रविवार को होगी रथयात्रा की वापसी
मिशनसच न्यूज,अलवर,। दिगम्बर जैनाचार्य वसुनन्दी महाराज के परम प्रभावी शिष्य उपाध्याय विज्ञानन्द महाराज ससंघ के सानिध्य में जैन नसिया जी स्थित जैन वाटिका में आयोजित श्री कल्पद्रुम महामण्डल विधान का आयोजन पांचवें दिन भी श्रद्धा और उत्साह के साथ सम्पन्न हुआ। इस अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने जिनेन्द्र भक्ति करते हुए अर्घ्य अर्पित किए और पूजा-अर्चना में भाग लिया।
चातुर्मास कमेटी के मुख्य संयोजक पवन जैन चौधरी ने बताया कि विधान का समापन 28 सितम्बर को होगा। अंतिम दिन विश्व शांति महायज्ञ का आयोजन रखा गया है। इसके साथ ही विधान सम्पन्न हो जाएगा। आज प्रातःकालीन कार्यक्रमों में श्रीजी का अभिषेक, शांतिधारा और नित्य नियम पूजा हुई।
विधान के दौरान उपाध्याय विज्ञानन्द महाराज ने प्रवचन देते हुए कहा कि कषाय और वासना में डूबा हुआ इंसान पुण्य मार्ग से भटककर पाप की ओर बढ़ जाता है। उन्होंने कहा कि इन नकारात्मक भावों से आत्मा मूर्छित हो जाती है और व्यक्ति अपने कर्मों के परिणामों को समझ नहीं पाता। महाराज श्री ने कहा कि कषाय और वासनाएं दुख और दरिद्रता का आमंत्रण देती हैं, अतः उनसे दूर रहना चाहिए।
श्री चन्द्रप्रभ दिगम्बर जैन पंचायती मंदिर मुंशी बाजार के अध्यक्ष राजेन्द्र प्रसाद जैन ने बताया कि 28 सितम्बर को विश्व शांति महायज्ञ के पश्चात श्रीजी को स्वर्ण रथ में विराजमान कर मुंशी बाजार स्थित मंदिर तक भव्य रथयात्रा की वापसी होगी।
विधान के दौरान अनेक दानदाताओं ने उदारतापूर्वक दान दिया और जिनेन्द्र भक्ति में नृत्य प्रस्तुत कर वातावरण को भक्तिमय बना दिया। जैन पत्रकार महासंघ, अलवर के जिला संयोजक हरीश जैन ने बताया कि इस आयोजन में ऐतिहासिक भीड़ रही और अलवर सहित बाहरी क्षेत्रों से भी श्रद्धालुओं ने बड़ी संख्या में भागीदारी की।
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