कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के बयान पर किसान महापंचायत अध्यक्ष रामपाल जाट ने तीखी प्रतिक्रिया दी। कहा – कर्नाटक में MSP गारंटी कानून लागू कर कांग्रेस किसानों को राहत दिला सकती है।
मिशनसच न्यूज, नई दिल्ली।
कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के हालिया वक्तव्य पर किसान महापंचायत के राष्ट्रीय अध्यक्ष रामपाल जाट ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि कृषि राज्य का विषय है और कर्नाटक में कांग्रेस की सरकार होने के बावजूद अब तक किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) की गारंटी देने वाला कानून लागू नहीं किया गया है।
रामपाल जाट ने कहा कि अरहर और रागी उत्पादन में कर्नाटक देश में पहले स्थान पर है, वहीं मूंग और उड़द जैसी दलहन फसलें भी वहां बड़े पैमाने पर होती हैं। धान, गेहूं और कपास जैसी प्रमुख फसलें भी कर्नाटक में पैदा होती हैं। यदि कांग्रेस अध्यक्ष खड़गे अपने चुनावी घोषणा पत्र में किए वादे को पूरा कर कर्नाटक में MSP गारंटी कानून लागू कर दें, तो राज्य के लाखों किसानों को सीधा लाभ मिलेगा और देशभर में ऐसी मांग को और बल मिलेगा।
उन्होंने याद दिलाया कि 2023 में भारत जोड़ो यात्रा के दौरान अंबाला में राहुल गांधी के आमंत्रण पर हुई किसान नेताओं की बातचीत में भी MSP पर खरीद की गारंटी वाला कानून बनाने पर सहमति बनी थी। इसके बाद 16 मार्च 2024 को किसानों की ओर से कांग्रेस नेतृत्व को पत्र भेजा गया था। साथ ही 2023 के संसद विशेष सत्र से पहले सोनिया गांधी ने भी प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर इस कानून पर चर्चा की मांग की थी।
रामपाल जाट ने कहा कि कर्नाटक, तेलंगाना और हिमाचल प्रदेश में कांग्रेस की सरकार है। यदि ये राज्य MSP गारंटी कानून लागू कर दें तो किसानों को घोषित समर्थन मूल्य पर उनकी उपज बेचने का अधिकार सुनिश्चित हो जाएगा।
उन्होंने यह भी कहा कि 2022 में मुंबई में हुई इंडिया गठबंधन की बैठक में किसानों की ओर से ज्ञापन सौंपकर किसान केंद्रित राजनीति और ग्राम आधारित अर्थव्यवस्था अपनाने का आग्रह किया गया था। लेकिन अब भी अधिकांश राजनीतिक दल सकारात्मक राजनीति के बजाय निंदा आधारित राजनीति को प्राथमिकता दे रहे हैं, जो देश और लोकतंत्र दोनों के लिए ठीक नहीं है।
रामपाल जाट ने खड़गे और कांग्रेस नेतृत्व से आग्रह किया कि वे “पर उपदेश कुशल बहु तेरे” के बजाय स्वयं उदाहरण प्रस्तुत करें और MSP गारंटी कानून बनाकर किसानों के हित में ठोस कदम उठाएं।

