मिशनसच न्यूज, रैणी । क्षेत्र में इन दिनों यूरिया खाद की भारी किल्लत से किसान बेहाल हैं। खेतों में ज्वार, बाजरा और मक्का जैसी फसलों में यूरिया की सख्त जरूरत है, लेकिन खाद के अभाव में किसान इधर-उधर भटकने को मजबूर हैं। मंगलवार को रैणी जीएसएस (ग्राम सेवा सहकारी समिति) पर खाद वितरण शुरू होते ही हालात बेकाबू हो गए। भीड़ इतनी बढ़ गई कि स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को बुलाना पड़ा।
स्थानीय किसान भोला पटेल, अमित मीणा, लक्ष्मण शर्मा, हरिसिंह मीणा और रामदेवा मीणा ने बताया कि एक-एक कट्टे के लिए घंटों लाइन में लगने के बाद भी खाद नहीं मिल पा रही। जैसे ही मंगलवार को खाद वितरण शुरू हुआ, किसानों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। पुलिस की उपस्थिति में कुछ समय तक वितरण व्यवस्था बनी रही और प्रत्येक किसान को दो बोरी यूरिया दी जा रही थी, लेकिन जैसे ही पुलिस मौके से हटी, वितरण कार्य अव्यवस्था के कारण बंद कर दिया गया।
जीएसएस प्रबंधन के अनुसार, इस दिन 660 बोरी यूरिया खाद आई थी, लेकिन भीड़ को देखकर केवल करीब 150 बोरी ही वितरित की जा सकी। शेष वितरण स्थगित कर दिया गया।
❖ किसानों की पीड़ा:
फसल के इस अहम चरण में खाद की अनुपलब्धता ने किसानों को संकट में डाल दिया है।
किसान लगातार जीएसएस के चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन उन्हें खाली हाथ लौटना पड़ रहा है।
ग्रामीण क्षेत्रों में समय पर खाद न मिलने से फसल उत्पादन पर प्रतिकूल असर पड़ सकता है।
❖ किसानों की मांग:
किसानों ने रैणी क्षेत्र में मांग के अनुरूप यूरिया खाद की पर्याप्त आपूर्ति सुनिश्चित करने की मांग की है, ताकि समय रहते फसलों में खाद दी जा सके और उपज प्रभावित न हो।
इस संकट के बीच प्रशासन और सहकारी विभाग की उदासीनता पर भी सवाल उठने लगे हैं। यदि शीघ्र व्यवस्था नहीं सुधरी तो रैणी क्षेत्र में किसानों का आक्रोश और बढ़ सकता है।


