चेन्नई: तमिलनाडु में लगातार सामने आ रही आपराधिक घटनाओं और बिगड़ती कानून-व्यवस्था को लेकर विपक्ष के नेता और एआईएडीएमके (AIADMK) के महासचिव एडप्पादी के. पलानीस्वामी ने मुख्यमंत्री विजय पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर एक विस्तृत पोस्ट साझा करते हुए राज्य सरकार से अपराधियों के खिलाफ तुरंत और सख्त कार्रवाई करने की मांग की। पलानीस्वामी ने कहा कि मदुरै के कीलामथुर में 10वीं कक्षा की एक छात्रा के साथ हुए कथित यौन उत्पीड़न और प्रसिद्ध मीनाक्षी अम्मन मंदिर के पास एक 17 साल के मासूम युवक की बेरहमी से की गई हत्या की घटनाएं बेहद चौंकाने वाली और विचलित करने वाली हैं। उन्होंने सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि इन संवेदनशील मामलों में सत्ताधारी दल के लोगों के शामिल होने की चर्चाएं आम हैं।
सरकारी कर्मचारियों को धमकाने और लापरवाही के आरोप
पलानीस्वामी ने अपने बयान में राज्य के कुछ अन्य हालिया घटनाक्रमों का भी विशेष रूप से जिक्र किया। उन्होंने तांबरम के पास एक कॉलेज छात्रा को गलत नजर से देखने के आरोप में एक टीआरपी कार्यकर्ता की गिरफ्तारी और थिरुवोत्रियूर में एक सरकारी इंजीनियर के घर जाकर उसे खुलेआम धमकाने की घटना को उठाया। उन्होंने चिंता जताते हुए कहा कि सत्ताधारी दल के कार्यकर्ताओं द्वारा आम जनता और सरकारी कर्मचारियों को डराने-धमकाने का चलन लगातार बढ़ता जा रहा है। इसके अलावा, एआईएडीएमके नेता ने सेलम जिले के ओमालुर में हुई एक दुखद घटना पर भी सरकार को घेरा, जहाँ बारिश के पानी से भरी एक रेलवे सुरंग में कार फंसने से पति-पत्नी की मौत हो गई थी। उन्होंने आरोप लगाया कि स्थानीय प्रशासन ने समय रहते पानी निकालने का कोई इंतजाम नहीं किया, जिसकी वजह से दो बेगुनाह लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी।
प्रचार छोड़ जमीन पर काम करने की नसीहत
मुख्यमंत्री पर सीधा तंज कसते हुए पलानीस्वामी ने कहा कि विधानसभा चुनाव के दौरान जनता से एक अच्छी सरकार और बड़े बदलाव का वादा किया गया था, लेकिन आज हकीकत यह है कि पूरे तमिलनाडु में अराजकता और भय का माहौल बन चुका है। उन्होंने आरोप लगाया कि मौजूदा सरकार जमीनी स्तर पर काम करने के बजाय केवल सोशल मीडिया पर अपना प्रचार करने में व्यस्त है, जबकि राज्य की आम जनता खुद को पूरी तरह असुरक्षित महसूस कर रही है। उन्होंने मुख्यमंत्री से भावुक अपील करते हुए कहा कि यदि उन्हें सचमुच राज्य की जनता की परवाह है, तो वे सोशल मीडिया से बाहर आएं और तमिलनाडु में कानून का राज व शांति बहाल करने के लिए तुरंत प्रभावी और कड़े कदम उठाएं।


