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    दुनिया का सबसे सुरक्षित वीवीआईपी विमान? जानिए ट्रंप के नए एयर फोर्स वन की विशेषताएं

    वाशिंगटन। वैश्विक महाशक्ति अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने वाशिंगटन के समीप स्थित एंड्रयूज एयरफोर्स बेस पर अमेरिकी राष्ट्रपतियों के आधिकारिक उपयोग के लिए तैयार किए गए नए 'एयर फोर्स वन' विमान का अनावरण किया है। यह विमान पहले खाड़ी देश कतर के राजपरिवार के पास बोइंग बिजनेस जेट के रूप में मौजूद था, जिसे बाद में कतर सरकार द्वारा अमेरिका को एक राजकीय सौगात के रूप में भेंट किया गया। अब सभी आवश्यक सुरक्षा जांचों और बदलावों के बाद इसे राष्ट्रपति के मुख्य आधिकारिक विमान के रूप में बेड़े में शामिल करने की अंतिम तैयारियां पूरी हो चुकी हैं।

    विमान का प्रदर्शन करते हुए ट्रंप ने कतर के अमीर शेख तमीम बिन हमद अल थानी का विशेष रूप से आभार व्यक्त किया। उन्होंने इसे वैश्विक मंच पर अमेरिका के बढ़ते प्रभाव का प्रतीक और दुनिया का सबसे शानदार विमान बताया। उन्होंने दावा किया कि यह 'उड़ता हुआ व्हाइट हाउस' तकनीकी और सामरिक दृष्टि से अन्य देशों के राष्ट्राध्यक्षों के विमानों की तुलना में कहीं अधिक प्रभावशाली है।

    कैसा है नया एयर फोर्स वन और क्या हैं इसकी खूबियां?

    अंतरराष्ट्रीय नागरिक उड्डयन रिपोर्टों के अनुसार, इस नए विमान में अमेरिकी राष्ट्रपति की सुरक्षा और गरिमा के अनुकूल कई बड़े तकनीकी व संरचनात्मक बदलाव किए गए हैं:

    • रंग और रूप में बदलाव: दशकों से एयर फोर्स वन की पहचान रहे पारंपरिक हल्के नीले रंग की जगह अब इस नए विमान को गहरे नीले, चटख लाल और सफेद रंग की आधुनिक थीम दी गई है। विमान के मुख्य हिस्से पर राष्ट्रपति की आधिकारिक मुहर और पिछले हिस्से (पूंछ) पर एक विशाल अमेरिकी ध्वज अंकित किया गया है।

    • विशाल आकार (बोइंग 747-8आई): यह विमान वर्तमान में उपयोग हो रहे राष्ट्रपति के विमानों से लगभग 18 फीट अधिक लंबा है। इसके विंगस्पैन (पंखों का फैलाव) में भी 30 फीट की बढ़ोतरी की गई है, जिससे इसका केबिन काफी चौड़ा हो गया है। इसी विशालता के कारण विशेषज्ञ इसे 'पैलेस इन द स्काई' (आसमान का महल) कह रहे हैं। सामरिक क्षेत्र में इसे औपचारिक रूप से 'वीसी-25बी ब्रिज विमान' का नाम दिया गया है।

    • अभेद्य सुरक्षा चक्र: इस विमान के पंखों में अत्याधुनिक 'मिरर-बॉल डिफेंस सिस्टम' लगाया गया है, जो दुश्मन की इन्फ्रारेड गाइडेड मिसाइलों को आसानी से चकमा दे सकता है। इसके अलावा इसमें 'ईसीएम डिफेंस सिस्टम' (इलेक्ट्रॉनिक काउंटरमेजर) भी मौजूद है, जो दुश्मन के रडार को जाम करने में सक्षम है। यह विमान 1050 किमी/घंटा की तीव्र रफ्तार से उड़ान भर सकता है।

    • लागत और आलीशान सुविधाएं: कतर से मिले इस विमान को वीवीआईपी सुरक्षा मानकों के अनुरूप अपग्रेड करने में अमेरिकी सरकार को करीब 40 करोड़ डॉलर (लगभग ₹3300 करोड़ से अधिक) की लागत आई है। विमान के भीतर एक अत्याधुनिक मेगा किचन और डाइनिंग रूम बनाया गया है, जहां एक बार में 2,000 लोगों के लिए भोजन की व्यवस्था की जा सकती है। साथ ही राष्ट्रपति के लिए एक विशेष सुइट तैयार किया गया है, जिसमें निजी ड्रेसिंग रूम, आधुनिक शौचालय और एक जिम भी शामिल है। इसके अलावा, ट्रंप ने खुलासा किया कि इसमें चौबीसों घंटे हाई-स्पीड कनेक्टिविटी के लिए स्पेसएक्स की स्टारलिंक सैटेलाइट इंटरनेट सेवा भी जोड़ी गई है।

    आखिर क्यों पड़ी नए अस्थायी 'ब्रिज विमान' की जरूरत?

