सेवानिवृत्त कर्मचारियों के बकाया स्वत्वों सहित अवकाश नकदीकरण की मांग, समाधान नहीं होने पर चार चरणों में आंदोलन की चेतावनी
अलवर। राज्य कर्मचारियों के समर्पित उपार्जित अवकाश के नकदीकरण और सेवानिवृत्त कर्मचारियों के बकाया भुगतान को लेकर अखिल राजस्थान राज्य कर्मचारी संयुक्त महासंघ, जिला शाखा अलवर ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। महासंघ ने जिला कलेक्टर के माध्यम से मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपकर तीन दिन के भीतर बकाया भुगतान करने की मांग की है। संगठन ने मांगें पूरी नहीं होने पर चरणबद्ध आंदोलन शुरू करने की चेतावनी दी है।
छह महीने बाद भी अवकाश नकदीकरण का भुगतान लंबित
महासंघ के अनुसार, राज्य कर्मचारियों को नियमानुसार प्रतिवर्ष अप्रैल माह के वेतन के साथ समर्पित उपार्जित अवकाश का नकदीकरण किया जाना चाहिए। इसके बावजूद वित्तीय वर्ष के छह महीने से अधिक समय बीत जाने पर भी भुगतान नहीं हुआ है। इससे कर्मचारियों में नाराजगी और असंतोष है।
ज्ञापन में सेवानिवृत्त कर्मचारियों के सामान्य भविष्य निधि (जीपीएफ), राज्य बीमा (एसआई), पेंशन के एकमुश्त हिस्से के भुगतान, उपार्जित अवकाश नकदीकरण और उपदान की राशि में हो रही देरी का मुद्दा भी उठाया गया। महासंघ का कहना है कि कई सेवानिवृत्त कर्मचारियों को अपने वैधानिक लाभ प्राप्त करने के लिए आठ से दस महीने तक इंतजार करना पड़ रहा है, जिससे उन्हें आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
चार चरणों में आंदोलन की रूपरेखा घोषित
महासंघ ने मांगों पर कार्रवाई नहीं होने की स्थिति में चार चरणों में आंदोलन करने की घोषणा की है।
- पहला चरण: 14 अक्टूबर 2026 को प्रदेश नेतृत्व की ओर से मुख्य सचिव और प्रमुख शासन सचिव, वित्त विभाग को ज्ञापन देने तथा जिला शाखाओं के माध्यम से जिला कलेक्टरों को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपने का कार्यक्रम रखा गया है।
- दूसरा चरण: पंचायती राज संस्थाओं के चुनाव के दौरान मतदान प्रशिक्षण में कर्मचारियों को दिए जाने वाले भोजन और नाश्ते का बहिष्कार किया जाएगा।
- तीसरा चरण: मतदान दिवस पर मतदान दलों में शामिल कर्मचारी उपवास सत्याग्रह करेंगे।
- चौथा चरण: 6 नवंबर 2026 को धनतेरस के अवसर पर उपमुख्यमंत्री एवं वित्त मंत्री के आवास पर काली दीपावली मनाने की चेतावनी दी गई है।
भुगतान नहीं होने पर बढ़ेगा आंदोलन
महासंघ ने सरकार से कर्मचारियों के लंबित भुगतान का शीघ्र निस्तारण करने की मांग की है। संगठन ने स्पष्ट किया कि यदि मांगों पर समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को आगे बढ़ाया जाएगा। महासंघ ने इसकी जिम्मेदारी शासन और सरकार पर डालते हुए कर्मचारियों के बकाया स्वत्वों का जल्द भुगतान करने की अपील की है।
ज्ञापन में जिला अध्यक्ष मनोज कुमार मीणा और जिला महामंत्री केसरी सिंह गुर्जर सहित संगठन के अन्य पदाधिकारियों के नाम दर्ज हैं।
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