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    गायत्री नगर में दसलक्षण महापर्व पर 11 समाजसेवियों का सम्मान

    दसलक्षण महापर्व के समापन पर भगवान वासुपूज्य को निर्वाण लाडू अर्पित, विधान पूजन और भक्ति कार्यक्रमों से भक्तिमय हुआ मंदिर

    जयपुर। महारानी फार्म स्थित श्री दिगंबर जैन मंदिर, गायत्री नगर में मंदिर प्रबंध समिति के तत्वावधान में आयोजित 11 दिवसीय दसलक्षण महापर्व श्रद्धा और भक्ति के साथ संपन्न हुआ। महापर्व के दौरान विधान पूजन, अभिषेक, शांतिधारा, धार्मिक प्रवचन और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए गए। अनंत चतुर्दशी के अवसर पर भगवान वासुपूज्य स्वामी को निर्वाण लाडू अर्पित किया गया। इस दौरान मंदिर, धार्मिक और सामाजिक क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य करने वाले 11 समाजसेवियों का सम्मान भी किया गया।

    अखिल भारतवर्षीय दिगंबर जैन युवा परिषद के राष्ट्रीय महामंत्री उदयभान जैन ने बताया कि मंदिर में 15 से 25 सितंबर तक दस लक्षण विधान का आयोजन किया गया। विधान की समस्त मांगलिक क्रियाएं विधानाचार्य पंडित अजीत शास्त्री ने संपन्न कराईं। मंदिर प्रबंध समिति के अध्यक्ष अरुण शाह के नेतृत्व में आयोजित इस विधान में समाज के अनेक परिवारों ने इंद्र-इंद्राणी और श्रावक श्रेष्ठी बनकर भाग लिया।

    भगवान वासुपूज्य स्वामी को चढ़ाया निर्वाण लाडू

    अनंत चतुर्दशी के अवसर पर 25 सितंबर को मंदिर में प्रथम अभिषेक और शांतिधारा के बाद बारहवें तीर्थंकर भगवान वासुपूज्य स्वामी को निर्वाण लाडू अर्पित किया गया। यह सौभाग्य सुनीला, सन्नी-मेघा झांझरी परिवार को प्राप्त हुआ। अन्य वेदियों पर गुंजन मेघा, सुनील लता, जितेंद्र पाटनी और आलोक शाह ने अभिषेक किया।

    मंदिर में सुबह से ही श्रद्धालुओं की सहभागिता रही। अभिषेक, शांतिधारा और पूजा-अर्चना के दौरान वातावरण भक्तिमय बना रहा।

    विधान में इंद्र-इंद्राणी बनकर श्रद्धालुओं ने की आराधना

    उदयभान जैन ने बताया कि दस लक्षण विधान में सोधर्म इंद्र रमेश-संगीता सोगानी, कुबेर इंद्र संजय-नीलम ठोलिया और महायज्ञनायक अशोक-अंजू जैन सहित अनेक श्रद्धालुओं ने इंद्र-इंद्राणी बनकर विधान में सहभागिता निभाई।

    इस अवसर पर अरुण-ज्योति शाह, आलोक-प्रमिला शाह, राजेश-चैताली बोहरा, राकेश-संगीता छाबड़ा, पदम-भावना झांझरी, जितेंद्र-सरिता बाकलीवाल, प्रकाश-पदमा बड़जात्या, वीरेंद्र-सुनंदा अजमेरा, आलोक-बीना चौकडायत, संतोष-निर्मला गंगवाल, गैंदमल-इंदिरा जैन, पंडित अजीत शास्त्री-नीलू जैन, रश्मि-मनीष तोतूका, महावीर-मंजू सेठी, अनिल-अनीता पोल्यका, राजेंद्र-सुमन सोगानी, आनंद-अनीता बागलीवाल, विमल-अर्चना लुहाड़िया, अशोक-विमला पापड़ीवाल, संतोष-सुनीता काला, राजकुमार-विमल बाकलीवाल, कैलाश-मधु छाबड़ा और प्रमोद-मंजू वैद सहित अनेक श्रद्धालुओं ने विधान में भाग लिया।

    श्रावक श्रेष्ठी के रूप में अशोक-अनीता रावका, सुशीला जैन कन्नौज वाले, बीना अजमेरा, पुष्पलता-दीपेश छाबड़ा, अजीत-सरोज छाबड़ा, विमल जैन एडवोकेट-सरोज बाकलीवाल, धूपचंद-इंदु वाला शाह, बसंत-बीना बाकलीवाल, उदयभान जैन-अनीता बड़जात्या और पदम-विजयलक्ष्मी पांड्या सहित श्रद्धालुओं ने विधान अर्चना की।

