श्रद्धा और भक्ति के साथ लगाया चौका, जैन परंपरा के अनुसार मुनिश्री को नवधाभक्तिपूर्वक दिया आहार
अलवर। शहर के जैन भवन में विराजित जैन मुनि सौम्य सागर महाराज के सान्निध्य में बुधवार को धर्म और श्रद्धा का विशेष दृश्य देखने को मिला। आरके मार्बल्स ग्रुप के चेयरमैन अशोक पाटनी की धर्मपत्नी श्रीमती सुशीला पाटनी ने भक्तिभाव के साथ चौका लगाकर मुनिश्री को आहार दान किया।
जैन धर्म में मुनि को आहार देना अत्यंत पुण्यशाली और आध्यात्मिक महत्व का कार्य माना जाता है। जैन साधु अपनी साधना, संयम और तपस्या के नियमों का पालन करते हुए गृहस्थों के यहां से विधिपूर्वक आहार ग्रहण करते हैं। आहार दान की यह परंपरा त्याग, तप, सेवा और आत्मकल्याण की भावना से जुड़ी हुई है।
सुशीला पाटनी ने पारंपरिक जैन विधि-विधान और पूरी श्रद्धा के साथ चौका लगाया। इस अवसर पर वातावरण भक्तिमय बना रहा। मुनिश्री को आहार देने का सौभाग्य प्राप्त होने पर पाटनी परिवार ने स्वयं को धन्य महसूस किया। जैन समाज में आहार दान को केवल भोजन कराने की प्रक्रिया नहीं, बल्कि साधु-संतों की तपस्या और संयम साधना में सहयोग करने का माध्यम माना जाता है। मुनि सौम्य सागर महाराज के अलवर प्रवास के दौरान उनके दर्शन, प्रवचन और सान्निध्य का लाभ लेने के लिए श्रद्धालु जैन भवन पहुंच रहे हैं। महाराज के सान्निध्य से समाज में धर्म, संयम, त्याग और अहिंसा की भावना को प्रेरणा मिल रही है।
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