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    तीन साल के श्रमण संस्कृति स्वाध्याय पर अनिल कुमार जैन को मिली ‘सिद्धांत प्रभाकर’ की उपाधि

    श्रमण संस्कृति स्वाध्याय के सम्मान में गायत्री नगर मंदिर में हुआ अभिनंदन, समाजबंधुओं ने दी शुभकामनाएं

    जयपुर। गायत्री नगर, महारानी फार्म, जयपुर निवासी अनिल कुमार जैन को द्वादशवर्षीय श्रमण संस्कृति स्वाध्याय पाठ्यक्रम के तहत तीन वर्ष का अध्ययन पूर्ण करने पर ‘सिद्धांत प्रभाकर की उपाधि से विभूषित किया गया। इस उपलब्धि पर गायत्री नगर स्थित जैन मंदिर में मंदिर प्रबंध समिति एवं दिगंबर जैन समाज महारानी फार्म की ओर से उनका अभिनंदन किया गया।

    अखिल भारतवर्षीय दिगंबर जैन युवा परिषद के राष्ट्रीय महामंत्री उदयभान जैन ने बताया कि सांगानेर, जयपुर में आयोजित द्वादशवर्षीय श्रमण संस्कृति स्वाध्याय पाठ्यक्रम में अनिल कुमार जैन ने तीन वर्ष तक अध्ययन किया। पाठ्यक्रम सफलतापूर्वक पूर्ण करने पर संस्थान की ओर से उन्हें ‘सिद्धांत प्रभाकर’ की उपाधि प्रदान की गई।

    संस्थान के अधिष्ठाता जयकुमार जैन, निदेशक डॉ. शीतल चंद जैन, समन्वयक ऋषभ जैन एवं रजिस्ट्रार प्रो. अरुण कुमार जैन की ओर से संयुक्त रूप से जारी प्रमाण पत्र में उपाधि की घोषणा की गई। संस्थान पदाधिकारियों ने अनिल कुमार जैन के उज्ज्वल भविष्य एवं दीर्घायु की कामना की।

    समाज की ओर से किया गया सम्मान

    उपाधि प्राप्त करने के बाद गायत्री नगर, महारानी फार्म स्थित मंदिर में अनिल कुमार जैन का विशेष अभिनंदन किया गया। मंदिर प्रबंध समिति के अध्यक्ष अरुण शाह, मंत्री राजेश बोहरा सहित उपस्थित पदाधिकारियों एवं गणमान्यजनों ने उन्हें तिलक लगाया, माला पहनाई और साफा बांधकर सम्मानित किया।

    इस अवसर पर उपस्थित महिला एवं पुरुष श्रद्धालुओं ने करतल ध्वनि के साथ अनिल कुमार जैन की उपलब्धि का अनुमोदन किया और उन्हें शुभकामनाएं प्रेषित कीं।

    स्वाध्याय को बताया परम तप

    सभा का संचालन करते हुए विधानाचार्य पं. अजित शास्त्री ने कहा कि यह सम्मान स्वाध्याय का सम्मान है। स्वाध्याय परम तप है। उन्होंने स्वाध्याय के महत्व पर प्रकाश डालते हुए सभी उपस्थितजनों से दिन में कम से कम एक बार स्वाध्याय करने का आह्वान किया।

    उन्होंने कहा कि नियमित स्वाध्याय व्यक्ति के ज्ञान को बढ़ाने के साथ-साथ आत्मचिंतन और आध्यात्मिक विकास का मार्ग प्रशस्त करता है। धार्मिक ग्रंथों के अध्ययन से व्यक्ति को जीवन के मूल उद्देश्यों को समझने और अपने आचरण में सकारात्मक परिवर्तन लाने की प्रेरणा मिलती है।

    प्रतिदिन होती है स्वाध्याय सभा

    बताया गया कि महारानी फार्म स्थित गायत्री नगर जैन मंदिर में प्रतिदिन शाम के समय स्वाध्याय सभा का संचालन किया जाता है। इसमें समाज के महिला-पुरुष एवं श्रद्धालु नियमित रूप से शामिल होकर धार्मिक ग्रंथों का अध्ययन एवं स्वाध्याय करते हैं।

    कार्यक्रम में समाज के पदाधिकारी, मंदिर प्रबंध समिति के सदस्य एवं बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे।

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