नई दिल्ली: मंगलवार को अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में हल्की बढ़ोतरी दर्ज की गई, जबकि पिछले सत्र में इनमें भारी गिरावट आई थी। अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के कारण मिडिल ईस्ट से होने वाली तेल आपूर्ति में रुकावट की आशंका बनी हुई है, जिससे वैश्विक बाजार में सतर्कता का माहौल है।
ब्रेंट और डब्ल्यूटीआई क्रूड में सुधार
पिछले सत्र में भारी गिरावट के बाद ब्रेंट क्रूड फ्यूचर्स में 0.7 प्रतिशत की बढ़त हुई और यह 84.39 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया। इसी तरह, यूएस वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट यानी डब्ल्यूटीआई क्रूड भी 0.7 प्रतिशत बढ़कर 80.95 डॉलर प्रति बैरल हो गया, जो पिछले सत्र के निचले स्तरों से उबर रहा है।
अमेरिका-ईरान के बीच कूटनीतिक गतिरोध
रविवार को अमेरिकी बयान के बाद कीमतों में नरमी आई थी कि ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई टाल दी गई है और कूटनीतिक प्रयास जारी हैं। हालांकि, सोमवार को ईरान के विदेश मंत्रालय ने अमेरिका के साथ किसी भी प्रकार की बातचीत या बैठक से साफ इनकार कर दिया, जिससे बाजार में अनिश्चितता फिर से बढ़ गई।
होर्मुज जलडमरूमध्य में शिपिंग और सुरक्षा चिंताएं
रणनीतिक रूप से अहम होर्मुज जलडमरूमध्य पर विवाद और सुरक्षा खतरे लगातार बने हुए हैं। यूनाइटेड किंगडम मैरीटाइम ट्रेड ऑपरेशन्स के अनुसार ओमान के पास एक कार्गो जहाज पर अज्ञात प्रोजेक्टाइल से हमले की सूचना मिली है, जिसके चलते कई जहाजों ने अपने रूट बदल दिए हैं और आवाजाही धीमी हो गई है।