    मंदिर प्रबंध समिति के मंत्री राजेश वोहरा ने बताया कि विधान में अनेक श्रद्धालुओं ने पूजा सामग्री और अन्य व्यवस्थाओं में सहयोग किया। सैकड़ों श्रावक-श्राविकाओं की सहभागिता से विधान पूजन भक्ति भाव के साथ संपन्न हुआ।

    भजनों और भक्ति नृत्य से सजा धार्मिक आयोजन

    दसलक्षण महापर्व के दौरान संगीतकार अविनाश शर्मा एंड पार्टी तथा गायत्री नगर की सुनंदा अजमेरा ने मधुर भजनों के माध्यम से विधान पूजन कराया। भजनों के साथ श्रद्धालुओं ने भक्ति नृत्य भी किया। रात्रि में सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए गए, जबकि दोपहर में 48 दिवसीय भक्तामर पाठ का क्रम भी जारी रहा।

    विधानाचार्य पंडित अजीत शास्त्री ने महापर्व के दौरान उत्तम क्षमा, उत्तम मार्दव, उत्तम आर्जव, उत्तम सत्य, उत्तम शौच, उत्तम संयम, उत्तम तप, उत्तम त्याग, उत्तम आकिंचन्य और उत्तम ब्रह्मचर्य धर्म पर मंगल प्रवचन दिए। उन्होंने इन धर्मों को जीवन में अपनाने और आत्मकल्याण की दिशा में आगे बढ़ने का संदेश दिया।

    11 समाजसेवियों का किया सम्मान

    मंदिर प्रबंध समिति के संयुक्त मंत्री संजय ठोलिया ने बताया कि अनंत चतुर्दशी पर सुबह 5:45 बजे सामूहिक अभिषेक आयोजित किए गए। इसके बाद माला पहनने का सौभाग्य अशोक विनय गंगवाल को प्राप्त हुआ। समाजजन उन्हें शोभायात्रा के रूप में सम्मानपूर्वक उनके निवास तक लेकर गए।

    इस अवसर पर मंदिर, धार्मिक और सामाजिक क्षेत्र में श्रेष्ठ कार्य करने वाले 11 व्यक्तियों को मंदिर प्रबंध समिति की ओर से सम्मानित किया गया। सम्मानित होने वालों में अशोक बड़जात्या, दीपक सोगानी, प्रकाश बड़जात्या, गौरव शाह, अनिल बड़जात्या, राजकुमार जैन सीसीएनटी, उदयभान जैन बड़जात्या, संतोष काला, पंकज बैनाडा, आनंद बाकलीवाल और नम्रता जैन शामिल रहे।

    सम्मान समारोह में मंदिर प्रबंध समिति के अध्यक्ष अरुण शाह, उपाध्यक्ष विजय सोगानी, कोषाध्यक्ष राकेश छाबड़ा, संयुक्त मंत्री संजय ठोलिया, पदम झांझरी, गजेंद्र छाबड़ा, संतोष रावका, राकेश पाटौदी और बसंत बाकलीवाल सहित पदाधिकारी मौजूद रहे। पूर्व अध्यक्ष कैलाश छाबड़ा, अनिल टोंग्या, राजेंद्र सोगानी, धूपचंद शाह, बीना टोंग्या और प्रमिला शाह ने भी सम्मान कार्यक्रम में सहभागिता निभाई।

    आज मनाया जाएगा क्षमावाणी महोत्सव

    मंदिर प्रबंध समिति के अध्यक्ष अरुण शाह ने बताया कि रविवार, 27 सितंबर को शाम 6 बजे से 6:15 बजे तक अभिषेक होंगे। इसके बाद क्षमावाणी महोत्सव मनाया जाएगा। इस अवसर पर समाजजन एक-दूसरे से गले मिलकर वर्षभर में हुई गलतियों के लिए क्षमा याचना करेंगे और आपसी प्रेम, सद्भाव तथा मैत्री का संदेश देंगे।

    दसलक्षण महापर्व के दौरान आयोजित धार्मिक कार्यक्रमों और समाजसेवियों के सम्मान ने समाज में धर्म, सेवा और सामाजिक एकता की भावना को मजबूत करने का संदेश दिया।

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