राम को अयोध्या लौटाने पहुंचे भरत, चरण पादुका लेकर लौटने के दृश्य ने दर्शकों को किया भावुक; कलाकारों के अभिनय को मिली सराहना
कोटकासिम। दिन के समय खुले मैदान में आयोजित रामलीला में बुधवार को चित्रकूट पर भरत मिलाप लीला का मार्मिक मंचन किया गया। नरेंद्र सोनी की अध्यक्षता और चतुर्भुज शर्मा के निर्देशन में हुए इस मंचन में कलाकारों ने राम और भरत के भाईचारे, त्याग तथा मर्यादा को जीवंत रूप में प्रस्तुत किया। भरत और राम के मिलन का दृश्य देखकर दर्शक भावुक हो गए।
राम को अयोध्या लौटाने पहुंचे भरत
रामलीला के मीडिया प्रभारी योगेश अग्रवाल ने बताया कि लीला में भरत अपने बड़े भाई राम को अयोध्या वापस लाने के लिए चित्रकूट पहुंचते हैं। हालांकि, राम पिता के आदेश का पालन करने की बात कहते हुए अयोध्या लौटने से इनकार कर देते हैं। भरत की भूमिका निभा रहे नमन शर्मा और राम की भूमिका में रवि सैनी ने संवाद और अभिनय के माध्यम से इस प्रसंग को प्रभावशाली बनाया।
राम का माता कैकेयी के प्रति प्रेम देखकर कैकेयी को भी अपने किए पर पश्चाताप होता है। इस प्रसंग ने दर्शकों को भावुक कर दिया।
चरण पादुका लेकर अयोध्या लौटे भरत
लीला के अंतिम दृश्य में भरत ने राम से उनकी चरण पादुका मांगी और चौदह वर्ष पूरे होने पर अयोध्या लौटने का आग्रह किया। भरत ने राम के प्रति अपनी निष्ठा व्यक्त करते हुए कहा कि यदि निर्धारित समय पर उनकी वापसी नहीं हुई तो वे स्वयं को जीवित नहीं रखेंगे। इसके बाद भरत राम की चरण पादुका सिर पर रखकर अपने दल के साथ अयोध्या लौट जाते हैं। इस दृश्य ने रामलीला में उपस्थित दर्शकों को भावविभोर कर दिया।
कलाकारों ने निभाईं विभिन्न भूमिकाएं
मंचन में रवि सैनी ने राम, विशेष अग्रवाल ने लक्ष्मण, नमन शर्मा ने भरत, खुशाल शर्मा ने शत्रुघ्न और संजय शर्मा ने सीता की भूमिका निभाई। उत्तम कौशिक गुरु वशिष्ठ, यशवंत जोशी निषादराज, योगेश ज्योतिषी सुमंत, पीयूष गुप्ता रानी कौशल्या, हिमांशु कैकेयी, समर कश्यप सुमित्रा, मोहित शर्मा राजा जनक, राजेश सोनी ऋषि वाल्मीकि, भावेश सैनी कौआ और पीयूष सैनी जयंत की भूमिका में नजर आए।
कलाकारों ने अपने अभिनय से रामलीला के इस प्रसंग को प्रभावशाली बनाया।
मिशनसच न्यूज के लेटेस्ट अपडेट पाने के लिए हमारे व्हाट्सप्प ग्रुप को जॉइन करें।
https://chat.whatsapp.com/JX13MOGfl1tJUvBmQFDvB1
अन्य खबरों के लिए देखें मिशनसच नेटवर्क


