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    गांव-गांव तक पहुंची स्वास्थ्य सेवा, रेडक्रॉस की मोबाइल मेडिकल यूनिट्स ने एक वर्ष में 1,24,094 मरीजों को दी निःशुल्क सेवाएं

    REC फाउंडेशन एवं भारतीय रेडक्रॉस सोसायटी, अलवर की संयुक्त पहल से ग्रामीण क्षेत्रों में निःशुल्क उपचार, जांच, दवा वितरण और स्वास्थ्य जागरूकता को मिल रहा बढ़ावा

    अलवर। REC फाउंडेशन, गुरुग्राम के सहयोग से भारतीय रेडक्रॉस सोसायटी, अलवर द्वारा संचालित पांच मोबाइल मेडिकल यूनिट्स ग्रामीण एवं दूरदराज के क्षेत्रों में जरूरतमंद लोगों को निःशुल्क स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध करा रही हैं। परियोजना के अंतर्गत अलवर ग्रामीण, राजगढ़, रामगढ़, खैरथल-तिजारा तथा बहरोड़-कोटपूतली क्षेत्रों में निर्धारित रूट के अनुसार चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।विशेष रूप से उन ग्रामीण परिवारों को लाभ मिल रहा है,जिन्हें अस्पताल पहुंचने में दूरी,परिवहन या आर्थिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है।

    “डॉक्टर आपके द्वार” थीम पर आधारित इस परियोजना का शुभारंभ 2 अक्टूबर 2025 को गांधी जयंती एवं पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की जयंती के अवसर पर अलवर के प्रताप ऑडिटोरियम में आयोजित समारोह में किया गया था।

    कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव, राजस्थान सरकार के मंत्री संजय शर्मा, राजस्थान रेडक्रॉस के चेयरमैन राजेश बिरला, REC फाउंडेशन के निदेशक जितेंद्र श्रीवास्तव तथा राजस्थान रेडक्रॉस सोसायटी के महासचिव श्री जगदीश जिंदल सहित गणमान्य अतिथियों की उपस्थिति रही। जिला कलेक्टर एवं रेडक्रॉस अलवर शाखा की अध्यक्ष डॉ. अर्तिका शुक्ला के मार्गदर्शन में शुरू हुई लगभग 5.71 करोड़ रुपये की यह सेवा परियोजना ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाओं को सशक्त बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है ।

    वर्तमान में इंडियन रेड क्रॉस सोसाइटी अलवर के चेयरमैन मित्तल हॉस्पिटल के निदेशक एवं सीनियर फिजिशियन डॉ. एस.सी.मित्तल, सचिव पद पर सिटी हॉस्पिटल, भिवाड़ी के निदेशक एवं सीनियर फिजिशियन डॉ. रूप सिंह तथा कोषाध्यक्ष पद पर मित्तल हॉस्पिटल अलवर के सीनियर लेप्रोस्कोपिक एवं जनरल सर्जन डॉ.सुधीर गुप्ता,उपाध्यक्ष पद एवं मेडिकल कैम्पस के चेयरमैन पर सीनियर डॉक्टर सुरेन्द्र जैन कार्यरत है !

    सेंट जॉन एम्बुलेंस इंडिया अलवर शाखा के चेयरमैन मित्तल हॉस्पिटल के डायरेक्टर एडमिनिस्ट्रेटर गिरीश गुप्ता, यूथ विंग चेयरमैन सीबा मसाला उधोग के डायरेक्टर शशांक झालानी, महिला विंग की चेयरमैन आशा कालरा, मेम्बरशिप ग्रोथ चेयरमैन डॉ. एम.एन.थरेजा है ! अब तक कुल 9 संरक्षक जिनमे हरीश कालरा, डॉ.एस.सी.मित्तल, डॉ. रूप सिंह.डॉ.वी.के.अग्रवाल, डॉ.प्रदीप कथूरिया, अशोक सिंघानिया, शशांक झालानी, सुरेश कुमार गुप्ता (नीलकंठ चाय वाले), डॉ.नन्दनी शर्मा है !

    एक वर्ष में 1.24 लाख से अधिक मरीज लाभान्वित

    अक्टूबर 2025 से सितंबर 2026 तक पांचों मोबाइल मेडिकल यूनिट्स के माध्यम से कुल 1,24,094 मरीज सेवाएं दर्ज की गईं। इनमें पहली छमाही में 57,702 तथा दूसरी छमाही में 66,392 मरीज सेवाएं शामिल हैं। इस दौरान 1,005 मरीजों को बेहतर उपचार के लिए उच्च चिकित्सा केंद्रों पर रेफर किया गया। प्रत्येक मोबाइल मेडिकल वैन में चिकित्सक, नर्सिंग स्टाफ, फार्मासिस्ट एवं चालक सहित चार सदस्यीय टीम तैनात है।

    इनके माध्यम से मरीजों को निःशुल्क चिकित्सकीय परामर्श, आवश्यक दवाइयां, प्राथमिक उपचार तथा ब्लड शुगर, ब्लड प्रेशर, हीमोग्लोबिन एवं आंखों की जांच जैसी सुविधाएं प्रदान की जा रही हैं। केन्द्रीय मंत्री श्री भूपेन्द्र सिंह जी एवं जिला कलेक्टर डॉ.आर्तिका शुक्ला जी ने विशेष रूप से गर्भवती महिलाओ की हीमोग्लोबिन जाँच एवं बच्चो की आँखों की जाँच के लिए पूरी टीम को विशेष निर्देशन देकर जांचे करवाई जा रही है !

