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    नीदरलैंड में भारतीय समुदाय के बीच भावुक हुए PM मोदी

    नई दिल्ली। अपने चार यूरोपीय देशों के आधिकारिक दौरे के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नीदरलैंड के हेग में जुटे प्रवासी भारतीयों को संबोधित किया। जैसे ही प्रधानमंत्री ने मंच से 'भारत माता की जय' का नारा बुलंद किया, पूरा हॉल गगनभेदी उद्घोष से गूंज उठा। इस अभूतपूर्व उत्साह को देखकर भावुक हुए पीएम मोदी ने कहा, "प्रवासियों का यह असीम स्नेह और जोश देखकर सच कहूं तो मैं कुछ पल के लिए यह भूल ही गया कि मैं भारत से दूर नीदरलैंड की धरती पर हूँ। यहाँ का माहौल देखकर ऐसा प्रतीत हो रहा है जैसे भारत के ही किसी हिस्से में कोई बड़ा उत्सव मनाया जा रहा हो।"

    प्रधानमंत्री ने डच समाज और वहां की अर्थव्यवस्था में भारतीय समुदाय के अमूल्य योगदान की सराहना की। उन्होंने 140 करोड़ देशवासियों की ओर से नीदरलैंड की सरकार और वहां की जनता के प्रति आभार व्यक्त किया। पीएम मोदी ने कहा कि इतिहास गवाह है कि समय के थपेड़ों के साथ दुनिया की कई समृद्ध संस्कृतियां विलुप्त हो गईं, लेकिन भारत की विविध संस्कृति (डाइवर्स कल्चर) आज भी अपने लोगों के दिलों में धड़क रही है। पीढ़ियां और परिवेश भले बदल गए हों, लेकिन प्रवासियों के पारिवारिक संस्कार और अपनापन आज भी अडिग हैं, क्योंकि उन्होंने अपनी जड़ों और पूर्वजों की भाषा को जीवंत रखा है।

    16 मई का ऐतिहासिक महत्व: 12 वर्ष पहले आज ही के दिन आए थे चुनावी नतीजे

    संबोधन के दौरान तारीख का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि आज 16 मई का दिन बेहद खास है। ठीक 12 साल पहले यानी 16 मई 2014 को ही लोकसभा चुनाव के ऐतिहासिक परिणाम सामने आए थे, जिसने दशकों बाद देश में एक स्थिर और पूर्ण बहुमत वाली सरकार की नींव रखी थी। उन्होंने कहा कि तब से लेकर आज तक, करोड़ों भारतवासियों का यही अटूट विश्वास उन्हें बिना थके और बिना रुके निरंतर राष्ट्रसेवा में आगे बढ़ने की ऊर्जा देता है।

    लोकतांत्रिक इतिहास में 25 वर्षों का जनसमर्थन एक बड़ा सौभाग्य

    अपने राजनीतिक सफर को साझा करते हुए पीएम मोदी ने कहा, "बहुत छोटी उम्र में ही मैं राष्ट्रभक्ति के संकल्पों से जुड़ गया था और देश की जनता ही मेरा परिवार बन गई। मैंने 'अहम् से वयम्' (मैं से हम) का मार्ग चुना, जिसके बाद देशवासियों का कल्याण ही मेरा परम कर्तव्य बन गया। सार्वजनिक जीवन में 13 साल मुख्यमंत्री और 12 साल प्रधानमंत्री के रूप में सेवा करते हुए, लोकतांत्रिक दुनिया में लगातार 25 वर्षों तक करोड़ों मतदाताओं का ऐसा अटूट समर्थन मिलना मेरे लिए परम सौभाग्य की बात है। यह मेरे लिए महज एक आंकड़ा नहीं, बल्कि देश का आशीर्वाद और मेरी सबसे बड़ी पूंजी है।"

    असीमित आकांक्षाओं का नया भारत, युवा छू रहे हैं आसमान

    प्रधानमंत्री ने कहा कि आज का भारत बदलाव के एक अभूतपूर्व दौर से गुजर रहा है और देश अब छोटे सपने नहीं देखता। आज का युवा वर्ग आसमान छूने की तमन्ना रखता है और देश को सिर्फ 'ट्रांसफॉर्मेशन' (बदलाव) नहीं, बल्कि हर क्षेत्र में 'बेस्ट' और 'फास्टेस्ट' (सबसे तेज) चाहिए। यही वजह है कि देशवासियों की असीमित आकांक्षाओं को पूरा करने के लिए सरकार के प्रयास भी असीमित स्तर पर हो रहे हैं। वैश्विक पटल पर भारत की धाक का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि हाल ही में भारत ने दुनिया की सबसे बड़ी और सफल एआई (AI) समिट और उससे पहले जी-20 (G20) शिखर सम्मेलन का शानदार सफल आयोजन कर अपनी नेतृत्व क्षमता को साबित किया है।

