– टीम मिशन सच, राजगढ़ ।
गुरु पूर्णिमा महोत्सव की पूर्व संध्या पर राजगढ़ शहर भक्ति और श्रद्धा से सराबोर हो गया। स्टेशन मार्ग स्थित अवधूत दत्त आश्रम से महंत स्वामी श्याम भारती जी महाराज की प्रतिमा का नगर भ्रमण बुधवार सायं बड़े ही श्रद्धा भाव और उत्साह के साथ निकाला गया। नगर भ्रमण के दौरान रास्ते भर जगह-जगह पुष्प वर्षा कर श्रद्धालुओं और नागरिकों ने प्रतिमा का भव्य स्वागत किया।
भजन-सत्संग के साथ शुरू हुए इस नगर भ्रमण में सैकड़ों की संख्या में श्रद्धालु महिला-पुरुष, सामाजिक कार्यकर्ता, व्यापारी वर्ग और नगर के गणमान्यजन सम्मिलित हुए। बैंड-बाजों की मंगल ध्वनि और “स्वामी श्याम भारती अमर रहें” के जयकारों से वातावरण भक्तिमय हो गया। श्रद्धालुओं ने भजनों की धुन पर भावपूर्ण नृत्य कर श्रद्धा को जीवंत कर दिया।
नगर भ्रमण स्टेशन रोड से शुरू होकर सराय बाजार, गोल मार्केट, चौपड़ बाजार, गोविंद देव जी मंदिर, पुराना पुलिस थाना रोड, अनाज मंडी होते हुए पुनः अवधूत दत्त आश्रम में संपन्न हुआ। गोविंद देव जी मंदिर के समक्ष महंत दिलीप मुखर्जी द्वारा प्रतिमा का स्वागत पुष्पमालाओं और जयघोष के साथ किया गया।
इस अवसर पर सुबह आश्रम में दूध अभिषेक कार्यक्रम का आयोजन हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। महंत स्वामी अमन भारती महाराज के सान्निध्य में संपन्न हुए इस कार्यक्रम के दौरान ‘टाट बाबा महाराज की जय’ और ‘श्याम भारती अमर रहें’ के नारों से समूचा माहौल भक्तिपूर्ण बना रहा।
रात्रि 9 बजे सत्संग का आयोजन किया गया है जिसमें भजन, प्रवचन और गुरु स्मरण होगा। इसके पश्चात 10 जुलाई को प्रातः 9:15 बजे गुरु पूर्णिमा महोत्सव के मुख्य कार्यक्रम के तहत ‘गुरु पूजन’ का आयोजन किया जाएगा, जिसमें सभी श्रद्धालुओं को आमंत्रित किया गया है।
इधर, शहर के अन्य धार्मिक स्थलों जैसे गायत्री शक्तिपीठ, रामबाग स्थित धार्मिक आस्था केंद्र, भोरंगी आश्रम और दर्दनाक स्थानों पर भी गुरु पूर्णिमा महोत्सव श्रद्धा और विश्वास के साथ मनाया जा रहा है। विभिन्न आश्रमों और मंदिरों में भी सत्संग, भजन, पूजन और प्रवचनों की शृंखला जारी है।
गौरतलब है कि अवधूत दत्त आश्रम में यह आयोजन हर वर्ष गुरु पूर्णिमा के अवसर पर किया जाता है, जो न केवल धार्मिक भावना को सुदृढ़ करता है, बल्कि समाज को आध्यात्मिक एकता की भावना से भी जोड़ता है। नगर भ्रमण में युवाओं की सहभागिता भी विशेष रही, जिन्होंने पूरी श्रद्धा और अनुशासन के साथ इस आयोजन को सफल बनाया।


