मिशनसच न्यूज | जयपुर।
सर्वोच्च जैन साध्वी गणिनीप्रमुख आर्यिकाशिरोमणि श्री ज्ञानमती माताजी के प्रति अमेरिका और कनाडा की जैन समाज द्वारा एक ऐतिहासिक अंतर्राष्ट्रीय विनयांजलि सभा का आयोजन किया गया। यह भावपूर्ण एवं भव्य कार्यक्रम अखिल भारतवर्षीय दिगम्बर जैन युवा परिषद के तत्वावधान में 12 दिसम्बर 2025, शुक्रवार को प्रातः 6 बजे ऑनलाइन भगवान ऋषभदेव जूम चैनल के माध्यम से संपन्न हुआ। कार्यक्रम का सीधा प्रसारण प्रातः 6 बजे से 8:30 बजे तक पारस चैनल के माध्यम से विश्वभर में किया गया।
युवा परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. जीवन प्रकाश जैन ने जानकारी देते हुए बताया कि इस अंतर्राष्ट्रीय विनयांजलि सभा में अमेरिका एवं कनाडा से लगभग 300 जैन परिवारों ने ऑनलाइन जुड़कर पूज्य गणिनीप्रमुख श्री ज्ञानमती माताजी के प्रति अपनी श्रद्धा, भक्ति और विनयांजलि अर्पित की। यह आयोजन जैन समाज की वैश्विक एकता और गुरु भक्ति का अनुपम उदाहरण बना।
राष्ट्रीय महामंत्री उदयभान जैन (जयपुर) ने बताया कि कार्यक्रम का संचालन स्वयं राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. जीवन प्रकाश जैन द्वारा किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत राष्ट्रीय उपाध्यक्ष श्री कमलेश भाई शाह (नॉर्थ कैरोलिना, अमेरिका) के स्वागत उद्बोधन से हुई, जिसमें उन्होंने विश्वभर से जुड़े सभी श्रद्धालुओं का अभिनंदन किया।
इसके पश्चात दीप प्रज्ज्वलन के माध्यम से कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ हुआ। इस अवसर पर अमेरिका के 15 प्रमुख जैन सेंटर्स के प्रतिनिधियों ने दीप प्रज्ज्वलित किया। इनमें न्यूजर्सी, न्यूयार्क, फ्रैंकलिन, बोस्टन, वॉशिंगटन डी.सी., वर्जिनिया, नॉर्थ कैरोलिना, अटलांटा, फ्लोरिडा, शिकागो, डलास, टेक्सास, कैलिफोर्निया, साथ ही कनाडा एवं कैलगरी जैसे स्थानों के जैन समाज के अध्यक्ष, मंत्री एवं अन्य पदाधिकारी शामिल रहे। इन सभी सेंटर्स से सैकड़ों श्रद्धालु भक्तजन ऑनलाइन उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण विभिन्न देशों से आए जैन समाज के प्रमुख श्रद्धालुओं द्वारा पूज्य माताजी के प्रति अर्पित की गई विनयांजलियाँ रहीं। इस क्रम में न्यूजर्सी से श्री विजय भाई शाह (अध्यक्ष – जैन सोसायटी ऑफ यू.एस.ए.), श्री राजीव भाई शाह (सचिव), श्री सनत भाई शाह (उपाध्यक्ष); न्यूयॉर्क से श्री हिमांशु–मिनाक्षी शाह; कैलिफोर्निया से श्री अशोक जी सेठी; वॉशिंगटन डी.सी. से श्री प्रद्युम्न–धनलक्ष्मी जवेरी; कैरोलिना से श्री कमलेश भाई–तृप्तिबेन शाह एवं श्रीमती बेला शाह; अटलांटा से श्री सुनील जी–रितु दोशी तथा कैलगरी (कनाडा) से श्री तरुण जैन एवं श्री सुबोध जी पेरामानू सहित अनेक श्रद्धालुओं ने अपने भावपूर्ण वक्तव्यों में माताजी के तप, त्याग, साधना और जैन धर्म के प्रति उनके अतुलनीय योगदान का गुणानुवाद किया।
कार्यक्रम के अंत में स्वयं गणिनीप्रमुख श्री ज्ञानमती माताजी ने सभी देश-विदेश से जुड़े श्रद्धालुओं को मंगल आशीर्वाद प्रदान किया। उन्होंने कहा कि आप सभी भले ही भौगोलिक रूप से भारत से दूर रहते हों, लेकिन अपने संस्कारों, संस्कृति और जैन धर्म को जीवन में आत्मसात किए हुए हैं, यह अत्यंत प्रशंसनीय और अनुमोदनीय है। पूज्य माताजी ने आशीर्वाद देते हुए कहा कि सभी भक्तजन इसी प्रकार जैन धर्म की सेवा, प्रचार-प्रसार और प्रभावना के माध्यम से आत्मकल्याण के मार्ग पर अग्रसर रहें।
इस अवसर पर प्रज्ञाश्रमणी आर्यिका श्री चंदनामती माताजी द्वारा भी विदेशों में निवास कर रहे समस्त जैन श्रद्धालुओं को आशीर्वाद उद्बोधन प्रदान किया गया। कार्यक्रम के समापन पर श्री कमल कासलीवाल (मुंबई शाखा), गौरव अध्यक्ष द्वारा सभी अतिथियों एवं सहभागियों के प्रति आभार व्यक्त किया गया।
कार्यक्रम में राष्ट्रीय महामंत्री उदयभान जैन (जयपुर), पदम बिलाला (जयपुर) – प्रांतीय अध्यक्ष, धर्म जागृति संस्थान राजस्थान प्रांत सहित अनेक पदाधिकारी ऑनलाइन उपस्थित रहे। इस अवसर पर यह भी घोषणा की गई कि प्रत्येक शुक्रवार प्रातः 6:30 बजे (भारतीय समयानुसार) पूज्य गणिनीप्रमुख श्री ज्ञानमती माताजी द्वारा विदेशी जैन समाज के श्रद्धालुओं के लिए विभिन्न विषयों पर नियमित मंगल प्रवचन आयोजित किए जाएंगे।
यह अंतर्राष्ट्रीय विनयांजलि सभा जैन समाज के इतिहास में गुरु भक्ति, आध्यात्मिक एकता और वैश्विक सहभागिता का एक अविस्मरणीय अध्याय बन गई।
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