    ग्लोबल इनोवेशन पावर और दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा मोबाइल निर्माता

    भारत की तकनीकी प्रगति के आंकड़े साझा करते हुए प्रधानमंत्री ने बताया:

    • ऑप्टिकल फाइबर का जाल: पिछले वर्षों में भारत ने पृथ्वी से चंद्रमा की कुल दूरी से भी 11 गुना अधिक लंबाई का ऑप्टिकल फाइबर नेटवर्क बिछाया है।

    • मोबाइल मैन्युफैक्चरिंग: एक दशक पहले तक जो भारत मोबाइल फोन का बड़े पैमाने पर आयात (इंपोर्ट) करता था, आज वह दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा मोबाइल निर्माता देश बन चुका है।

    • डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर: आज भारत की पहचान एक 'इन्नोवेशन पावर' के रूप में है और हमारे डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर (DPI) की सफलता का लोहा पूरी दुनिया मान रही है।

    सेमीकंडक्टर हब बनता भारत: अब चिप भी होगी 'डिजाइन्ड और मेड इन इंडिया'

    इलेक्ट्रॉनिक्स और हाई-टेक मैन्युफैक्चरिंग के क्षेत्र में देश के बढ़ते कदमों की जानकारी देते हुए पीएम मोदी ने कहा कि भारत सेमीकंडक्टर और चिप निर्माण के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनने की ओर तेजी से अग्रसर है। वर्तमान में देश के भीतर 12 अत्याधुनिक सेमीकंडक्टर प्लांट्स पर तेजी से काम चल रहा है, जिनमें से दो प्लांट्स में तो उत्पादन (प्रोडक्शन) भी शुरू किया जा चुका है। वह दिन दूर नहीं जब दुनिया के उपकरणों में लगने वाली चिप पूरी तरह से 'डिजाइन्ड इन इंडिया' और 'मेड इन इंडिया' होगी।

    बढ़ते मतदान प्रतिशत से मजबूत हो रहा है लोकतंत्र का ढांचा

    जब आम नागरिकों के सपने हकीकत में बदलते हैं, तो शासन प्रणाली और लोकतंत्र पर उनका भरोसा और गहरा हो जाता है। चुनावों का उदाहरण देते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि हाल के विधानसभा चुनावों (जैसे असम, बंगाल, केरल, तमिलनाडु और पुडुचेरी) में 80 से 90 प्रतिशत तक का रिकॉर्ड मतदान दर्ज किया गया है। सबसे सुखद पहलू यह है कि इसमें महिलाओं की भागीदारी (वीमेन पार्टिसिपेशन) में भारी इजाफा हुआ है और यह सकारात्मक ट्रेंड पूरे देश में दिख रहा है। 'मदर ऑफ डेमोक्रेसी' (लोकतंत्र की जननी) के रूप में भारत अपने हर नागरिक के इस लोकतांत्रिक योगदान का सम्मान करता है, जो हम सभी के लिए गौरव का विषय है।

    चुनौतियों के बीच अवसरों की भूमि है 21वीं सदी का भारत

    वैश्विक हालातों पर चर्चा करते हुए पीएम मोदी ने सचेत किया कि मौजूदा समय में मानवता के सामने कई विकट चुनौतियां हैं। पहले कोरोना महामारी का संकट, फिर विभिन्न क्षेत्रों में शुरू हुए युद्ध और अब वैश्विक ऊर्जा संकट (एनर्जी क्राइसिस) ने दुनिया को प्रभावित किया है। यह दशक वैश्विक आपदाओं का काल बनता जा रहा है और यदि इन विपरीत परिस्थितियों को जल्द काबू नहीं किया गया, तो बीते दशकों की वैश्विक उपलब्धियां दांव पर लग जाएंगी। ऐसे संकट के समय में भी, 21वीं सदी का भारत दुनिया के लिए अवसरों की एक नई भूमि बनकर उभरा है, जो पूरी तरह से टेक्नोलॉजी और ह्यूमैनिटी (तकनीक और मानवता) के समन्वय से संचालित है। हमारा देश जितना प्राचीन है, आज उतना ही आधुनिक और प्रगतिशील बनकर सामने आ रहा है।

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