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    Homeराज्यभरतपुर-ब्यावर एक्सप्रेस-वे से पहले चार प्रमुख सड़कों को फोरलेन करने का सुझाव

    भरतपुर-ब्यावर एक्सप्रेस-वे से पहले चार प्रमुख सड़कों को फोरलेन करने का सुझाव

    भरतपुर और डीग जिलों के तीव्र, संतुलित एवं स्थायी विकास के लिए सीताराम गुप्ता ने रखी व्यापक सड़क योजना

    मिशनसच न्यूज, भरतपुर। राजस्थान में प्रस्तावित भरतपुर-ब्यावर एक्सप्रेस-वे को क्षेत्रीय विकास का बड़ा आधार माना जा रहा है, लेकिन इससे पहले भरतपुर और डीग जिलों के समग्र और संतुलित विकास के लिए चार महत्वपूर्ण सड़कों को फोरलेन करने का सुझाव दिया गया है। समृद्ध भारत अभियान के निदेशक सीताराम गुप्ता ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर इन सड़कों के शीघ्र निर्माण की मांग की है। उनका कहना है कि यदि इन सड़कों का निर्माण एक्सप्रेस-वे से पहले किया जाता है, तो भरतपुर और डीग अंचल को औद्योगिक, शैक्षिक, पर्यटन, सांस्कृतिक और आर्थिक दृष्टि से अभूतपूर्व गति मिलेगी।

    एक्सप्रेस-वे से बढ़ेगा विकास, लेकिन संपर्क सड़कों से मिलेगा असली लाभ

    पत्र में गुप्ता ने उल्लेख किया है कि भरतपुर-ब्यावर एक्सप्रेस-वे का निर्माण निश्चित रूप से क्षेत्र के विकास को नई दिशा देगा, लेकिन केवल एक्सप्रेस-वे से ही पूर्ण लाभ संभव नहीं है। इसके लिए स्थानीय और अंतरजिला संपर्क सड़कों का सुदृढ़ नेटवर्क अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने सुझाव दिया है कि चार प्रमुख सड़कों को फोरलेन कर एक्सप्रेस-वे से जोड़ा जाए, जिससे इसका सीधा लाभ किसानों, व्यापारियों, युवाओं और पर्यटकों तक पहुंच सके।

    भरतपुर–मथुरा फोरलेन से उत्तर प्रदेश के नेटवर्क से सीधा जुड़ाव

    प्रस्तावित योजना के अनुसार भरतपुर–मथुरा सड़क को फोरलेन किया जाना अत्यंत महत्वपूर्ण है। इसके फोरलेन बनने से भरतपुर सीधे उत्तर प्रदेश के विकसित फोरलेन नेटवर्क से जुड़ जाएगा। इससे भरतपुर से जेवर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे की दूरी लगभग डेढ़ घंटे और नोएडा की दूरी करीब दो घंटे रह जाएगी।

    इस संपर्क से शिक्षा, स्वास्थ्य, व्यापार, निवेश और पर्यटन के क्षेत्र में बड़े अवसर खुलेंगे। विशेष रूप से भरतपुर आने वाले विदेशी और घरेलू पर्यटकों को आगरा, मथुरा, वृंदावन और नोएडा तक पहुंचने में आसानी होगी, जिससे पर्यटन उद्योग को सीधा लाभ मिलेगा।

    भरतपुर–बहरोड़ फोरलेन से धार्मिक पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा

    दूसरी महत्वपूर्ण सड़क भरतपुर–बहरोड़ को फोरलेन करने का सुझाव दिया गया है। यह सड़क किशनगढ़ हाईवे से जुड़कर शेखावाटी क्षेत्र के प्रमुख धार्मिक स्थलों खाटू श्यामजी और सालासर बालाजी को ब्रज क्षेत्र से सीधे जोड़ेगी।

