रेल सुविधाओं की मांग: राजधानी ठहराव से लेकर लोकल ट्रेन और अलवर कैंट स्टेशन तक उठी आवाज
अलवर। रेल विकास संघर्ष समिति (RVSS), अलवर के प्रतिनिधिमंडल ने उत्तर पश्चिम रेलवे के महाप्रबंधक अमिताभ को अलवर की प्रमुख रेल समस्याओं एवं यात्री सुविधाओं से जुड़ी विभिन्न मांगों का ज्ञापन सौंपा। समिति ने अलवर जिले की रेल कनेक्टिविटी और यात्री सुविधाओं में सुधार को लेकर कई महत्वपूर्ण सुझाव रखे।
समिति ने मांग की कि 12957/12958 स्वर्ण जयंती राजधानी एक्सप्रेस का अलवर जंक्शन पर दो मिनट का ठहराव दिया जाए। समिति का कहना था कि अलवर एक बड़ा जिला मुख्यालय और पर्यटन नगरी होने के बावजूद इस प्रीमियम ट्रेन का ठहराव यहां नहीं है, जबकि इसी मार्ग पर छोटे स्टेशनों पर रेल रुकती है। समिति के अनुसार इससे उद्योग, व्यापार, शिक्षा और पर्यटन क्षेत्र को लाभ मिलेगा तथा सरिस्का पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा।
प्रतिनिधिमंडल ने चंबल एक्सप्रेस को मथुरा से आगे अलवर–रेवाड़ी–भिवानी मार्ग होते हुए हिसार तक विस्तारित करने की मांग भी रखी। समिति का कहना है कि इससे अलवर को पहली बार कोलकाता से सीधी रेल कनेक्टिविटी मिलेगी और कई धार्मिक एवं सांस्कृतिक स्थलों तक पहुंच आसान होगी।
इसके अलावा बांदीकुई/अलवर से दिल्ली के लिए सुबह और शाम लोकल/ईएमयू ट्रेन चलाने की मांग भी प्रमुखता से उठाई गई। समिति ने बताया कि प्रतिदिन हजारों विद्यार्थी, कर्मचारी और व्यापारी दिल्ली-एनसीआर की यात्रा करते हैं, लेकिन पर्याप्त लोकल रेल सुविधा उपलब्ध नहीं है।
समिति ने बढ़ते रेल दबाव और भविष्य की परियोजनाओं को देखते हुए नए “अलवर कैंट रेलवे स्टेशन” की स्थापना की मांग भी रखी। उनका कहना था कि इससे अलवर जंक्शन पर यात्रियों का दबाव कम होगा और नए रेल मार्गों पर रेल के संचालन में सुविधा मिलेगी।
महाप्रबंधक ने समिति की मांगों को गंभीरता से सुनते हुए सकारात्मक कार्रवाई का आश्वासन दिया।
ज्ञापन सौंपने वालों में कमल कांत खड़िया, अखिलेश शुक्ला, संतोष जैन, गौरव खंडेलवाल, गौरव शर्मा, हरजीत सिंह बिट्टू एवं प्रवीण कुमार शामिल रहे।
मिशनसच न्यूज के लेटेस्ट अपडेट पाने के लिए हमारे व्हाट्सप्प ग्रुप को जॉइन करें।
https://chat.whatsapp.com/JX13MOGfl1tJUvBmQFDvB1
अन्य खबरों के लिए देखें मिशनसच नेटवर्क


