3.30 करोड़ की लागत से बावड़ी संरक्षण एवं पुनर्जीवन कार्य शुरू
मिशनसच न्यूज भरतपुर। वैर तहसील क्षेत्र के ऐतिहासिक गांव हाथोड़ी स्थित प्राचीन बावड़ी के नवीनीकरण एवं जीर्णोद्धार कार्य का शिलान्यास शुक्रवार को विधिविधान एवं पूजा-अर्चना के साथ संपन्न हुआ। शिलान्यास भारत सरकार के अवसंरचना वित्त निगम (आईआईएफसीएल) के प्रबंध निदेशक पलाश श्रीवास्तव द्वारा किया गया। इस ऐतिहासिक बावड़ी के संरक्षण एवं पुनर्जीवन का कार्य समृद्ध ग्राम्य अभियान सोसाइटी द्वारा आईआईएफसीएल के सहयोग से लगभग 3 करोड़ 30 लाख रुपये की लागत से कराया जाएगा।
मुख्य अतिथि पलाश श्रीवास्तव ने कहा कि भारत की प्राचीन जल संरचनाएं हमारी सांस्कृतिक विरासत के साथ-साथ जीवन तंत्र का अभिन्न हिस्सा रही हैं। समय के साथ इन संरचनाओं की उपेक्षा से वे निष्क्रिय होती चली गईं, लेकिन वर्तमान जल संकट ने इनके संरक्षण की आवश्यकता को फिर से उजागर किया है। उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार द्वारा देशभर में ऐतिहासिक बावड़ियों के संरक्षण हेतु विशेष पहल की जा रही है, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में जल उपलब्धता को स्थायी बनाया जा सके।
वैर पंचायत समिति के विकास अधिकारी सुरेश सैनी ने कहा कि जीर्णोद्धार के बाद यह बावड़ी क्षेत्र में जल संरक्षण का आदर्श उदाहरण बनेगी। इससे ग्रामीणों, पशुपालकों एवं पशुधन को मीठे पानी की नियमित सुविधा उपलब्ध होगी।
समृद्ध ग्राम्य अभियान के अध्यक्ष सीताराम गुप्ता ने बताया कि परियोजना के अंतर्गत बावड़ी की संरचनात्मक मरम्मत, जल स्रोतों की सफाई, दीवारों एवं सीढ़ियों का पुनर्निर्माण किया जाएगा। जीर्णोद्धार के पश्चात इसे पर्यटन स्थल के रूप में भी विकसित करने की योजना है।
कार्यक्रम के अंत में ग्राम पंचायत प्रशासक फत्ते सिंह ने आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस बावड़ी के पुनर्जीवन से ग्रामीणों को जल संकट से राहत मिलेगी और गांव की ऐतिहासिक पहचान को नया जीवन मिलेगा।
समारोह में आईआईएफसीएल के सीएसआर विभाग के एचओडी सुबोध शर्मा, सहायक प्रबंध निदेशक अमित कुमार, संस्था के स्टेट हेड पुनीत गुप्ता, पूर्व जिला प्रमुख द्वारिका प्रसाद गोयल, किसान नेता इन्दल सिंह जाट सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।
मिशनसच न्यूज के लेटेस्ट अपडेट पाने के लिए हमारे व्हाट्सप्प ग्रुप को जॉइन करें।
https://chat.whatsapp.com/JX13MOGfl1tJUvBmQFDvB1
अन्य खबरों के लिए देखें मिशनसच नेटवर्क


