ग्राफिटी के माध्यम से नट सांस्कृतिक विरासत और वंशावली को मिला नया मंच
अलवर। वर्ल्ड कॉमिक्स इंडिया द्वारा घुमंतू एवं विमुक्त समुदायों के सांस्कृतिक संरक्षण के लिए चलाए जा रहे अभियान के तहत शनिवार को अलवर जिले के सुकल गांव में नट समुदाय की संस्कृति, लोक मनोरंजन, वेशभूषा और वंशावली को समर्पित आकर्षक ग्राफिटी का सामूहिक अनावरण किया गया। इस पहल का उद्देश्य समुदाय की सांस्कृतिक पहचान को संरक्षित करने के साथ नई पीढ़ी को अपनी विरासत से जोड़ना है।
ग्राफिटी का अनावरण गांव के मुखिया देवचंद के नेतृत्व में समुदाय के लोगों ने किया। इस अवसर पर नट समुदाय के अलावा बंजारा, गाड़िया लोहार, सपेरा एवं राजनट समुदाय के प्रतिनिधियों ने भी भाग लिया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए वर्ल्ड कॉमिक्स इंडिया के संस्थापक कार्टूनिस्ट शरद शर्मा ने कहा कि ग्राफिटी केवल विरोध का माध्यम नहीं, बल्कि सांस्कृतिक अभिव्यक्ति और पहचान का भी सशक्त प्रतीक है। उन्होंने कहा कि दुनिया के कई देशों में ग्राफिटी ने समाज के हाशिये पर खड़े समुदायों की आवाज़ को सामने लाने का काम किया है और भारत में संस्था इसी माध्यम से घुमंतू एवं विमुक्त समुदायों की विलुप्त होती सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण का प्रयास कर रही है।
संस्था के वरिष्ठ सदस्य एवं वरिष्ठ पत्रकार प्रमोद मालिक तथा सामाजिक चिंतक बी.एल. वर्मा ने घुमंतू एवं विमुक्त जनजातियों के गौरवशाली इतिहास और समृद्ध सांस्कृतिक विरासत पर प्रकाश डालते हुए युवाओं से अपनी परंपराओं और सांस्कृतिक पहचान को सहेजने का आह्वान किया।
शरद शर्मा ने बताया कि वर्ल्ड कॉमिक्स इंडिया पिछले कई वर्षों से अलवर एवं आसपास के जिलों में कॉमिक्स, ग्राफिटी और अन्य रचनात्मक माध्यमों के जरिए घुमंतू एवं विमुक्त समुदायों के बीच सांस्कृतिक संरक्षण, सामुदायिक संवाद और युवा नेतृत्व विकास के कार्यक्रम संचालित कर रही है। इससे पहले संस्था बंजारा और सपेरा समुदाय के गांवों में भी उनकी सांस्कृतिक विरासत को दर्शाने वाली ग्राफिटी तैयार कर चुकी है।
सुकल निवासी सतवान ने कहा कि इस प्रकार की पहलें समुदाय में भाईचारे को मजबूत करने के साथ-साथ नई पीढ़ी को अपने इतिहास और संस्कृति से जोड़ने का महत्वपूर्ण कार्य करती हैं। उन्होंने युवाओं से शिक्षा को अपनाकर अपने भविष्य को बेहतर बनाने का आह्वान किया।
सामुदायिक लीडर करीना ने कहा कि वर्ल्ड कॉमिक्स इंडिया के साथ जुड़कर उन्हें अपने समुदाय की बेहतरी के लिए कार्य करने का अवसर मिला है। उन्होंने बताया कि यह ग्राफिटी गांव में एक साझा सांस्कृतिक मंच के रूप में विकसित होगी, जहां लोग अपनी परंपराओं, इतिहास और सामाजिक मुद्दों पर संवाद कर सकेंगे।
कार्यक्रम के अंत में ग्रामीणों ने संस्था के प्रयासों की सराहना करते हुए भविष्य में भी सांस्कृतिक संरक्षण और सामुदायिक विकास के लिए मिलकर कार्य करने का संकल्प लिया।
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