अलवर में गिव अप अभियान के तहत अब तक 64 हजार से ज्यादा अपात्र लोगों ने खाद्य सुरक्षा योजना से स्वेच्छा से नाम हटवाया, 31 अगस्त तक चल रहा है मौका।
अलवर। राजस्थान सरकार द्वारा शुरू किए गए गिव अप अभियान के तहत राज्यभर में अपात्र लाभार्थियों को खाद्य सुरक्षा योजना (NFSA) से स्वेच्छा से नाम हटाने का अवसर दिया गया है। इस अभियान के तहत 31 अगस्त 2025 तक अपात्र व्यक्ति स्वेच्छा से योजना से बाहर हो सकते हैं।
अलवर जिले में भी इस अभियान को लेकर जागरूकता बढ़ रही है। अब तक जिले में 64 हजार 122 अपात्र लाभार्थी स्वेच्छा से अपना नाम खाद्य सुरक्षा सूची से हटवा चुके हैं। यह जानकारी जिला रसद अधिकारी श्री विनोद जुनेजा ने दी।
अपात्र लाभार्थियों के लिए आसान हुई प्रक्रिया
श्री जुनेजा ने बताया कि गिव अप अभियान के तहत अब खाद्य सुरक्षा योजना से नाम हटाने की प्रक्रिया को पूरी तरह सरल और सुविधाजनक बना दिया गया है। अपात्र लाभार्थी — जैसे कि आयकरदाता, 1 लाख से अधिक वार्षिक आय वाले, चौपहिया वाहन मालिक — अपने नजदीकी उचित मूल्य दुकानदार या जिला रसद कार्यालय अलवर में उपलब्ध निर्धारित प्रपत्र भरकर योजना से नाम कटवा सकते हैं।
इसके अलावा, राजस्थान खाद्य विभाग की वेबसाइट https://food.rajasthan.gov.in पर जाकर ‘गिव अप अभियान के तहत खाद्य सुरक्षा योजना (NFSA) से स्वतः हटने के लिए आवेदन करें’ लिंक पर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।
अब तक कितने लोगों ने छोड़ा योजना का लाभ?
राज्य सरकार की इस पहल के तहत अब तक पूरे राजस्थान में 22 लाख 53 हजार 200 लोग स्वेच्छा से अपना नाम खाद्य सुरक्षा योजना की सूची से हटवा चुके हैं। इसी क्रम में अलवर जिले का प्रदर्शन भी सराहनीय रहा है, जहां अब तक 64,122 अपात्र लोगों ने खुद को योजना से बाहर किया है।
अपात्र पाए जाने पर होगी कार्रवाई
श्री जुनेजा ने बताया कि आयकर विभाग और परिवहन विभाग से प्राप्त आयकरदाताओं और चौपहिया वाहनधारकों की सूची के आधार पर अपात्र लाभार्थियों की पहचान की जा रही है। यदि ऐसे अपात्र व्यक्ति स्वेच्छा से नाम नहीं हटवाते हैं तो उनके विरुद्ध विशेष वसूली और दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने बताया कि योजना के प्रारंभ से अब तक जितना गेहूं संबंधित लाभार्थियों ने प्राप्त किया है, उसकी बाजार दर से वसूली की जाएगी। विभागीय स्तर पर इस संबंध में तैयारी पूरी कर ली गई है।
जनहित में क्यों जरूरी है गिव अप अभियान?
खाद्य सुरक्षा योजना का उद्देश्य गरीब और वंचित तबकों को सस्ती दर पर राशन उपलब्ध कराना है। लेकिन वर्षों से कई ऐसे लोग भी इसका लाभ उठा रहे थे, जो आर्थिक रूप से सक्षम हैं। इससे असली जरूरतमंद वंचित रह जाते थे।
राज्य सरकार ने इस अभियान के जरिए अपात्र लोगों को स्वयं आगे आकर योजना से नाम हटवाने का अवसर देकर ईमानदारी की मिसाल कायम की है।
जिले में जागरूकता अभियान भी तेज
जिला रसद अधिकारी ने बताया कि गिव अप अभियान को सफल बनाने के लिए जिले में ग्राम पंचायत स्तर पर जागरूकता शिविर भी लगाए जा रहे हैं। इसके अलावा उचित मूल्य दुकानों पर भी अभियान संबंधी जानकारी चस्पा करवाई गई ।
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