बाल संरक्षण को पंचायत विकास से जोड़ने पर जोर, GPDP में बच्चों की सुरक्षा-शिक्षा को मिलेगी प्राथमिकता
लक्ष्मणगढ़। बच्चों की सुरक्षा, शिक्षा, स्वास्थ्य और अधिकारों को लेकर ब्लॉक स्तरीय बाल संरक्षण समिति का एक दिवसीय क्षमता वर्धन प्रशिक्षण आयोजित किया गया। शिव शिक्षा समिति, रानोली की ओर से कवच परियोजना के अंतर्गत आयोजित प्रशिक्षण में बाल संरक्षण से जुड़े विभिन्न मुद्दों के साथ-साथ बाल हितैषी ग्राम पंचायत के निर्माण और ग्राम पंचायत विकास योजना (GPDP) में बाल संरक्षण संबंधी गतिविधियों को शामिल करने पर विस्तार से जानकारी दी गई।
प्रशिक्षण का उद्देश्य ब्लॉक स्तरीय बाल संरक्षण समिति के सदस्यों की क्षमता को मजबूत करना तथा पंचायत स्तर पर बच्चों के लिए सुरक्षित और संरक्षित वातावरण तैयार करने के लिए प्रभावी कार्ययोजना विकसित करना रहा।
अधिकारियों और समिति सदस्यों ने लिया प्रशिक्षण
कार्यक्रम में BDO राहुल मीणा, सहायक BDO अमरचंद्र एवं राजेश, प्रशासनिक अधिकारी विनोद तथा स्वच्छ भारत मिशन (SBM) से जगदीश सहित ब्लॉक स्तरीय बाल संरक्षण समिति के सदस्यों ने भाग लिया।
ब्लॉक कोऑर्डिनेटर देवेंद्र कुमार ने प्रतिभागियों को कवच परियोजना के उद्देश्यों की जानकारी देते हुए बताया कि बच्चों के संरक्षण को मजबूत करने के लिए पंचायत और समुदाय स्तर पर समन्वित प्रयास आवश्यक हैं। उन्होंने बाल संरक्षण से जुड़े मामलों की पहचान, निगरानी और समयबद्ध कार्रवाई की आवश्यकता पर भी जोर दिया।
GPDP में बच्चों की जरूरतों को शामिल करने पर जोर
जिला समन्वयक प्रियंका सिंह ने बाल हितैषी ग्राम पंचायत और GPDP की Theme-3 के संबंध में प्रशिक्षण दिया। उन्होंने बताया कि ग्राम पंचायत विकास योजना में बच्चों की सुरक्षा, शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण और अन्य आवश्यकताओं से संबंधित गतिविधियों को प्राथमिकता के साथ शामिल किया जाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि पंचायत विकास की योजनाओं में बच्चों की आवश्यकताओं को शामिल करने से बाल संरक्षण को केवल किसी एक विभाग की जिम्मेदारी तक सीमित रखने के बजाय इसे पंचायत विकास की मुख्यधारा से जोड़ा जा सकता है।
पंचायत डायरी में होगा मामलों का संधारण
प्रशिक्षण के दौरान पंचायत डायरी में बाल संरक्षण से जुड़े मामलों के संधारण, नियमित निगरानी और मासिक रिपोर्टिंग की प्रक्रिया पर भी चर्चा की गई। प्रतिभागियों को पंचायत स्तर पर बाल संरक्षण संबंधी कार्ययोजना तैयार करने तथा उसे GPDP में शामिल कर प्रभावी तरीके से लागू करने के संबंध में मार्गदर्शन दिया गया।
प्रशिक्षण में इस बात पर विशेष जोर दिया गया कि ग्राम पंचायत स्तर पर बच्चों से जुड़े मामलों की नियमित निगरानी हो और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित विभागों के साथ समन्वय कर समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
सुरक्षित और बाल हितैषी वातावरण बनाने का संकल्प
कार्यक्रम के दौरान बाल संरक्षण को पंचायत विकास की प्राथमिकताओं से जोड़ते हुए ग्राम पंचायत स्तर पर बच्चों के लिए सुरक्षित, संरक्षित एवं बाल हितैषी वातावरण सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया।
आयोजकों ने कहा कि बाल संरक्षण के लिए सरकारी विभागों, पंचायत प्रतिनिधियों, प्रशासन और समुदाय के बीच बेहतर समन्वय जरूरी है। बच्चों से जुड़े मुद्दों को विकास योजनाओं में स्थान देने से उनके अधिकारों और जरूरतों पर अधिक प्रभावी ढंग से काम किया जा सकेगा।
कार्यक्रम के सफल आयोजन में ब्लॉक कोऑर्डिनेटर सीताराम एवं पीयूष का महत्वपूर्ण सहयोग रहा।
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