इंदौर। मध्य प्रदेश के नगर विकास मंत्री बौखलाए कैलाश विजयवर्गीय छुट्टी से लौट आए हैं। अब सार्वजनिक कार्यक्रमों में वह दिखने लगे हैं। इंदौर स्थित एक निजी विश्वविद्यालय के कार्यक्रम में वह पहुंचे थे। उन्होंने एक बयान दिया है, जिससे एमपी में सियासी तूफान आ गया है। कैलाश विजयवर्गीय वहां स्कूली शिक्षा और बच्चों के चरित्र निर्माण पर कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने मंच से एक उदाहरण देते हुए कहा कि अगर पिता पीडब्ल्यूडी मिनिस्टर है और बेटे को कपड़े ठेकेदार दिलवाएं तो ऐसे में चरित्र निर्माण कैसे होगा। अब इस बयान की चर्चा हर तरफ हो रही है। आखिर कैलाश विजयवर्गीय ने इशारों इशारों में किसे घेरा है। वह भागीरथपुरा की घटना के बाद से चुप्पी साधे हुए थे। छुट्टी से लौटने के बाद पहली बार उनका बड़ा बयान आया है। गौरतलब है कि कैलाश विजयवर्गीय अपने बेबाक बयान के लिए जाने जाते हैं। वह बयानों की वजह से ही सुर्खियों में रहते हैं। कई बार उनके बयान से भारतीय जनता पार्टी भी असहज हो जाती हैं। इंदौर की घटना के दौरान उनका घंटा वाले बयान की भी खूब चर्चा हुई थी।
छुट्टी से लौटते ही गरजे कैलाश विजयवर्गीय, बयान से मचा सियासी तूफान


