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    गुजरात में भीषण गर्मी, मौसम विभाग ने दिया लेटेस्ट अलर्ट

    अहमदाबाद। गुजरात का अधिकांश हिस्सा इन दिनों भीषण गर्मी और चिलचिलाती धूप की चपेट में है, जिससे जनजीवन पूरी तरह बेहाल हो गया है। राज्य के मुख्य शहरों में पारा बयालीस डिग्री सेल्सियस के आंकड़े को पार कर चुका है, जिससे दोपहर के समय सड़कों पर सन्नाटा पसर जाता है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार आगामी इक्कीस मई तक मौसम के मिजाज में किसी बड़े सुधार की गुंजाइश नहीं है और नागरिकों को इस झुलसाने वाली गर्मी का सामना करना पड़ेगा, हालांकि इसके बाद तापमान में दो से तीन डिग्री की आंशिक गिरावट होने से लोगों को थोड़ी राहत मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।

    सौराष्ट्र में लू का कहर और तटीय इलाकों में येलो अलर्ट

    गुजरात के राजकोट, अमरेली, सुरेंद्रनगर और अहमदाबाद जैसे बड़े केंद्रों में गर्मी के तेवर बेहद आक्रामक बने हुए हैं, जहां सौराष्ट्र के इलाकों में गर्म थपेड़ों यानी लू ने लोगों की मुश्किलें और बढ़ा दी हैं। मौसम विज्ञान केंद्र ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए कच्छ, भावनगर, गिर सोमनाथ, दीव और देवभूमि द्वारका जैसे क्षेत्रों के लिए येलो अलर्ट घोषित किया है। प्रशासन ने आम जनता को स्वास्थ्य के प्रति सचेत रहने की सख्त हिदायत दी है, जिसके तहत दोपहर के समय बिना किसी बेहद जरूरी काम के घरों से बाहर न निकलने और खुद को हाइड्रेटेड रखने की सलाह दी जा रही है।

    आगामी दिनों में सूखा मौसम और प्री-मानसून की सुगबुगाहट

    मौसम विभाग के ताजा पूर्वानुमान के मुताबिक अगले तीन दिनों के दौरान समूचे गुजरात के साथ-साथ दीव, दमन और दादरा नगर हवेली में मौसम पूरी तरह शुष्क बना रहेगा, जिससे ज्यादातर इलाकों में अधिकतम तापमान इकतालीस से चौवालिस डिग्री सेल्सियस के ऊंचे स्तर पर बने रहने के आसार हैं। राहत की बात यह है कि अगले अड़तालीस घंटों के बीतने के बाद वायुमंडल में कुछ नए बदलाव देखने को मिल सकते हैं, जिससे जहां एक तरफ भीषण गर्मी के प्रकोप में थोड़ी कमी आएगी, वहीं दूसरी तरफ राज्य में प्री-मानसून गतिविधियों के सक्रिय होने के शुरुआती संकेत भी मिलने लगेंगे।

    केरल में समय से पहले दस्तक और जून के मध्य में मानसून का आगमन

    इस झुलसाने वाली तपन के बीच एक बेहद सुकून देने वाली खबर भी सामने आई है कि इस साल देश में मानसूनी हवाएं अपने निर्धारित समय से पहले दस्तक दे सकती हैं। बंगाल की खाड़ी के दक्षिण-पश्चिम हिस्से की ओर बढ़ रहे कम दबाव के क्षेत्र के कारण मानसून की रफ्तार तेज हुई है, जिसके चलते इसके पच्चीस से सत्ताइस मई के बीच केरल के तटों पर पहुंचने का अनुमान है। इस भौगोलिक बदलाव का सीधा फायदा गुजरात को भी मिलेगा, जहां आगामी पंद्रह जून के आसपास मानसूनी बादलों के प्रवेश करने की प्रबल संभावना जताई जा रही है, जो झुलसते खेतों और आम जनमानस को बड़ी राहत देगा।

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