More
    Homeराज्यमध्यप्रदेशनोटबंदी के बाद पहली बार रविवार को खुले बैंक, 90% कामकाज प्रभावित

    नोटबंदी के बाद पहली बार रविवार को खुले बैंक, 90% कामकाज प्रभावित

    नई दिल्ली। देश की राजधानी दिल्ली में रविवार के दिन बैंक शाखाओं में आम दिनों की तरह सामान्य कामकाज जारी रहा। सोमवार से लगातार तीन दिनों तक होने वाली बैंक हड़ताल के मद्देनजर रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) के निर्देश पर आज (ऐतिहासिक रूप से रविवार को) भी सभी बैंकों को खुला रखा गया है, ताकि आम जनता और ग्राहक अपनी जरूरी वित्तीय काम-काज और लेन-देन बिना किसी परेशानी के समय पर निपटा सकें।

    क्यों बुलाई गई है तीन दिन की हड़ताल?

    बैंक कर्मचारियों और अधिकारियों के विभिन्न संगठनों ने अपनी प्रमुख मांगों को लेकर सोमवार से बुधवार तक यानी लगातार तीन दिनों की राष्ट्रव्यापी हड़ताल की घोषणा की है। कर्मचारियों की मुख्य मांगों में बैंकिंग सेक्टर में सप्ताह में पांच दिन कामकाज (Five-Day Work Week) लागू करना और अन्य लंबित सेवा शर्तें शामिल हैं। इसी हड़ताल के कारण उत्पन्न होने वाली असुविधा से बचने के लिए केंद्रीय बैंक ने रविवार के दिन भी बैंक खुले रखने का आदेश दिया था।

    रविवार होने और ऑनलाइन बैंकिंग के कारण नहीं दिखी भीड़

    रविवार का दिन होने के कारण आज दिल्ली की बैंक शाखाओं में ग्राहकों की वैसी भारी भीड़ देखने को नहीं मिली, जैसी सामान्य कार्यदिवसों में होती है। इसके मुख्य दो कारण रहे:

    • छुट्टी का माहौल: रविवार का दिन होने की वजह से आम तौर पर लोग छुट्टी के मूड में रहते हैं और अवकाश का आनंद लेते हैं।

    • डिजिटल और इंटरनेट बैंकिंग: बैंक कर्मियों के मुताबिक, आज के समय में बैंकिंग प्रणाली का अधिकांश हिस्सा पूरी तरह से इंटरनेट आधारित और डिजिटल हो चुका है। लोग घर बैठे ऑनलाइन ट्रांजैक्शन, मोबाइल बैंकिंग और यूपीआई (UPI) का बड़े पैमाने पर इस्तेमाल करते हैं, इसलिए अब बैंक शाखाओं में फिजिकल भीड़भाड़ काफी कम रहती है।

    बहरहाल, हड़ताल के शुरुआती दिनों में किसी भी तरह की कागजी या जरूरी बैंकिंग अड़चन से बचने के लिए आज खुले रहे बैंकों ने ग्राहकों को बड़ी राहत पहुंचाई है।

    latest articles

    explore more

    LEAVE A REPLY

    Please enter your comment!
    Please enter your name here