टाइगर हैबिटाट निर्धारण पर सुझाव-आपत्तियों पर हुई चर्चा
अलवर। केंद्रीय अधिकार प्राप्त समिति (सीईसी) के सदस्य सी.पी. गोयल की मौजूदगी एवं जिला कलेक्टर व जिला मजिस्ट्रेट डॉ. आर्तिका शुक्ला की अध्यक्षता में मंगलवार को कलेक्ट्रेट सभागार में प्रस्तावित क्रिटिकल टाइगर हैबिटाट सेंचुरी के संबंध में समेकित परामर्श प्रतिवेदन तैयार करने हेतु बैठक आयोजित की गई।
बैठक में प्रस्तावित हैबिटाट क्षेत्र को लेकर प्राप्त सुझाव, परामर्श व आपत्तियों तथा सरिस्का बाघ परियोजना के उपवन संरक्षक से प्राप्त टिप्पणियों पर विस्तार से चर्चा की गई। जिला कलेक्टर ने कहा कि समेकित प्रतिवेदन तैयार करने के लिए जनप्रतिनिधियों, संस्थाओं, हितधारकों एवं आमजन से सुझाव आमंत्रित किए जा रहे हैं।
बैठक में औद्योगिक एवं व्यावसायिक संगठनों ने सीटीएच के वैज्ञानिक एवं युक्तियुक्त निर्धारण को लेकर अपने सुझाव रखे। वहीं सरिस्का क्षेत्र के ग्रामीणों ने अपने गांवों की वास्तविक स्थिति स्पष्ट करने से संबंधित शंकाएं व्यक्त कीं, जिस पर वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि सीटीएच के दायरे में केवल वन विभाग की भूमि को ही शामिल किया जाएगा।
इस दौरान नेता प्रतिपक्ष एवं अलवर ग्रामीण विधायक टीकाराम जूली ने भी सीटीएच प्रक्रिया से जुड़े अपने सुझाव व शिकायतें रखीं।
बैठक में सरिस्का के क्षेत्रीय निदेशक संग्राम सिंह कटिहार, एडीएम द्वितीय योगेश कुमार डागुर, डीएफओ सरिस्का अभिमन्यु सहारण, डीएफओ अलवर राजेन्द्र हुड्डा सहित हितधारक समूहों के प्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में आमजन उपस्थित रहे।
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