    इससे धार्मिक और सांस्कृतिक पर्यटन को नया विस्तार मिलेगा। ब्रज क्षेत्र में आने वाले श्रद्धालु अब आसानी से शेखावाटी के तीर्थस्थलों तक पहुंच सकेंगे, जिससे होटल, परिवहन और स्थानीय व्यापार को बड़ा लाभ होगा।

    डीग–पहाड़ी से ग्रीन एक्सप्रेस-वे तक सीधा संपर्क

    तीसरी सड़क डीग–पहाड़ी से ग्रीन एक्सप्रेस-वे तक फोरलेन बनाने का प्रस्ताव है। इसके पूरा होने से डीग से दिल्ली की दूरी मात्र डेढ़ घंटे रह जाएगी।

    यह सड़क डीग क्षेत्र को राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र से जोड़ देगी, जिससे शिक्षा, होटल, व्यापार, स्वास्थ्य और सेवा क्षेत्र में बड़े निवेश की संभावनाएं खुलेंगी। डीग अपने ऐतिहासिक और सांस्कृतिक महत्व के लिए प्रसिद्ध है, और बेहतर सड़क संपर्क से यहां पर्यटन में उल्लेखनीय वृद्धि होगी।

    कामां–जुरहरा–होडल फोरलेन से मेवात क्षेत्र को नई पहचान

    चौथी सड़क कामां–जुरहरा–होडल को फोरलेन करने की योजना मेवात क्षेत्र के औद्योगिक और सामाजिक विकास के लिए अत्यंत आवश्यक बताई गई है।

    इस सड़क के बनने से जुरहरा औद्योगिक क्षेत्र का पुनर्जीवन होगा। क्षेत्र में नए उद्योग स्थापित होने से हजारों युवाओं को रोजगार के अवसर मिलेंगे। साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों के किसानों को भी अपने उत्पाद बाजार तक पहुंचाने में सुविधा होगी।

    एक्सप्रेस-वे की उपयोगिता कई गुना बढ़ेगी

    सीताराम गुप्ता ने पत्र में स्पष्ट किया है कि इन चारों सड़कों का निर्माण भरतपुर-ब्यावर एक्सप्रेस-वे की उपयोगिता को कई गुना बढ़ा देगा। जब तक स्थानीय संपर्क सड़कों का मजबूत नेटवर्क नहीं होगा, तब तक एक्सप्रेस-वे का पूरा लाभ आम जनता तक नहीं पहुंच सकेगा।

    उन्होंने मुख्यमंत्री से आग्रह किया है कि इन सड़कों को प्राथमिकता के आधार पर फोरलेन परियोजनाओं में शामिल किया जाए, ताकि भरतपुर और डीग जिलों का विकास तेज, संतुलित और स्थायी रूप से हो सके।

    युवाओं, किसानों और व्यापारियों को मिलेगा सीधा लाभ

    इन सड़कों के निर्माण से युवाओं को शिक्षा और रोजगार के नए अवसर मिलेंगे, किसानों को अपने उत्पादों के बेहतर बाजार मिलेंगे और व्यापारियों को तेज परिवहन सुविधा उपलब्ध होगी। इसके साथ ही पर्यटन उद्योग, होटल व्यवसाय और सेवा क्षेत्र को भी बड़ा प्रोत्साहन मिलेगा।

    क्षेत्रीय विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम

    भरतपुर और डीग जिलों के लिए यह सड़क नेटवर्क केवल परिवहन परियोजना नहीं, बल्कि समग्र आर्थिक और सामाजिक विकास का मजबूत आधार है। यदि सरकार इस प्रस्ताव पर शीघ्र निर्णय लेती है, तो आने वाले वर्षों में यह क्षेत्र राजस्थान के सबसे तेजी से विकसित क्षेत्रों में शामिल हो सकता है।

    अब निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि मुख्यमंत्री और राज्य सरकार इस प्रस्ताव पर कब तक ठोस निर्णय लेकर क्षेत्र को नई विकास दिशा देने की पहल करते हैं।

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