अलवर। जिला कलक्टर डाॅ. आर्तिका शुक्ला ने जिला स्तरीय अधिकारियों की बैठक लेकर फ्लैगशिप योजनाओं व प्रगतिरत विकास कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने लाडो प्रोत्साहन योजना में गत एक माह में जिले की 25वीं रैंक से 7वीं रैंक पर आने पर उप निदेशक महिला अधिकारिता विभाग के कार्य की सराहना की। उन्होंने महिला अधिकारिता विभाग के उप निदेशक को निर्देश दिए कि चिकित्सा विभाग से समन्वय कर लाडो प्रोत्साहन योजना में अलवर जिले को आगामी दो माह में प्रथम पायदान पर लाने का प्रयास करें।
उन्होंने स्वच्छ भारत मिशन शहरी में जिले की मई में 20 वी से चौथी रैंक एवं सिंगल यूज प्लास्टिक की जब्ती में 26 वीं से प्रथम रैंक, स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण में छठी रैंक, प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना में ऋण स्वीकृत कराने वालों में दूसरी रैंक रहने पर संतुष्टि जाहिर की।
उन्होंने नगर निगम आयुक्त को निर्देश दिए कि पीएम स्वनिधि योजना में प्रगति लाते हुए अधिकाधिक पात्र स्ट्रीट वेंडर्स को लाभांवित कराएं। उन्होंने निर्देश दिए कि स्वामित्व योजना के पोर्टल को समयबद्ध अपडेट करना सुनिश्चित करें। उन्होंने जिला उद्योग एवं वाणिज्य केंद्र के महाप्रबंधक को निर्देा दिए कि पीएम विश्वकर्मा युवा उद्यम प्रोत्साहन योजना का व्यापक स्तर पर प्रचार-प्रसार कराने के साथ युवा उद्यमियों को उद्योग स्थापना के लिए प्रोत्साहित करें। उन्होंने राजीविका की डीपीएम को निर्देश दिए कि महिला स्वयं सहायता समूहों के लिए संचालित योजना में प्रगति में सुधार करें तथा कृषि सखी एवं पशु सखी योजनाओं से अधिकाधिक महिलाओं को जोडना सुनिश्चित करें। उन्होंने जयपुर डिस्काॅम के अधीक्षण अभियन्ता को निर्देश दिए कि पीएम कुसुम कम्पोनेंट ए योजना में शत-प्रतिशत प्रगति अर्जित करें।
जिला कलक्टर ने पीडब्ल्यूडी के अधीक्षण अभियन्ता को निर्देश दिए कि वर्षा ऋतु के दौरान स्वीकृत कार्यों में सीसी सडकों का निर्माण कराएं तथा वर्षा ऋतु के बाद तुरन्त डामर सडक बनवाने का कार्य शुरू करें। उन्होंने नगर निगम आयुक्त को निर्देश दिए कि नेहरू गार्डन की तर्ज पर तांगा स्टैण्ड में स्थान चिन्हित कर पिंक टाॅयलेट बनवाना सुनिश्चित करें। उन्होंने यूआईटी के उप सचिव को निर्देश दिये कि प्रगतिरत सौन्दर्यकरण कार्यों को समयबद्ध एवं गुणवत्ता के साथ पूर्ण कराएं। उन्होंने विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिये कि हरियालो राजस्थान अभियान के तहत निर्धारित लक्ष्यानुसार पौधरोपण कराना सुनिश्चित करें। उन्होंने राजस्थान सम्पर्क पोर्टल की समीक्षा कर संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि नियमित रूप से पोर्टल का अवलोकन करें तथा प्रभावी माॅनिटरिंग करते हुए प्रथम बार में प्राप्त परिवेदनाओं को एक सप्ताह में निस्तारित कराएं।