    वर्तमान में अमेरिकी राष्ट्रपति जिन दो वीसी-25ए विमानों (बोइंग 747-200बी मॉडल) का उपयोग करते हैं, वे 1990 के दशक की शुरुआत से सेवा में हैं। लगभग 35 वर्ष पुराने होने के कारण इन विमानों के रखरखाव और तकनीकी मरम्मत में अब काफी अधिक समय और खर्च होने लगा था। बोइंग कंपनी द्वारा नए स्थायी विमानों की डिलीवरी में हो रही देरी को देखते हुए अमेरिकी वायुसेना ने 'ब्रिज प्रोग्राम' की शुरुआत की।

    इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि जब तक 2028 तक पूरी तरह से नए वीसी-25बी स्थायी विमान बनकर तैयार नहीं हो जाते, तब तक राष्ट्रपति के पास उड़ान भरने के लिए हमेशा एक सुरक्षित, विश्वसनीय और आधुनिक विमान उपलब्ध रहे। कतर से मिला यह विमान इसी अस्थायी कमी (ब्रिज) को पूरा करने का काम करेगा।

    विदेशी उपहार को लेकर अमेरिका में क्यों छिड़ा है विवाद?

    ट्रंप द्वारा किसी विदेशी सरकार से मिले विमान को राष्ट्रपति के मुख्य बेड़े में शामिल करने के फैसले पर अमेरिका के राजनीतिक गलियारों और सुरक्षा विशेषज्ञों के बीच एक नई बहस छिड़ गई है। कुछ रिपब्लिकन नेताओं और रक्षा विश्लेषकों ने सवाल उठाए हैं कि विदेशी धरती से आया विमान तकनीकी और खुफिया सुरक्षा के लिहाज से देश के राष्ट्राध्यक्ष के लिए कितना सुरक्षित हो सकता है।

    सुरक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे संवेदनशील मामलों में विमान के कोने-कोने की तकनीकी जांच और जासूसी उपकरणों (बग्स) की स्क्रूटनी के लिए बेहद कड़े प्रोटोकॉल की आवश्यकता होती है। हालांकि, इन आलोचनाओं को खारिज करते हुए राष्ट्रपति ट्रंप ने तर्क दिया कि इतने अत्याधुनिक विमान को मुफ्त में हासिल करना देश के खजाने के हित में है और इससे पुराने विमानों के बेड़े पर पड़ रहा अत्यधिक दबाव कम होगा।

    अमेरिकी वायुसेना का क्या है रुख?

    अमेरिकी वायुसेना ने 19 जून को जारी अपने आधिकारिक बयान में स्पष्ट किया कि यह वीसी-25बी ब्रिज एयरक्राफ्ट अब 'प्रेसिडेंशियल एयरलिफ्ट ग्रुप' को सौंप दिया गया है और इसकी शुरुआती परिचालन उड़ानें शुरू हो चुकी हैं। वायुसेना के सचिव ट्रॉय मिंक और वायुसेना प्रमुख जनरल केन विल्सबैक ने संयुक्त रूप से कहा कि राष्ट्रपति की सुरक्षा से किसी भी स्तर पर कोई समझौता नहीं किया गया है।

    विशेषज्ञों की एक अंतर-एजेंसी टीम ने इस विमान के लिए विशेष सुरक्षा प्रोटोकॉल विकसित किए हैं। इन कमीशनिंग उड़ानों के माध्यम से यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि विमान मुख्य कार्यकारी अधिकारी, सेनाध्यक्ष और राष्ट्राध्यक्ष के रूप में राष्ट्रपति की तीनों संवैधानिक भूमिकाओं की कसौटियों पर पूरी तरह खरा उतरे। वायुसेना के प्रवक्ता ने यह भी साफ किया कि पुराने वीसी-25ए विमानों को अभी रिटायर नहीं किया जाएगा; वे भी मिशन की आवश्यकताओं के आधार पर नए विमान के साथ सेवा में बने रहेंगे।

    स्वतंत्रता दिवस पर फ्लाईपास्ट और अंतरराष्ट्रीय दौरों की योजना

    इस नए एयर फोर्स वन विमान को लेकर राष्ट्रपति ट्रंप की योजनाएं काफी बड़ी हैं। आगामी महीने में तुर्किये में आयोजित होने वाले नाटो (NATO) शिखर सम्मेलन और नवंबर में चीन में होने वाले एपेक (APEC) शिखर सम्मेलन के दौरान राष्ट्रपति इसी नए विमान से अंतरराष्ट्रीय यात्रा करेंगे। इसके साथ ही, उन्होंने घोषणा की है कि आगामी 4 जुलाई को अमेरिकी स्वतंत्रता दिवस के भव्य समारोह के दौरान यह अत्याधुनिक विमान वाशिंगटन में व्हाइट हाउस के ऊपर होने वाले पारंपरिक फ्लाईपास्ट का नेतृत्व करेगा।

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