जयपुर: राजस्थान में छात्रसंघ चुनाव फिर से शुरू कराने की मांग को लेकर जारी छात्र आंदोलन अब सियासी रूप ले चुका है। जयपुर के सवाई मानसिंह (एसएमएस) अस्पताल में आमरण अनशन पर भर्ती छात्र नेता शुभम रेवाड़ से मिलने बुधवार को पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत पहुंचे। गहलोत ने वहां जाकर छात्र नेता के गिरते स्वास्थ्य का जायजा लिया और राज्य प्रशासन से इस पूरे मामले में अविलंब हस्तक्षेप कर गतिरोध खत्म कराने तथा अनशन तुड़वाने की मांग की।
15 दिनों से अनशन जारी, सरकार के रवैये पर उठाए सवाल
पूर्व मुख्यमंत्री ने प्रदेश सरकार की कार्यशैली पर सवाल खड़े करते हुए कहा कि छात्र नेता के अनशन को 15 दिन बीत चुके हैं और अब उन्होंने जल का त्याग भी कर दिया है। इसके बावजूद प्रशासन द्वारा उनसे संवाद स्थापित करने या उनकी वाजिब मांगों पर संवेदनशीलता से विचार करने का कोई प्रयास नहीं किया गया। गहलोत ने कहा कि पूरे राज्य के हजारों विद्यार्थी छात्रसंघ चुनावों की मांग दोहरा रहे हैं, किंतु सरकार का उपेक्षात्मक रुख बेहद चिंताजनक है।
मध्य प्रदेश के फैसले का दिया हवाला, इलाज लेने से इनकार
गहलोत ने पड़ोसी राज्य मध्य प्रदेश का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां उच्च न्यायालय के आदेश के पश्चात सभी सरकारी विश्वविद्यालयों में छात्रसंघ चुनाव कराने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है, जिससे राजस्थान सरकार को भी प्रेरणा लेनी चाहिए। दूसरी ओर, अस्पताल में भर्ती शुभम रेवाड़ ने चिकित्सकों को लिखित में दे दिया है कि मांगें पूरी होने तक वे किसी भी प्रकार का चिकित्सीय इलाज या जल ग्रहण नहीं करेंगे। डॉक्टरों ने सचेत किया है कि पानी न लेने से उनके शरीर के महत्वपूर्ण अंगों पर गंभीर प्रभाव पड़ सकता है।


