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    ‘₹2500 का वादा, ₹1000 भी नहीं’, महिला योजना को लेकर स्टालिन का विजय सरकार पर तंज

    चेन्नई: तमिलनाडु में महिलाओं को दी जाने वाली आर्थिक सहायता राशि को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच जुबानी जंग तेज हो गई है। राज्य की पूर्ववर्ती डीएमके सरकार द्वारा शुरू की गई 'कलाइग्नार मगलीर उरिमाई थोगई' योजना के तहत मिलने वाली 1,000 रुपये की मासिक किस्त इस बार 15 तारीख बीत जाने के बाद भी लाभार्थियों के खातों में नहीं पहुंची है। इसी मुद्दे को लेकर डीएमके अध्यक्ष एम.के. स्टालिन ने मुख्यमंत्री जोसेफ विजय की सरकार पर तीखा हमला बोला है और उनसे इस देरी को लेकर कई सवाल पूछे हैं।

    एम.के. स्टालिन का सरकार पर तीखा हमला

    विपक्ष के नेता एम.के. स्टालिन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' के जरिए अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि नियमानुसार यह राशि हर महीने की 15 तारीख तक महिलाओं के बैंक खातों में पहुंच जानी चाहिए थी। उन्होंने मुख्यमंत्री से सवाल किया कि जब विधानसभा में सरकार यह दावा कर रही है कि द्रविड़ मॉडल की सभी जनहितकारी योजनाएं जारी रहेंगी, तो फिर इस पुरानी योजना को चलाने में इतनी देरी क्यों हो रही है? स्टालिन ने तंज कसते हुए यह भी पूछा कि जो सरकार महिलाओं को हर महीने 2,500 रुपये देने का वादा करके सत्ता में आई है, वह अब 1,000 रुपये की मामूली राशि देने में भी असमर्थ क्यों दिख रही है।

    विजय सरकार की सफाई और पुनर्गठन का तर्क

    विपक्ष के आरोपों के बीच मुख्यमंत्री जोसेफ विजय की सरकार ने अपनी स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा है कि मई महीने की किस्त में हो रही देरी किसी योजना को बंद करने का संकेत नहीं है। सरकार की ओर से जारी आधिकारिक बयान में बताया गया कि वर्तमान में इस योजना के ढांचे में कुछ सुधार और पुनर्गठन की प्रक्रिया चल रही है, जिसमें थोड़ा समय लग रहा है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए हैं कि सभी पात्र महिलाओं के खातों में जल्द से जल्द सहायता राशि जमा करा दी जाए ताकि उन्हें किसी भी आर्थिक कठिनाई का सामना न करना पड़े।

    चुनाव पूर्व वादों और नई घोषणाओं का दबाव

    गौरतलब है कि हाल ही में संपन्न हुए विधानसभा चुनावों के दौरान विजय की पार्टी 'टीवीके' ने अपने घोषणापत्र में 60 वर्ष से कम उम्र की महिलाओं को 2,500 रुपये प्रति माह देने का बड़ा वादा किया था। इसी वादे को लेकर अब डीएमके सरकार को घेर रही है कि नई सरकार अपने वादों को पूरा करने के बजाय पुरानी योजनाओं को भी ठीक से लागू नहीं कर पा रही है। हालांकि, इसी बीच मुख्यमंत्री ने सरकारी कर्मचारियों और शिक्षकों के लिए महंगाई भत्ते में दो प्रतिशत की बढ़ोतरी कर उन्हें राहत देने की कोशिश की है, जो 1 जनवरी 2026 से लागू मानी जाएगी।

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