प्रचार के लिए बैटरी चार्ज कर रही गाड़ी बनी आकर्षण, सौर ऊर्जा से हो रहा संचालन
किशनगढ़ बास। सौर ऊर्जा के बढ़ते उपयोग के बीच किशनगढ़ बास में एक अनोखा और दिलचस्प प्रयोग देखने को मिला। गुरुवार को शहर की सड़कों पर घूम रही एक घोड़ा गाड़ी लोगों के आकर्षण का केंद्र बन गई, क्योंकि उसकी छत पर सौर ऊर्जा पैनल लगाया गया था, जिससे गाड़ी में लगी बैटरी को चार्ज किया जा रहा था।
हालांकि सौर ऊर्जा संयंत्र और पैनल अब जगह-जगह देखने को मिलते हैं, लेकिन किसी पारंपरिक घोड़ा गाड़ी पर सोलर पैनल लगा होना लोगों के लिए नया अनुभव था। जैसे ही यह गाड़ी शहर में घूमती दिखाई दी, हर किसी की नजर उसकी छत पर लगे पैनल पर टिक गई और लोग इसकी चर्चा करने लगे।
राहगीर गाड़ी के पास जाकर इसे करीब से देख रहे थे। गाड़ी में प्रचार के लिए बैटरी और माइक सिस्टम लगाया गया था, जिससे लगातार अनाउंसमेंट किया जा रहा था। सौर ऊर्जा पैनल के जरिए यह बैटरी खुद-ब-खुद चार्ज होती रही, जिससे अलग से चार्जिंग की जरूरत नहीं पड़ती।
घोड़ा गाड़ी मालिक ने बताया कि वह काले घोड़े की नाल से बने छल्ले और अंगूठियां बेचते हैं। वे दिल्ली से घोड़ा गाड़ी लेकर शहर-शहर और गांव-गांव घूमकर अपना सामान बेचते हैं। उन्होंने बताया कि काले घोड़े के पैर में लोहे की नाल पहनाई जाती है और ज्योतिष मान्यताओं के अनुसार उतरी हुई नाल का उपयोग शनि के नकारात्मक प्रभाव, साढ़ेसाती और राहु-केतु दोष को कम करने के उपाय के रूप में किया जाता है।
युवक ने बताया कि गाड़ी में सौर ऊर्जा पैनल इसलिए लगाया गया है ताकि प्रचार के लिए इस्तेमाल होने वाली माइक की बैटरी बार-बार चार्ज न करनी पड़े और चलते-फिरते ही सौर ऊर्जा से बैटरी चार्ज होती रहे। इस नवाचार से समय और खर्च दोनों की बचत हो रही है।
पारंपरिक घोड़ा गाड़ी में आधुनिक सौर ऊर्जा तकनीक का यह अनोखा संगम लोगों के लिए आकर्षण और चर्चा का विषय बना हुआ है।
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