भुगतान अटकने से निजी स्कूलों की बढ़ी परेशानी, 31 अगस्त तक क्लेम बिल तैयार कराने का मिला आश्वासन
अलवर। शिक्षा के अधिकार अधिनियम (आरटीई) के तहत निजी स्कूलों को मिलने वाले भुगतान में देरी का मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है। जिला शिक्षा अधिकारी प्रारंभिक शिक्षा कार्यालय की लेखा शाखा में महत्वपूर्ण पद खाली होने के कारण आरटीई से जुड़े क्लेम बिल और स्वीकृति आदेश अटक गए हैं। लंबे समय से भुगतान नहीं होने के कारण निजी स्कूल संचालकों में नाराजगी बढ़ती जा रही है।
स्कूल संचालकों के अनुसार वर्ष 2024-25 और 2025-26 में आरटीई के तहत किए गए प्रवेश से संबंधित कई भुगतान क्लेम बिल और स्वीकृति आदेश अभी तक लंबित हैं। संचालकों का कहना है कि समय पर भुगतान नहीं मिलने से निजी स्कूलों के सामने आर्थिक संकट की स्थिति बन रही है और उन्हें अपनी समस्या के समाधान के लिए बार-बार शिक्षा विभाग के कार्यालय के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं।
दोनों पद खाली होने से प्रभावित हुआ लेखा काम
आरटीई भुगतान में देरी की प्रमुख वजह जिला शिक्षा अधिकारी प्रारंभिक शिक्षा कार्यालय की लेखा शाखा में डब्ल्यूओ प्रथम और डब्ल्यूओ द्वितीय के दोनों पद खाली होना बताई जा रही है। इन पदों पर तैनात कर्मचारियों के स्थानांतरण के बाद से लेखा संबंधी काम प्रभावित हुआ है।
आरटीई के बिल तैयार होने से पहले लेखा शाखा के अकाउंटेंट द्वारा उनका सत्यापन और प्रमाणन किया जाना जरूरी होता है। इसके बाद ही भुगतान की प्रक्रिया आगे बढ़ती है। लेखा शाखा में कर्मचारियों की कमी के चलते यह प्रक्रिया प्रभावित होने से बड़ी संख्या में क्लेम लंबित हो गए।
राज्य स्तर पर मांगा गया अकाउंटेंट
विभागीय अधिकारियों के अनुसार व्यवस्था बहाल करने के लिए 4 अगस्त को जयपुर स्थित राज्य स्तरीय लेखा शाखा को पत्र भेजकर अकाउंटेंट उपलब्ध कराने की मांग की गई थी। इसके अलावा सीडीओ कार्यालय से भी लगातार पत्राचार किया गया।
कुछ समय पहले सीडीओ कार्यालय की ओर से लेखा कार्य के लिए कर्मचारियों को लगाया गया था, लेकिन पहले से अधिक कार्यभार होने के कारण उन्होंने अतिरिक्त जिम्मेदारी संभालने में असमर्थता जताई।
इसके बाद अब मालाखेड़ा से जूनियर अकाउंटेंट को अलवर कार्यालय में लगाने के आदेश जारी करवाए गए हैं। विभाग को उम्मीद है कि सोमवार से लेखा संबंधी कामकाज शुरू होने के बाद लंबित आरटीई भुगतान की प्रक्रिया में तेजी आएगी और आवश्यक स्वीकृतियां जारी की जा सकेंगी।
स्कूल संचालकों ने अधिकारियों के सामने रखी समस्या
आरटीई भुगतान में देरी से नाराज स्कूल संचालकों ने एसएसपी परिवार के जिला अध्यक्ष संतोष कुमार शर्मा के नेतृत्व में डीईओ कार्यालय पहुंचकर अधिकारियों के सामने अपनी समस्या रखी। संचालकों ने कहा कि वे लंबे समय से आरटीई भुगतान की मांग कर रहे हैं, लेकिन अब तक उन्हें अपेक्षित राहत नहीं मिली है।
स्कूल संचालकों के अनुसार अधिकारियों ने उन्हें 31 अगस्त तक अकाउंटेंट के हस्ताक्षर के साथ क्लेम बिल तैयार करवाने का आश्वासन दिया है। इसके बाद लंबित मामलों को आगे की भुगतान प्रक्रिया में शामिल किए जाने की उम्मीद है।
अब नई व्यवस्था शुरू होने के बाद यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि लंबे समय से अटके आरटीई क्लेम बिल और स्वीकृतियां कितनी तेजी से निपटती हैं और निजी स्कूलों को उनका लंबित भुगतान कब तक मिल पाता है।
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