    28,384 जांच गतिविधियां दर्ज

    अप्रैल से सितंबर 2026 की अवधि में पांचों यूनिट्स द्वारा कुल 28,384 जांच गतिविधियां दर्ज की गईं। इनमें 7,094 आंखों की जांच, 2,515 हीमोग्लोबिन परीक्षण, 6,300 ब्लड शुगर परीक्षण और 12,475 ब्लड प्रेशर जांच शामिल हैं। इन सेवाओं से मधुमेह, एनीमिया एवं उच्च रक्तचाप जैसी बीमारियों की समय रहते पहचान और उपचार में सहायता मिल रही है।

    स्वास्थ्य जागरूकता एवं जीवनरक्षक प्रशिक्षण पर जोर

    रेडक्रॉस द्वारा विश्व स्वास्थ्य दिवस, विश्व मधुमेह दिवस, विश्व हाथ स्वच्छता दिवस एवं विश्व उच्च रक्तचाप दिवस जैसे अवसरों पर स्वास्थ्य जागरूकता गतिविधियां आयोजित की गईं। साथ ही मोबाइल मेडिकल यूनिट्स की टीमों को पांच दिवसीय CPR प्रशिक्षण देकर आपातकालीन परिस्थितियों में जीवनरक्षक प्राथमिक सहायता के लिए प्रशिक्षित किया गया।

    विभिन्न सार्वजनिक आयोजनों एवं खेल प्रतियोगिताओं में भी चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराई गई । प्रत्येक मोबाइल यूनिट में चिकित्सक, नर्सिंग स्टाफ, फार्मासिस्ट और चालक की टीम तैनात है। ये टीमें गांवों में पहुंचकर मरीजों को चिकित्सकीय परामर्श, प्राथमिक उपचार, आवश्यक दवाइयां और स्वास्थ्य संबंधी सलाह उपलब्ध कराती हैं। जिन लोगों को अस्पताल तक पहुंचने में दूरी, परिवहन या आर्थिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है, उनके लिए ये मोबाइल यूनिट्स विशेष रूप से लाभकारी सिद्ध हो रही हैं।

    प्रत्येक मोबाइल यूनिट में चिकित्सक, नर्सिंग स्टाफ, फार्मासिस्ट और चालक की टीम तैनात है। ये टीमें गांवों में पहुंचकर मरीजों को चिकित्सकीय परामर्श, प्राथमिक उपचार, आवश्यक दवाइयां और स्वास्थ्य संबंधी सलाह उपलब्ध कराती हैं। जिन लोगों को अस्पताल तक पहुंचने में दूरी, परिवहन या आर्थिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है, उनके लिए ये मोबाइल यूनिट्स विशेष रूप से लाभकारी सिद्ध हो रही हैं।

    इंडियन रेडक्रॉस सोसायटी, अलवर द्वारा CPR प्रशिक्षण कार्यक्रम भी गाँवों में आयोजित किये जा रहे है, जिसमें मोबाइल मेडिकल यूनिट्स की टीमों को आपातकालीन परिस्थितियों में जीवनरक्षक प्राथमिक सहायता देने का व्यावहारिक प्रशिक्षण प्रदान किया गया। इसके अतिरिक्त अलवर टाइगर इंटरनेशनल हाफ मैराथन 2026 तथा विभिन्न मेलों एवं सार्वजनिक आयोजनों में चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराकर जनसेवा की भावना को मजबूत किया गया।

    विश्व रेडक्रॉस दिवस सहित विभिन्न अवसरों पर रक्तदान शिविरों के माध्यम से मानव सेवा का संदेश दिया गया। सेंट जॉन एम्बुलेंस इंडिया, अलवर शाखा के चेयरमैन श्री गिरीश गुप्ता ने 76वीं बार स्वैच्छिक रक्तदान कर प्रेरणादायक उदाहरण प्रस्तुत किया। रेडक्रॉस सचिव डॉ. रूप सिंह ने 56वीं तथा सदस्य डॉ. सुधीर गुप्ता ने 27वीं बार रक्तदान किया।

    रेडक्रॉस टीम एवं REC फाउंडेशन का सराहनीय योगदान

    इस परियोजना के सफल संचालन में भारतीय रेडक्रॉस सोसायटी, अलवर के चेयरमैन डॉ. एस.सी. मित्तल, सचिव डॉ. रूप सिंह, कोषाध्यक्ष डॉ. सुधीर गुप्ता, पूर्व कोषाध्यक्ष बाबू झालानी तथा समस्त टीम का महत्वपूर्ण योगदान है। जिला कलेक्टर एवं रेडक्रॉस अलवर शाखा की अध्यक्ष डॉ. अर्तिका शुक्ला के मार्गदर्शन और REC फाउंडेशन के सहयोग से यह पहल ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।

    पांच मोबाइल मेडिकल यूनिट्स की यह उपलब्धि सामाजिक संस्थाओं के समन्वय, सेवा भावना और सामाजिक उत्तरदायित्व का उत्कृष्ट उदाहरण है। निःशुल्क उपचार, आवश्यक जांच, दवा वितरण, समय पर रेफरल और स्वास्थ्य जागरूकता के माध्यम से यह परियोजना ग्रामीण क्षेत्रों में स्वस्थ एवं जागरूक समाज के निर्माण की दिशा में निरंतर प्रयासरत है।

    संदेश : स्वास्थ्य सेवा हर द्वार तक — स्वस्थ गांव, स्वस्थ समाज।

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