ज्ञान, सेवा और संस्कार का संदेश लेकर आएगी गुरु पूर्णिमा, उदया तिथि के अनुसार 29 जुलाई को होगा पूजन
लक्ष्मणगढ़। सनातन परंपरा में गुरु को ज्ञान, संस्कार और जीवन का पथप्रदर्शक माना गया है। पंचांग के अनुसार आषाढ़ शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा को मनाई जाने वाली गुरु पूर्णिमा इस वर्ष 29 जुलाई 2026 को मनाई जाएगी। यह दिन गुरु के प्रति श्रद्धा, ज्ञान के सम्मान और आत्मविकास के संकल्प का पर्व माना जाता है।
योग शिक्षक पंडित लोकेश कुमार ने बताया कि वर्ष 2026 में पूर्णिमा तिथि 28 जुलाई की शाम 6:18 बजे प्रारंभ होकर 29 जुलाई की रात 8:05 बजे तक रहेगी। उदया तिथि के आधार पर गुरु पूर्णिमा का पर्व 29 जुलाई को मनाया जाएगा।
सनातन परंपरा में गुरु का सर्वोच्च स्थान
उन्होंने बताया कि सनातन धर्म में गुरु को ईश्वर से भी श्रेष्ठ स्थान दिया गया है, क्योंकि गुरु ही अज्ञान रूपी अंधकार को दूर कर ज्ञान का प्रकाश देते हैं। जीवन की कठिन परिस्थितियों में सही मार्गदर्शन गुरु से ही प्राप्त होता है और व्यक्ति की सफलता का प्रथम श्रेय भी गुरु को ही दिया जाता है।
गुरु पूर्णिमा पर करें ये शुभ कार्य
- अपने गुरु, माता-पिता और वरिष्ठजनों का सम्मान कर उनका आशीर्वाद लें।
- ज्ञान के प्रति सम्मान का संकल्प लें और शिक्षा को जीवन में अपनाने का प्रयास करें।
- पढ़ाई, करियर और व्यक्तिगत विकास से जुड़े नए लक्ष्य निर्धारित करें।
- जरूरतमंद बच्चों को पुस्तकें, कॉपियां, पेन और अन्य शैक्षणिक सामग्री का दान करें।
- सेवा, विनम्रता और सद्भाव का भाव अपनाकर समाज के प्रति अपने दायित्व निभाएं।
ज्ञान और सेवा का संदेश देता है पर्व
पंडित लोकेश कुमार ने कहा कि गुरु पूर्णिमा केवल गुरु वंदन का पर्व नहीं, बल्कि ज्ञान, सेवा, विनम्रता और आत्मचिंतन का भी अवसर है। इस दिन लिया गया सकारात्मक संकल्प व्यक्ति के जीवन को नई दिशा देने में सहायक होता है।
मिशनसच न्यूज के लेटेस्ट अपडेट पाने के लिए हमारे व्हाट्सप्प ग्रुप को जॉइन करें।
https://chat.whatsapp.com/JX13MOGfl1tJUvBmQFDvB1
अन्य खबरों के लिए देखें मिशनसच नेटवर्क

