SIR-2026 के तहत जिले के राजकीय विद्यालयों में स्वीप गतिविधियों के माध्यम से विद्यार्थियों व अभिभावकों को मतदाता सूची पुनरीक्षण के लिए जागरूक किया गया।
मिशनसच न्यूज खैरथल-तिजारा। भारत निर्वाचन आयोग द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार जिले में ‘विशेष गहन पुनरीक्षण-2026’ (Special Intensive Revision – SIR 2026) कार्यक्रम को प्रभावी रूप से लागू करने के लिए शिक्षा विभाग द्वारा स्वीप (SVEEP) गतिविधियों का आयोजन लगातार किया जा रहा है। इन गतिविधियों का उद्देश्य मतदाता सूची के पुनरीक्षण, नए मतदाता पंजीकरण तथा आवश्यक संशोधनों को लेकर विद्यार्थियों, अभिभावकों और जनसामान्य में जागरूकता बढ़ाना है। इसी क्रम में मंगलवार को जिले के विभिन्न राजकीय विद्यालयों में विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए, जिनमें छात्रों को लोकतांत्रिक प्रक्रिया और मतदाता सूची पुनरीक्षण के महत्व से अवगत कराया गया।
राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय में आयोजित विशेष सत्र के दौरान विद्यार्थियों को SIR-2026 की रूपरेखा, उद्देश्य और उनके महत्व के बारे में विस्तृत जानकारी प्रदान की गई। विद्यालय प्रशासन और शिक्षकों ने बताया कि मतदाता सूची का समय-समय पर पुनरीक्षण लोकतांत्रिक प्रक्रिया का महत्वपूर्ण हिस्सा है। सही आंकड़ों, अद्यतन सूचनाओं और नए पात्र मतदाताओं को शामिल कर लोकतांत्रिक ढांचे को मजबूत बनाया जा सकता है। इसी उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए भारतीय निर्वाचन आयोग ने SIR-2026 के तहत जिलेभर में जागरूकता बढ़ाने के लिए विशेष अभियान चलाया है।
इस दौरान विद्यार्थियों को मतदाता सूची से संबंधित गणना प्रपत्र (Forms) की जानकारी दी गई। प्रशिक्षकों ने विस्तार से बताया कि नए मतदाता पंजीकरण, नाम में संशोधन, पता परिवर्तन या अन्य सुधार हेतु गणना प्रपत्रों का कैसे उपयोग किया जाता है। छात्रों को ऑफलाइन फॉर्म भरने की विधि के साथ-साथ ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया के बारे में भी तकनीकी रूप से प्रशिक्षित किया गया।
कार्यक्रम में विद्यालय स्टाफ ने मोबाइल और कंप्यूटर के माध्यम से चुनाव आयोग की आधिकारिक वेबसाइट एवं वोटर सेवा पोर्टल पर उपलब्ध विकल्पों को समझाया। विद्यार्थियों को दिखाया गया कि किस प्रकार वे ऑनलाइन गणना प्रपत्र भर सकते हैं, दस्तावेज अपलोड कर सकते हैं और आवेदन की स्थिति भी देख सकते हैं। ऑनलाइन प्रक्रिया को सरल और समय बचाने वाला बताते हुए प्रशिक्षकों ने विद्यार्थियों को डिजिटल माध्यम से मतदान से जुड़ी जानकारी प्राप्त करने के लिए प्रेरित किया।
अधिकारियों ने बताया कि SVEEP कार्यक्रम का लक्ष्य केवल विद्यार्थियों तक सीमित नहीं है, बल्कि उन्हें अभिभावकों और समाज के अन्य लोगों तक जानकारी पहुंचाने के लिए ‘मैसेंजर’ की भूमिका में तैयार करना भी है। विद्यार्थियों से कहा गया कि वे घर जाकर अपने माता-पिता को विशेष गहन पुनरीक्षण के महत्व के बारे में बताएं तथा उन्हें आवश्यक दस्तावेजों के साथ मतदाता सूची से संबंधित अद्यतन प्रक्रियाएं समय पर पूरी करने के लिए प्रेरित करें।
शिक्षकों ने यह भी बताया कि अक्सर ग्रामीण क्षेत्रों में लोग फॉर्म भरने, संशोधन प्रक्रियाओं और ऑनलाइन आवेदन के बारे में पूर्ण जानकारी न होने के कारण कठिनाइयों का सामना करते हैं। ऐसे में बच्चे ही सबसे प्रभावी माध्यम बनते हैं, जो जानकारी को आसानी से घर-घर तक पहुंचा सकते हैं।
विद्यालयों में आयोजित इस जागरूकता गतिविधि में पोस्टर प्रदर्शन, चर्चा सत्र, प्रश्नोत्तरी और प्रेरक संवाद शामिल थे। छात्रों ने भी बड़ी उत्सुकता के साथ इन गतिविधियों में भाग लिया तथा मतदान प्रक्रिया को लेकर कई सवाल पूछे। अधिकारियों ने छात्रों से कहा कि वे 18 वर्ष की आयु पूरी करने पर सबसे पहले मतदाता सूची में नाम दर्ज करवाएं और जिम्मेदार नागरिक के रूप में लोकतांत्रिक व्यवस्था को मजबूत बनाने में भागीदारी निभाएं।
स्वीप कार्यक्रम के तहत जिले भर के अन्य विद्यालयों में भी इसी प्रकार की गतिविधियां संचालित की जा रही हैं, जिनका उद्देश्य जनवरी 2026 तक SIR-2026 की सभी निर्धारित प्रक्रियाओं को पूर्ण रूप से सफल बनाना है। जिला प्रशासन ने बताया कि शिक्षा विभाग के माध्यम से जारी यह जागरूकता अभियान आने वाले दिनों में और भी तेज गति से संचालित होगा।
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