AI सर्वे में 500 गड्ढे और दुर्घटना संभावित स्थल चिन्हित, ट्रैफिक सुधार, ब्लैक स्पॉट और ड्रेनेज व्यवस्था पर समन्वित कार्रवाई के निर्देश
अलवर। जिले में सड़क सुरक्षा को लेकर जिला प्रशासन ने बड़ा एक्शन प्लान तैयार किया है। जिला कलक्टर डॉ. आर्तिका शुक्ला ने बुधवार को कलक्ट्रेट सभागार में आयोजित जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में संबंधित विभागों को समन्वित प्रयासों से सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने और यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि जिले में सुगम यातायात और सड़क दुर्घटनाओं की प्रभावी रोकथाम के लिए सभी विभाग टीम भावना के साथ कार्य करें।
बैठक में यूआईटी द्वारा शहर में बेहतर ट्रैफिक प्रबंधन एवं दुर्घटना संभावित स्थानों की पहचान के लिए कराए गए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित सर्वे की विस्तृत समीक्षा की गई। जिला कलक्टर ने सर्वे रिपोर्ट के आधार पर संबंधित विभागों को त्वरित कार्रवाई के निर्देश देते हुए कहा कि चिन्हित दुर्घटना संभावित स्थलों पर आवश्यक साइनेज, संकेतक बोर्ड, स्पीड ब्रेकर, रोड मार्किंग और अन्य सुरक्षा उपाय सुनिश्चित किए जाएं।
AI सर्वे में मिले 500 गड्ढे, तीन महीने में गड्ढामुक्त होंगी सड़कें
जिला कलक्टर ने बताया कि एआई तकनीक से किए गए सर्वे में अलवर शहर की सड़कों पर 500 गड्ढों की पहचान की गई है। उन्होंने संबंधित विभागों को निर्देश दिए कि एक प्रभावी एक्शन प्लान तैयार कर आगामी तीन माह के भीतर शहर की सभी प्रमुख सड़कों को गड्ढामुक्त बनाया जाए।
मुख्य मार्गों का भी होगा विस्तृत सर्वे
डॉ. शुक्ला ने यूआईटी सचिव को निर्देशित किया कि शहर में प्रवेश करने वाले प्रमुख मार्गों पर 5 से 10 किलोमीटर तक विस्तृत ट्रैफिक सर्वे कराया जाए, ताकि भविष्य की यातायात आवश्यकताओं के अनुरूप सुधारात्मक कार्य किए जा सकें।
ड्रेनेज और जलभराव पर विशेष जोर
बैठक में नगर निगम और यूआईटी अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि बारिश के दौरान सड़कों पर जलभराव की समस्या समाप्त करने के लिए प्रभावी ड्रेनेज सिस्टम विकसित किया जाए। भविष्य में बनने वाली सड़कों के साथ ड्रेनेज योजना भी अनिवार्य रूप से तैयार करने तथा खुले ड्रेनेज होल को सुरक्षा की दृष्टि से ढकने के निर्देश दिए गए।
ब्लैक स्पॉट का होगा गहन विश्लेषण
जिला कलक्टर ने जिले के सभी चिन्हित ब्लैक स्पॉट और हाल की सड़क दुर्घटनाओं का गहन विश्लेषण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि दुर्घटनाओं के वास्तविक कारणों की पहचान कर रोड इंजीनियरिंग में आवश्यक सुधार, विजिबल साइनेज और अन्य सुरक्षा उपाय तत्काल लागू किए जाएं।
कैशलेस उपचार योजना का व्यापक प्रचार
बैठक में चिकित्सा विभाग को निर्देश दिए गए कि सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्तियों के लिए पीएम राहत योजना के तहत सरकारी एवं निजी अस्पतालों में उपलब्ध 1.50 लाख रुपये तक के कैशलेस उपचार की जानकारी आमजन तक व्यापक रूप से पहुंचाई जाए।
बैठक में एडीएम प्रथम योगेश डागुर, यूआईटी सचिव धीग्दे स्नेहल नाना, एडीएम द्वितीय बीना महावर, एडीएम शहर अंबालाल मीणा, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मुख्यालय दीपक कुमार, पीडब्ल्यूडी अधीक्षण अभियंता भूरी सिंह, आरटीओ रविंद्र जोशी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
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