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    होम लोन की EMI: क्या आप ज्यादा भुगतान कर रहे हैं?

    मुंबई: हम में से अधिकांश लोगों को लगता है कि बैंक से होम लोन की मंजूरी मिलते ही और नए आशियाने की चाबियां हाथ में आते ही हमने जीवन की एक बहुत बड़ी जंग जीत ली है। इस पल को हम अपनी अंतिम मंजिल मान लेते हैं, लेकिन असलियत इसके बिल्कुल उलट है। सच तो यह है कि घर खरीदना किसी वित्तीय रेस का अंत नहीं, बल्कि एक लंबी और चुनौतीपूर्ण दौड़ की महज शुरुआत है।

    शुरुआत का उत्साह और जमीन पर बदलती हकीकत

    लोन के शुरुआती दौर में सब कुछ बहुत सुहावना और आसान लगता है। हर महीने एक तय ईएमआई (EMI) चुकाना और अपने खुद के घर में रहने का अहसास हमें सुरक्षा की भावना देता है। लेकिन यह उत्साह ज्यादा दिनों तक नहीं टिकता। कुछ ही महीनों के भीतर जब रिजर्व बैंक की नीतियों या बाजार के उतार-चढ़ाव के कारण बैंक ब्याज दरें (Interest Rates) बढ़ाना शुरू करते हैं, तब जेब पर अतिरिक्त दबाव महसूस होने लगता है।

    कागजी हिसाब और जेब के खर्चों का अंतर्विरोध

    लोन लेते समय जो वित्तीय गुणा-भाग कागजों पर बहुत सरल और व्यावहारिक नजर आ रहा था, वह वास्तविक जीवन के घरेलू खर्चों के बीच आकर भारी लगने लगता है। बच्चों की पढ़ाई, मेडिकल इमरजेंसी, रोजमर्रा की महंगाई और उसके ऊपर से बढ़ती ईएमआई का बोझ मिलकर मध्यमवर्गीय परिवार के मासिक बजट को पूरी तरह बिगाड़ देता है। कागजों का आसान सा दिखने वाला यह कर्ज धीरे-धीरे मानसिक और आर्थिक तनाव का बड़ा कारण बन जाता है।

    सबसे बड़ी चूक: लोन लेकर निश्चिंत हो जाना

    घर खरीदारों से सबसे बड़ी चूक यहीं पर होती है। हम अक्सर लोन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद उसे एक 'सेट-एंड-फॉरगेट' (यानी लोन लेकर भूल जाना) सौदा मान लेते हैं। हम यह मान लेते हैं कि अगले 20 या 25 साल तक बस चुपचाप ईएमआई कटती रहेगी। जबकि वित्तीय समझदारी यह कहती है कि लोन को कभी भी लावारिस नहीं छोड़ना चाहिए।

    समय-समय पर वित्तीय समीक्षा है जरूरी

    लोन की अवधि के दौरान आपको समय-समय पर अपने कर्ज की समीक्षा करनी चाहिए। बाजार में जब भी ब्याज दरें कम हों, तो आपको अपने मौजूदा बैंक से दरें घटाने की बात करनी चाहिए या फिर किसी दूसरे बैंक में लोन ट्रांसफर (Home Loan Balance Transfer) करने के विकल्प पर विचार करना चाहिए। इसके अलावा, बोनस या अतिरिक्त आय होने पर लोन का कुछ हिस्सा समय से पहले चुकाना (Pre-payment) भी इस लंबे और थका देने वाले सफर को छोटा और आसान बना सकता है।

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