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    प्रवर्तन निदेशालय की बड़ी कार्रवाई, ट्रांस-अरुणाचल राजमार्ग मुआवजा घोटाले में 2.37 करोड़ की संपत्ति जब्त

    नई दिल्ली |अरुणाचल प्रदेश प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने ट्रांस-अरुणाचल राजमार्ग (टीएएच) भूमि अधिग्रहण मुआवजे घोटाले में कार्रवाई करते हुए 2.37 करोड़ रुपये की संपत्ति अस्थायी रूप से जब्त कर ली है। जब्त की गई संपत्तियों में 47,350 वर्ग मीटर जमीन भी शामिल है। इनमें से एक संपत्ति अरुणाचल प्रदेश के डोलो गांव, कुरुंग कुमे जिले में स्थित है। यह संपत्ति, तादार बाबिन के नाम पर है। दूसरी संपत्ति में एक पारंपरिक घर है, जो केयी पान्योर जिले के याचुली के जठ गांव में स्थित है। ये संपत्ति 'लिखा माज' के नाम पर है। ये दोनों संपत्तियां, सरकारी मुआवजे की धनराशि के धोखाधड़ीपूर्ण दुरुपयोग से प्राप्त अपराध की आय से खरीदी गई हैं। यह कार्रवाई धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए), 2002 के प्रावधानों के तहत की गई है।  

    44.98 करोड़ रुपये का अतिरिक्त भुगतान 
    यह जांच ट्रांस-अरुणाचल राजमार्ग (टीएएच) परियोजना (पोटिन-बोपी खंड) के तहत भूमि अधिग्रहण मुआवजे के आकलन और वितरण में बड़े पैमाने पर अनियमितताओं से संबंधित है। तथ्य-जांच समिति (एफएफसी) के निष्कर्षों से पता चला है कि स्वीकार्य मुआवजे के मुकाबले लगभग 44.98 करोड़ रुपये का अतिरिक्त भुगतान किया गया है। इसके चलते सरकारी खजाने को भारी नुकसान हुआ है। जांच में कई लोक सेवकों और निजी व्यक्तियों की सुनियोजित साजिश में संलिप्तता का खुलासा हुआ है। इनमें 'जीरो' के तत्कालीन उपायुक्त केमो लोलेन भी शामिल हैं। उन्होंने मुआवजा खाते के संयुक्त हस्ताक्षरकर्ता के रूप में धोखाधड़ीपूर्ण भुगतानों को अधिकृत करने और सुगम बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।  

    मनगढ़ंत संरचनात्मक आकलन तैयार करने में मदद  

    जीरो के तत्कालीन जिला भूमि राजस्व एवं निपटान अधिकारी (डीएलआरएसओ) भरत लिंगु ने हेराफेरी से तैयार किए गए मुआवजे के दावों को संसाधित और अनुमोदित किया था। उसके बाद संरचनात्मक आकलन दल के सदस्य और कनिष्ठ अभियंता टोको ताजे, ने उन दावों को बढ़ा-चढ़ाकर और मनगढ़ंत संरचनात्मक आकलन तैयार करने में सहायता की। टोको ताथ, ने लाभार्थियों को धोखाधड़ी से शामिल करने में सहायता की। कनिष्ठ अभियंता कबाक भट्ट, जिसने मध्यस्थ संस्थाओं के माध्यम से धन के हेरफेर और कालानुक्रम में हेरफेर करने में मदद की। इसके अलावा, लिखा माज और तादर बाबिन, जिन्हें लाभार्थी के रूप में दिखाया गया है, ने बिना किसी वैध अधिकार के मुआवजे की बड़ी रकम प्राप्त की। उन्होंने जानबूझकर ऐसे धन के हेरफेर, निकासी और उपयोग में भाग लिया, जिससे अपराध की आय को छिपाकर उसे बेदाग संपत्ति के रूप में प्रदर्शित करने में सहायता मिली।

    आपत्तिजनक दस्तावेज और डिजिटल साक्ष्य बरामद 

    इससे पहले, ईडी ने 06.02.2026 को अरुणाचल प्रदेश और असम में कई परिसरों पर तलाशी अभियान चलाया था, जिसके परिणामस्वरूप लिखा माज से 2.40 करोड़ रुपये और तादर बाबिन से 22 लाख रुपये नकद जब्त किए गए। लगभग 1.19 करोड़ रुपये के बैंक बैलेंस फ्रीज किए गए। तलाशी के दौरान आपत्तिजनक दस्तावेज और डिजिटल साक्ष्य बरामद हुए हैं। इससे पहले, ईडी ने आरोपियों से जुड़े बैंक खातों और जमाओं में लगभग 3.95 करोड़ रुपये की राशि की पहचान कर उसे फ्रीज कर दिया था। इस प्रकार, वर्तमान मामले में कुर्की, जब्ती और फ्रीजिंग के माध्यम से अब तक प्राप्त अपराध की कुल आय लगभग 10.13 करोड़ रुपये है। ईडी ने इससे पहले 12.03.2024 को विशेष न्यायालय (पीएमएलए), युपिया के समक्ष कबाक भट्ट के खिलाफ अभियोजन शिकायत दर्ज की थी। न्यायालय ने 14.03.2024 को इसका संज्ञान लिया। आगे की जांच में अपराध से प्राप्त अतिरिक्त धनराशि की पहचान हुई और अन्य आरोपियों की संलिप्तता का पता चला, जिसके परिणामस्वरूप पीएमएलए के प्रावधानों के तहत अंततः जब्ती के लिए अपराध से प्राप्त धनराशि के समतुल्य मूल्य को सुरक्षित करने हेतु वर्तमान कुर्की की गई है।

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