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    अलवर के रेल विकास के लिए चार बड़ी मांगें, डॉ. सतीश पूनिया को लिखा पत्र

    बाईपास रेललाइन पर उपग्रह स्टेशन, प्रमुख शहरों के लिए नई ट्रेनें और राजधानी एक्सप्रेस के ठहराव की मांग; रेल विकास संघर्ष समिति ने रेल मंत्रालय तक आवाज पहुंचाने का किया आग्रह

    अलवर। अलवर और आसपास के क्षेत्रों में रेल सुविधाओं के विस्तार तथा नई लंबी दूरी की रेल सेवाएं शुरू कराने की मांग को लेकर रेल विकास संघर्ष समिति ने राज्यसभा सांसद एवं भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय महामंत्री डॉ. सतीश पूनिया को पत्र भेजा है। समिति ने पत्र के माध्यम से क्षेत्र की चार प्रमुख रेल मांगों को रेल मंत्रालय और रेलवे बोर्ड के समक्ष प्रभावी ढंग से उठाने का आग्रह किया है।

    समिति के अध्यक्ष कमल कान्त खड़िया ने बताया कि अलवर और आसपास के क्षेत्रों में यात्रियों की संख्या तथा रेल सुविधाओं की बढ़ती आवश्यकता को देखते हुए लंबे समय से कई मांगें उठाई जा रही हैं। इन मांगों के पूरा होने से यात्रियों को बेहतर आवागमन सुविधा मिलने के साथ पर्यटन, व्यापार और क्षेत्रीय आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिल सकता है।

    बाईपास रेललाइन पर उपग्रह स्टेशन बनाने की मांग

    समिति ने अलवर बाईपास रेललाइन पर आधुनिक उपग्रह स्टेशन (सैटेलाइट स्टेशन) बनाने का प्रस्ताव रखा है। समिति के अनुसार, इससे चुनिंदा ट्रेनों को अलवर जंक्शन में प्रवेश किए बिना बाईपास मार्ग से संचालित करने की संभावना विकसित हो सकती है।

    इस व्यवस्था से अलवर जंक्शन पर ट्रेनों का दबाव कम करने, इंजन की दिशा बदलने में लगने वाले समय की बचत करने और नई रेल सेवाओं के संचालन के लिए अतिरिक्त अवसर उपलब्ध कराने में मदद मिल सकती है।

    अलवर-मथुरा मार्ग से सात प्रमुख शहरों के लिए ट्रेनें

    समिति ने अलवर-गोवर्धन-मथुरा रेलमार्ग से हावड़ा/कोलकाता, अयोध्या, वाराणसी, रीवा, झांसी, ग्वालियर और भोपाल के लिए नई लंबी दूरी की रेल सेवाएं शुरू करने की मांग की है।

    समिति का कहना है कि इन रेल सेवाओं से रामगढ़, गोविंदगढ़, बृजनगर, डीग, गोवर्धन और आसपास के क्षेत्रों के यात्रियों को प्रमुख शहरों के लिए सीधी रेल सुविधा मिल सकेगी। इससे धार्मिक पर्यटन, व्यापार और क्षेत्रीय संपर्क को भी लाभ मिलने की उम्मीद है।

    इंदौर और उज्जैन के लिए सीधी रेल सेवा का प्रस्ताव

    तीसरी मांग के तहत अलवर से दौसा, गंगापुर सिटी और कोटा होते हुए इंदौर तथा उज्जैन के लिए नई सीधी रेल सेवा शुरू करने का प्रस्ताव दिया गया है।

    समिति के अनुसार, इस मार्ग पर रेल सेवा शुरू होने से राजस्थान और मध्यप्रदेश के बीच संपर्क मजबूत होगा। यात्रियों को व्यापारिक गतिविधियों और धार्मिक यात्राओं के लिए बेहतर आवागमन विकल्प उपलब्ध हो सकेगा।

    स्वर्ण जयंती राजधानी एक्सप्रेस का ठहराव मांगा

    समिति ने गाड़ी संख्या 12957/12958 स्वर्ण जयंती राजधानी एक्सप्रेस का अलवर जंक्शन पर दो मिनट का ठहराव देने की मांग भी दोहराई है।

    समिति का मानना है कि इस ट्रेन का अलवर में ठहराव मिलने से यात्रियों को जयपुर, अजमेर, आबू रोड और विशेष रूप से अहमदाबाद की ओर तेज रेल यात्रा का विकल्प मिल सकेगा।

    रेल मंत्रालय तक मांगें पहुंचाने का आग्रह

    समिति अध्यक्ष कमल कान्त खड़िया ने कहा कि अलवर क्षेत्र के लाखों नागरिक बेहतर रेल संपर्क की अपेक्षा रखते हैं। प्रस्तावित मांगों पर पहल होने से यात्रियों को सुविधा मिलने के साथ क्षेत्र में पर्यटन, व्यापार और आर्थिक गतिविधियों को भी गति मिल सकती है।

    रेल विकास संघर्ष समिति ने डॉ. सतीश पूनिया से आग्रह किया है कि वे इन चारों मांगों को प्राथमिकता के आधार पर रेल मंत्रालय के समक्ष रखें और इनके क्रियान्वयन की दिशा में आवश्यक पहल करें।

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