। मौसम केंद्र ने आगामी 24 से 48 घंटों के भीतर झाबुआ, आलीराजपुर, रीवा, सतना, शहडोल, अनूपपुर, कटनी और दमोह जिलों में तेज हवाओं के साथ भारी बारिश की चेतावनी (alert) जारी की है।

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