साइबर क्राइम विषय पर जागरूकता शिविर, ऑनलाइन ठगी से बचने के बताए उपाय
अलवर। जिले में ऑनलाइन ठगी और साइबर अपराधों से बचाव को लेकर विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। यह शिविर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण अलवर के तत्वावधान में राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय दांतिया में आयोजित हुआ।
कार्यक्रम जिला एवं सेशन न्यायाधीश अनंत भंडारी के मार्गदर्शन में तथा प्राधिकरण के सचिव एवं अपर जिला एवं सेशन न्यायाधीश मोहनलाल सोनी और तालुका विधिक सेवा समिति कठूमर के अध्यक्ष उदय सिंह अलोरिया के निर्देशन में संपन्न हुआ।
शिविर में विद्यालय के प्रधानाचार्य कमल सिंह मीना ने साइबर अपराधों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। वहीं तालुका विधिक सेवा समिति की ओर से पीएलवी अनुजा शर्मा एवं दीपक बालोत ने विद्यार्थियों और ग्रामीणों को जागरूक किया।उन्होंने बताया कि साइबर क्राइम वे अपराध हैं, जो इंटरनेट, मोबाइल या कंप्यूटर के माध्यम से किए जाते हैं। इसमें ऑनलाइन बैंकिंग धोखाधड़ी, फर्जी वेबसाइट या ऐप, सोशल मीडिया हैकिंग, पहचान की चोरी, साइबर बुलिंग और फिशिंग जैसे अपराध शामिल हैं।
कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों को सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 और भारतीय दंड संहिता के तहत साइबर अपराधों से जुड़े कानूनी प्रावधानों और सजा के बारे में जानकारी दी गई।
साथ ही राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा उपलब्ध कराई जाने वाली निःशुल्क कानूनी सहायता, परामर्श और लोक अदालत के माध्यम से समाधान की प्रक्रिया भी समझाई गई।
शिविर में बताया गया कि यदि कोई व्यक्ति साइबर अपराध का शिकार होता है, तो तुरंत राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर संपर्क करें या ऑनलाइन पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएं। साथ ही नजदीकी पुलिस थाने में एफआईआर दर्ज करवाना भी जरूरी है।
प्रतिभागियों को साइबर सुरक्षा के महत्वपूर्ण उपाय भी बताए गए, जिनमें OTP और पासवर्ड साझा न करना, अज्ञात लिंक पर क्लिक न करना, सुरक्षित वेबसाइट से ही लेन-देन करना और सोशल मीडिया की प्राइवेसी सेटिंग मजबूत रखना शामिल है।
शिविर में विद्यालय के स्टाफ और ग्रामीणों सहित कुल 170 लोगों ने भाग लिया और महत्वपूर्ण जानकारी प्राप्त की। कार्यक्रम सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।
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