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    मध्य प्रदेश में ओलावृष्टि से फसलें बर्बाद, उज्जैन में आहत किसान ने मौत को गले लगाया

    भोपाल: मध्य प्रदेश में करीब एक सप्ताह तक ठण्ड से राहत के बाद मौसम ने एक बार फिर करवट ली है. पश्चिमी विक्षोभ और दो सक्रिय मौसम प्रणालियों के असर से प्रदेश के 30 से अधिक जिलों में बारिश, आंधी और ओलावृष्टि दर्ज की गई है. इससे जहां तापमान में उतार-चढ़ाव देखने को मिला, वहीं उज्जैन समेत कई जिलों में किसानों की फसलों को भारी नुकसान पहुंचा है. मौसम विभाग ने आज भी कई जिलों में बारिश और ओलावृष्टि का अलर्ट जारी किया है.

    प्रदेश के 30 से अधिक जिलों में हुई बारिश
    बीते 24 घंटों में भोपाल, इंदौर, ग्वालियर समेत प्रदेश के 30 से अधिक जिलों में बारिश दर्ज की गई. सबसे ज्यादा बारिश ग्वालियर में करीब ढाई इंच रिकॉर्ड की गई. गुना, शिवपुरी और सागर में करीब एक इंच, दतिया में पौन इंच और राजगढ़ में आधा इंच तक बारिश हुई. इस दौरान 8 जिलों में ओलावृष्टि भी दर्ज की गई. जिससे गेहूं और चने समेत अन्य फसलें भी चौपट हो गई.

     

    आज भी कई जिलों में ओलावृष्टि और बारिश का अलर्ट
    मौसम विभाग के अनुसार, बुधवार को मैहर, उमरिया, रीवा, शहडोल, कटनी, सतना, मऊगंज, दक्षिणी शहडोल और रीवा जिलों में बिजली गिरने के साथ ओलावृष्टि की संभावना है. वहीं जबलपुर, सिंगरौली, पन्ना और अनुपपुर में हल्की आंधी चल सकती है.

    ग्वालियर में वेरी डेंस फॉग, विजिबिलिटी 50 मीटर से कम
    बुधवार सुबह ग्वालियर में वेरी डेंस फॉग देखने को मिला. यहां विजिबिलिटी 50 मीटर से भी कम रही. खजुराहो में मध्यम कोहरा रहा, जहां दृश्यता 200 से 500 मीटर के बीच दर्ज की गई. भोपाल, दतिया, नर्मदापुरम, नौगांव, रीवा, सतना, गुना और राजगढ़ में भी कोहरे का असर रहा. जहां विजिबिलिटी 500 से 1000 मीटर के बीच रही.

     

    पश्चिमी विक्षोभ और सिस्टम की वजह से बदला मौसम
    मौसम वैज्ञानिक अरुण शर्मा ने बताया कि, ''नॉर्थ पाकिस्तान के ऊपर 3.1 और 4.5 किलोमीटर की ऊंचाई पर एक साइक्लोनिक सर्कुलेशन सक्रिय है. इसके साथ ही 5.8 किलोमीटर की ऊंचाई पर एक ट्रफ लाइन बनी हुई है. दक्षिण-पश्चिम राजस्थान के आसपास भी 1.5 किलोमीटर की ऊंचाई पर साइक्लोनिक सर्कुलेशन सक्रिय है. इसके असर से मध्य प्रदेश में बारिश, आंधी और ओलावृष्टि हो रही है. 30 जनवरी की रात से एक और पश्चिमी विक्षोभ के उत्तर-पश्चिम भारत को प्रभावित करने की संभावना है.''

    विधायक ने मुआवजे को लेकर लिखा पत्र
    ओलावृष्टि से उज्जैन जिले के तराना और घट्टिया तहसीलों के ग्रामीण इलाकों में किसानों की गेहूं, चना और सरसों की फसलें बर्बाद हो गई हैं. जिसके बाद तराना से कांग्रेस विधायक महेश परमार ने फसल नुकसान का सर्वे कराने, राहत राशि देने और बीमा क्लेम दिलाने की मांग को लेकर मुख्यमंत्री को पत्र लिखा है.

     

    राजधानी भोपाल में रात को मूसलाधार बारिश
    राजधानी भोपाल में मंगलवार रात मौसम ने अचानक करवट ली. रात करीब नौ बजे हल्की बारिश शुरू हुई, जो 11 बजे तक चली. इसके बाद करीब आधे घंटे तक तेज मूसलाधार बारिश हुई, जिससे कई सड़कों पर पानी भर गया.

    फरवरी की शुरुआत में भी बारिश की संभावना
    मौसम वैज्ञानिक ए.के. शुक्ला के अनुसार, ''30 जनवरी को उत्तर-पश्चिम भारत में नया सिस्टम सक्रिय होगा. इसके दो-तीन दिन बाद इसका असर मध्य प्रदेश में भी देखने को मिलेगा. ऐसे में फरवरी की शुरुआत में भी प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश का दौर जारी रह सकता है.''

    मंगलवार को दिन में अधिकतम तापमान
    मंडला – 30.7
    भोपाल – 28
    दतिया – 22.3
    ग्वालियर – 19.3
    इंदौर – 28.3
    उज्जैन – 28
    जबलपुर – 29.2
    जबलपुर – 29.2

    बीती रात प्रमुख शहरों का न्यूनतम तापमान
    भोपाल – 14.6
    धार – 9
    ग्वालियर – 15
    राजगढ़ – 95
    शिवपुरी – 9
    जबलपुर – 16.8
    खजुराहो – 10.4
    उज्जैन – 12.2

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