More
    Homeराजस्थानअलवरप्रकृति संरक्षण का संदेश लेकर खिले नन्हे कदम, विधाकुंज में बच्चों ने...

    प्रकृति संरक्षण का संदेश लेकर खिले नन्हे कदम, विधाकुंज में बच्चों ने रचा हरियाली का उत्सव

    प्रकृति संरक्षण दिवस पर रीडिंग, लीफ क्राफ्ट और संकल्प के जरिए पर्यावरण बचाने का दिया संदेश, 60 से अधिक बच्चों ने की सहभागिता

    अलवर। प्रकृति संरक्षण दिवस (28 जुलाई) के अवसर पर आर. डी. एन. सी. मित्तल फाउंडेशन एवं अभिसारा समिति के संयुक्त तत्वावधान में विधाकुंज लाइब्रेरी में बच्चों के लिए विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य बच्चों में प्रकृति संरक्षण के प्रति जागरूकता विकसित करना, उन्हें विधाकुंज से जोड़ना तथा पुस्तकों के प्रति रुचि और पठन संस्कृति को बढ़ावा देना रहा।

    अश्वत्थ लर्निंग कम्युनिटीज की संस्थापक आरुषी मित्तल ने बताया कि कार्यक्रम के दौरान बच्चों के लिए इंटरएक्टिव रीड-अलाउड, रीडर्स थिएटर, प्रकृति विषयक पुस्तकों का पठन तथा गिरे हुए पत्तों और फूलों से विभिन्न आकृतियां बनाने की रचनात्मक गतिविधि लीफ क्राफ्ट आयोजित की गई। इन सभी गतिविधियों में बच्चों ने पूरे उत्साह और रचनात्मकता के साथ भाग लिया।

    कार्यक्रम के दौरान बच्चों ने प्रकृति संरक्षण का संकल्प लेते हुए जल का कम उपयोग करने, पौधों की देखभाल करने तथा पशु-पक्षियों के प्रति दयालु व्यवहार अपनाने का वचन दिया। कई बच्चों ने पर्यावरण संरक्षण विषय पर अपने स्वयं के लिखे लेख और आकर्षक चित्र भी प्रस्तुत किए। विशेष रूप से पत्तों और फूलों से आकृतियां बनाने की गतिविधि बच्चों के लिए सबसे अधिक आकर्षण का केंद्र रही।

    कार्यक्रम में 60 से अधिक बच्चों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। विधाकुंज लाइब्रेरी में भ्रमण के लिए आए नियमित आगंतुकों ने भी बच्चों की रचनात्मक प्रस्तुतियों की सराहना करते हुए इस पहल को पर्यावरण संरक्षण की दिशा में प्रेरणादायी बताया।

    इस आयोजन को सफल बनाने में शिक्षाविद् विष्णु दत्त स्वामी, आरुषी मित्तल, सुशीला, आरती एवं अंजलि का विशेष योगदान रहा। आयोजकों ने कहा कि ऐसे कार्यक्रम बच्चों में प्रकृति के प्रति संवेदनशीलता विकसित करने के साथ-साथ उन्हें पुस्तकों से जोड़ने का भी प्रभावी माध्यम हैं।

    मिशनसच न्यूज के लेटेस्ट अपडेट पाने के लिए हमारे व्हाट्सप्प ग्रुप को जॉइन करें।
    https://chat.whatsapp.com/JX13MOGfl1tJUvBmQFDvB1

    अन्य खबरों के लिए देखें मिशनसच नेटवर्क

    https://missionsach.com/category/india

    latest articles

    explore more

    LEAVE A REPLY

    Please enter your comment!
    Please enter your name here