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    सृजक की कवि गोष्ठी में साहित्य का रंग, विनय दत्त शर्मा सम्मानित

    अलवर की साहित्यिक शाम में प्रतिभाओं का सम्मान, कवियों-शायरों ने बांधा समां

    अलवर। शहर की प्रतिष्ठित साहित्यिक एवं सामाजिक संस्था ‘सृजक’ की मासिक कवि गोष्ठी रविवार को रेलवे स्टेशन के सामने स्थित संजय नगर कॉलोनी में एम.एन.सी.आई. कोचिंग सभागार में उत्साह और साहित्यिक गरिमा के साथ आयोजित हुई। कार्यक्रम की अध्यक्षता संस्था के वरिष्ठ उपाध्यक्ष गोकुल राम शर्मा ‘दिवाकर’ ने की। गोष्ठी में कविता, गीत, गजल, शायरी और संगीत की विविध प्रस्तुतियों ने श्रोताओं को देर तक मंत्रमुग्ध बनाए रखा।

    कवियों ने बिखेरे रचनाओं के रंग
    कवियों ने बिखेरे रचनाओं के रंग

    इस अवसर पर अलवर के स्कीम नंबर-10 निवासी युवा प्रतिभावान छात्र विनय दत्त शर्मा को संस्था की ओर से सम्मानित किया गया। उन्हें सम्मान पत्र, प्रतीक चिन्ह, माला और पटका पहनाकर अभिनंदन किया गया तथा उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दी गईं। संस्था के उपाध्यक्ष खेमेन्द्र सिंह चंद्रावत ने बताया कि विनय दत्त शर्मा ने सर्वोत्तम मार्केटिंग ऑफिसर का उत्कृष्ट सम्मान प्राप्त किया है तथा उत्तराखंड के ऋषिकेश में आयोजित प्रतियोगिता में ‘ए’ ग्रेड के साथ प्रथम स्थान हासिल कर अलवर जिले का गौरव बढ़ाया है। विनय, अलवर के प्रसिद्ध ज्योतिषाचार्य यज्ञ दत्त शर्मा के पुत्र हैं।

    संस्था के सचिव रामचरण ‘राग’ ने बताया कि कार्यक्रम का शुभारंभ सरस्वती वंदना से हुआ। गोष्ठी में मुख्य अतिथि के रूप में वरिष्ठ कवि रघुवर दयाल जैन उपस्थित रहे, जबकि विशिष्ट अतिथि के रूप में संरक्षक गिरवर सिंह बाँकावत, डॉ. वेद प्रकाश यादव ‘सहज’ और चिन्मय पाराशर मौजूद रहे।

    कार्यक्रम में वरिष्ठ गीतकार नानक चंद ‘नवीन’ और प्रवेन्द्र पंडित ने अपने सुमधुर गीतों से माहौल को सरस बना दिया। युवा कवि एवं समीक्षक प्रेम शर्मा की साहित्यिक रचनाओं को खूब सराहा गया। वरिष्ठ कवि प्रदीप माथुर की बाल कविता ने विशेष आकर्षण बटोरा, वहीं डॉ. वेद प्रकाश यादव ‘सहज’ के श्रृंगार रस से परिपूर्ण मेवाती गीतों ने श्रोताओं को भाव-विभोर कर दिया।

    कवयित्री सीमा कालराव, रूपेन्द्र महलान, नीलिमा कालरा और शीला स्वामी की रचनाओं ने भी खूब तालियां बटोरीं। युवा कवि विश्राम, अजीज और महेश वेदामृत की समसामयिक कविताओं ने समाज के विभिन्न पहलुओं को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया। युवा शायर मोहम्मद रफीक खान, सदाराम ‘सदा’ और धर्मेन्द्र शर्मा की शेरो-शायरी ने महफिल में रंग जमाया, जबकि रघुनंदन अवस्थी के देशभक्ति गीत को भी खूब सराहा गया।

    डॉ. शिवचरण चैड़वाल और रामचरण ‘राग’ की गजलों ने श्रोताओं को भावनात्मक स्पर्श दिया। कार्यक्रम के दौरान प्रसिद्ध बांसुरी वादक सुभाष नकड़ा ने पुराने गीतों की मधुर धुनें प्रस्तुत कर वातावरण को संगीतमय बना दिया।

    गोष्ठी में संस्था की उपाध्यक्ष रेणु मिश्रा, कोषाध्यक्ष हेमराज सैनी, प्रवक्ता मुकेश मीणा, राधेश्याम शर्मा, शिक्षाविद प्रदीप सैनी, राज नारायण सैन, अजय शर्मा, अरविन्द, प्रवीण, रोहित, हरिनारायण, गुड्डी शर्मा, सचिन झाड़ोलिया, कपिल शर्मा, जितेन्द्र पोपली और एडवोकेट हरिशंकर गोयल सहित अनेक साहित्य प्रेमी और गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

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