समृद्ध भारत अभियान ने उठाया ग्रामीण मातृ स्वास्थ्य का मुद्दा, सक्षम केंद्रों पर संसाधन और संस्थागत प्रसव के लक्ष्य तय करने का आग्रह
भरतपुर। ग्रामीण क्षेत्रों में गर्भवती महिलाओं को उनके निकटतम स्वास्थ्य केंद्र पर सुरक्षित एवं समयबद्ध प्रसव सुविधा उपलब्ध कराने के लिए प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र स्तर पर संस्थागत प्रसव सेवाओं को सुदृढ़ करने की आवश्यकता है। इसके लिए प्रत्येक सक्षम प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर प्रसव सुविधा, आवश्यक संसाधन तथा संस्थागत प्रसव के स्पष्ट लक्ष्य निर्धारित किए जाने चाहिए।
समृद्ध भारत अभियान के निदेशक सीताराम गुप्ता ने जिला कलेक्टर को पत्र लिखकर आग्रह किया है कि जिले में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों के साथ-साथ प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र स्तर पर भी प्रसव सेवाओं की विस्तृत समीक्षा कर उन्हें चरणबद्ध रूप से मजबूत किया जाए।
उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र आमजन के लिए स्वास्थ्य सेवाओं का सबसे निकटतम संस्थान होता है। यदि सामान्य प्रसव के लिए भी गर्भवती महिलाओं को दूर स्थित सामुदायिक या जिला अस्पताल जाना पड़े, तो विशेषकर दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों में समय, परिवहन और आपात स्थिति जैसी समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं। ऐसे में जहां भवन, प्रशिक्षित स्टाफ, आवश्यक उपकरण, दवाइयां एवं अन्य आधारभूत सुविधाएं उपलब्ध हैं या विकसित की जा सकती हैं, वहां प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर नियमित अथवा चौबीसों घंटे प्रसव सुविधा विकसित करने की कार्ययोजना बनाई जानी चाहिए।
सीताराम गुप्ता ने कहा है कि प्रत्येक सक्षम प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के लिए संस्थागत प्रसव का वार्षिक एवं मासिक लक्ष्य निर्धारित किया जाए। तथा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर एएनएम या प्रशिक्षित स्टाफ, आवश्यक उपकरण, दवाइयां एवं प्रसव कक्ष की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। पत्र में कहा है जिन प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर प्रसव सुविधा वर्तमान में बंद है अथवा बहुत कम है, उनका कारणवार आकलन कर उन्हें पुनः सक्रिय किया जाए।
गुप्ता ने प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र एवं जिला अस्पताल तक मजबूत रेफरल एवं एम्बुलेंस व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि जटिल मामलों को तत्काल उच्च स्वास्थ्य केंद्र पर भेजा जा सके। उन्हें प्रत्येक प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र एवं सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर संस्थागत प्रसव, रेफरल, मातृ स्वास्थ्य तथा उपलब्ध संसाधनों की मासिक समीक्षा की जाए।
उन्होंने कहा कि सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र को मजबूत करना आवश्यक है, लेकिन ग्रामीण स्तर पर स्वास्थ्य सेवाओं को प्रभावी बनाने के लिए प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र को मजबूत करना भी उतना ही महत्वपूर्ण है। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र को सामान्य प्रसव एवं प्राथमिक मातृ स्वास्थ्य सेवाओं का प्रभावी केंद्र तथा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र को जटिल मामलों के लिए मजबूत रेफरल केंद्र बनाया जाए तो जिले की स्वास्थ्य व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाया जा सकता है।
सीताराम गुप्ता ने जिला कलेक्टर से आग्रह किया कि इस विषय को जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक में शामिल कर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रवार प्रसव सुविधाओं, उपलब्ध संसाधनों, स्टाफ, उपकरणों एवं संस्थागत प्रसव के लक्ष्यों की समीक्षा कर आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए जाएं।
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