उत्सव में देर रात तक लिया कविताओं और ग़ज़लों का आनंद
मिशनसच न्यूज, रामगढ़। रामगढ़ विधानसभा क्षेत्र के मेवात अंचल के सुदूरवर्ती गाँव खोहड़ा करमाली में पहली बार राष्ट्रीय स्तर का भव्य कविता उत्सव आयोजित हुआ। राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय प्रांगण में हिंदी पखवाड़े के अंतर्गत हुए इस ऐतिहासिक कवि सम्मेलन की अध्यक्षता एसडीएम अनिल कुमार मीणा ने की। मुख्य अतिथि के रूप में रामगढ़ विधायक सुखवंत सिंह और विशिष्ट अतिथि के रूप में समाजसेवी संत निर्वाण बोधिसत्व तथा बीडीओ विजय भाल मंच पर मौजूद रहे।
दीप प्रज्वलन से हुई शुरुआत
कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथियों और कवियों द्वारा सरस्वती प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्वलन व पुष्पांजलि अर्पित कर किया गया। गीतकार रामचरण ‘राग’ ने सरस्वती वंदना प्रस्तुत की, जबकि बहराइच (उत्तर प्रदेश) से पधारे अंतर्राष्ट्रीय ख्याति प्राप्त शायर शरफ़ बहराइची ने नातिया पाक पेश कर कार्यक्रम की शुरुआत की।
कवियों-शायरों की प्रस्तुतियों ने बाँधा समां
कवि सम्मेलन में देर रात तक देश के अनेक ख्यातिलब्ध कवियों और शायरों ने अपनी रचनाओं से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध किया।
हास्य गीतकार नानक चंद ‘नवीन’ ने अपने लोकरंग और हँसी-ठिठोली से लोगों को ठहाकों पर मजबूर कर दिया।
ग़ज़लकार शरफ़ बहराइची ने श्रोताओं की फरमाइश पर ग़ज़लें तरन्नुम में सुनाकर तालियों की गड़गड़ाहट बटोरी।
वरिष्ठ गीतकार त्रिलोक शर्मा के गाँव-प्रधान गीतों पर ग्रामीण झूम उठे।
मेवाती गीतकार रघुवर दयाल जैन का गीत ‘ढूमलो’ श्रोताओं को बेहद पसंद आया।
डॉ. वेद प्रकाश यादव ‘सहज’ ने सिंघलवाटी लोकगीत प्रस्तुत कर तालियों से समां बाँध दिया।
टोंक से आए हनुमान बादाम और रामचरण ‘राग’ के प्रेम गीतों ने उत्सव को नई ऊँचाई दी।
वरिष्ठ साहित्यकार गोकुल राम शर्मा ‘दिवाकर’ ने अपने खंडकाव्य वीर हसन खाँ मेवाती के अंशों का सस्वर पाठ कर माहौल को जोश से भर दिया।
गीतकार डॉ. दीपक चंदवानी ने फौज की मार्मिक चिट्ठी प्रस्तुत कर देशभक्ति की लहर पैदा कर दी।
आयोजनकर्ता और कवि-शिक्षक प्रेम शर्मा ने अपनी प्रेम कविता से सभी को प्रभावित किया।
मंच पर उपस्थित एकमात्र कवयित्री सरिता भारत ने स्त्री शक्ति पर जोशीली कविता सुनाकर महिलाओं और युवाओं में ऊर्जा भर दी।
मंच संचालन और सहयोग
विद्यालय प्राचार्य अनिल खंडेलवाल ने सभी आगंतुकों का स्वागत-अभिनंदन किया। कार्यक्रम का सफल मंच संचालन गीतकार रामचरण ‘राग’ ने किया, जबकि अंत में संत निर्वाण बोधिसत्व ने धन्यवाद ज्ञापित किया। आयोजन में विद्यालय प्राचार्य रवीन्द्र पालीवाल, सरपंच हसन मोहम्मद, पीईईओ परिक्षेत्र के शिक्षक साथियों और ग्रामीणों का विशेष सहयोग रहा।
हजारों ग्रामीणों की उपस्थिति
कविता उत्सव में हजारों ग्रामीणों, महिलाओं, युवाओं और विद्यार्थियों ने भाग लिया। देर रात तक चले इस कवि सम्मेलन ने गाँव खोहड़ा करमाली के सांस्कृतिक इतिहास में नई छाप छोड़ी। श्रोताओं ने कहा कि इस तरह का आयोजन ग्रामीण अंचल में साहित्यिक चेतना और सामूहिक उत्साह का नया अध्याय है।
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