पत्नी को आजीवन कारावास
कठूमर। जन्म से अंधे पति की कथित रूप से अपने अज्ञात प्रेमी के साथ मिलकर हत्या करने के मामले में अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश उदय सिंह अलोरिया ने आरोपी पत्नी को आजीवन कारावास एवं 20 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार परिवादी किशोरी ने अपनी पुत्रवधु बबली और उसके अज्ञात प्रेमी के विरुद्ध न्यायालय इस्तगासा के माध्यम से मामला दर्ज कराया था। परिवाद में बताया गया कि 16 सितंबर 2016 की रात भोजन के बाद परिवादी का पुत्र रामचरण, जो जन्म से अंधा था, अपनी पत्नी बबली के साथ कमरे में सोने गया। रात करीब 12 बजे रामचरण ने “मम्मी-मम्मी” कहकर पुकारा। आवाज सुनकर परिवादी की पत्नी पूनम कमरे की ओर पहुंची, लेकिन आरोप है कि बबली ने उन्हें अंदर नहीं जाने दिया।
अगले दिन 17 सितंबर 2016 को बबली ने शोर मचाया कि रामचरण को कुछ हो गया है। मौके पर पहुंचकर परिजनों ने देखा कि रामचरण की गर्दन पर चोट के निशान थे। परिवादी ने आरोप लगाया कि बबली ने अपने प्रेमी के साथ मिलकर रामचरण की हत्या कर दी।
मामला दर्ज होने के बाद पुलिस ने अनुसंधान शुरू किया। जांच के दौरान मौखिक एवं दस्तावेजी साक्ष्य, कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर) सहित अन्य प्रमाणों के आधार पर अपराध प्रमाणित मानते हुए धारा 302 आईपीसी के तहत आरोप पत्र न्यायालय में पेश किया गया।
सरकार की ओर से पैरवी अपर लोक अभियोजक सुनील कुमार अवस्थी ने की। न्यायालय में कुल 22 गवाहों (पीडब्ल्यू) के बयान दर्ज कराए गए तथा 20 दस्तावेज साक्ष्य के रूप में प्रस्तुत किए गए।
सभी साक्ष्यों एवं बहस के उपरांत न्यायालय ने आरोपी बबली को दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास तथा 20 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई।
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